महतारी वंदन KYC फर्जीवाड़ा : 113 महिलाओं के नाम पर निकाली 980 बोरी खाद

Umeshwari Baghel | Jul 13, 2026, 22:29 IST
महतारी वंदन KYC घोटाला
बलरामपुर के कुंदीकला गांव में महतारी वंदन योजना की KYC के नाम पर महिलाओं के आधार और बायोमेट्रिक के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। जांच में 113 महिलाओं के नाम पर 980 बोरी खाद फर्जी तरीके से निकाली गई।

समझें क्या है पूरा मामला

Balrampur। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से सरकारी योजना के नाम पर धोखाधड़ी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां महतारी वंदन योजना की KYC कराने के बहाने महिलाओं से लिए गए आधार और बायोमेट्रिक का कथित दुरुपयोग कर खाद निकालने का मामला सामने आया है। जांच में पता चला कि 113 महिलाओं के नाम पर करीब 980 बोरी खाद का फर्जी आहरण किया गया।



मामले में पुलिस ने CSC सेंटर संचालक और खाद विक्रेता सहित दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। दोनों आरोपी आपस में रिश्ते में भाई बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने मामले की जांच के बाद कार्रवाई शुरू कर दी है।



KYC के नाम पर महिलाओं से लिया गया आधार और अंगूठा

यह पूरा मामला बलरामपुर जिले के राजपुर विकासखंड के कुंदीकला गांव का है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में महतारी वंदन योजना की KYC कराने के नाम पर महिलाओं से आधार कार्ड और अंगूठे का निशान लिया गया था।



महिलाओं को बताया गया कि उनका योजना से जुड़ा काम पूरा किया जा रहा है। लेकिन बाद में इसी जानकारी और बायोमेट्रिक का इस्तेमाल खाद निकालने में कर लिया गया। कई महिलाओं को इसकी जानकारी तब हुई जब किसानों को खाद की कमी का सामना करना पड़ा।



ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत 25 जून 2026 को कलेक्टर के नाम SDM कार्यालय और राजपुर थाने में की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि महिलाओं की जानकारी के बिना उनके नाम पर खाद का उठाव किया गया है।



जांच में सामने आया 980 बोरी खाद का हिसाब

शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कराई। नायब तहसीलदार स्तर पर की गई जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई। जांच रिपोर्ट के अनुसार 113 महिलाओं के नाम पर कुल 980 बोरी खाद निकाली गई थी।



इसमें 926 बोरी यूरिया और 54 बोरी DAP खाद शामिल थी। जांच अधिकारियों ने पाया कि जिन महिलाओं के नाम पर खाद निकाली गई, उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी।



प्रशासन की जांच में सामने आया कि इस पूरे मामले में CSC सेंटर की आईडी और खाद विक्रेता की डीलर आईडी का इस्तेमाल किया गया।



CSC संचालक और खाद डीलर पर मिलीभगत का आरोप

जांच में दीपक कुमार सांडिल्य और विनोद कुमार सांडिल्य की भूमिका सामने आई है। दीपक कुमार सांडिल्य कुंदीकला में CSC सेंटर संचालित करता है। वहीं उसके भाई विनोद कुमार सांडिल्य के नाम से अनुराग कृषि सेवा केंद्र के नाम पर खाद की डीलरशिप है।



आरोप है कि दीपक के CSC सेंटर की आईडी के जरिए महिलाओं की KYC प्रक्रिया पूरी की गई। इसी दौरान महिलाओं से अंगूठा लगवाया गया। बाद में उसी बायोमेट्रिक का इस्तेमाल कर खाद का फर्जी उठाव कर लिया गया।



जांच रिपोर्ट के मुताबिक महिलाओं को इस बात की जानकारी नहीं दी गई कि उनके नाम पर खाद निकाली जा रही है। इस प्रक्रिया से वास्तविक किसानों को खाद मिलने में परेशानी हुई।



महतारी वंदन KYC घोटाला


प्रशासन ने कार्रवाई के लिए भेजी अनुशंसा

जांच पूरी होने के बाद राजपुर SDM देवेंद्र प्रधान ने पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद राजपुर थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।



पुलिस ने आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। इसमें साझा आपराधिक कृत्य, धोखाधड़ी और दस्तावेजों से जुड़ी जालसाजी जैसी धाराएं शामिल हैं।



इसके अलावा प्रशासन ने CSC सेंटर की आईडी और अनुराग कृषि सेवा केंद्र की खाद डीलर आईडी को निरस्त करने की अनुशंसा भी की है।



सरकारी योजनाओं में डिजिटल धोखाधड़ी पर उठे सवाल

इस घटना ने सरकारी योजनाओं में डिजिटल प्रक्रिया के गलत इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्तमान समय में कई योजनाओं में आधार और बायोमेट्रिक सत्यापन जरूरी होता है। ऐसे में लोगों की निजी जानकारी का सुरक्षित इस्तेमाल बड़ी चुनौती बन गया है।



प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी योजना के नाम पर आधार कार्ड, OTP या बायोमेट्रिक जानकारी साझा करने से पहले पूरी जानकारी जरूर लें।



वहीं पुलिस अब मामले की आगे जांच कर रही है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि इस फर्जीवाड़े में कितने समय से यह प्रक्रिया चल रही थी और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं।



IMP FACTS

मामला: महतारी वंदन योजना KYC के नाम पर कथित खाद फर्जीवाड़ा


स्थान: कुंदीकला गांव, राजपुर विकासखंड, बलरामपुर जिला, छत्तीसगढ़


शिकायत की तारीख: 25 जून 2026


जांच अधिकारी: नायब तहसीलदार स्तर की जांच


फर्जी खाद आहरण: 980 बोरी


प्रभावित महिलाएं: 113


यूरिया खाद: 926 बोरी


DAP खाद: 54 बोरी


आरोप: महिलाओं के आधार और बायोमेट्रिक का कथित दुरुपयोग


आरोपी: दीपक कुमार सांडिल्य और विनोद कुमार सांडिल्य


दीपक की भूमिका: CSC सेंटर संचालक


विनोद की भूमिका: अनुराग कृषि सेवा केंद्र खाद डीलर


कार्रवाई: राजपुर थाने में FIR दर्ज


लगाई गई धाराएं: BNS के तहत धोखाधड़ी, जालसाजी और साझा आपराधिक कृत्य से जुड़ी धाराएं


प्रशासनिक कार्रवाई: CSC आईडी और खाद डीलर आईडी निरस्त करने की अनुशंसा


जांच जारी: फर्जीवाड़े की अवधि और अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी है।



FAQ

  1. बलरामपुर में महतारी वंदन योजना के नाम पर क्या धोखाधड़ी हुई?
    महतारी वंदन योजना की KYC कराने के बहाने महिलाओं से लिए गए आधार और बायोमेट्रिक का कथित दुरुपयोग कर उनके नाम पर खाद का फर्जी उठाव किया गया।
  2. कितनी महिलाओं के नाम पर कितनी खाद निकाली गई?
    जांच में सामने आया कि 113 महिलाओं के नाम पर करीब 980 बोरी खाद निकाली गई। इसमें 926 बोरी यूरिया और 54 बोरी DAP शामिल थी।
  3. मामले में पुलिस ने किन लोगों पर कार्रवाई की है?
    पुलिस ने CSC सेंटर संचालक दीपक कुमार सांडिल्य और खाद विक्रेता विनोद कुमार सांडिल्य के खिलाफ FIR दर्ज की है। दोनों पर धोखाधड़ी और जालसाजी जैसी धाराओं में कार्रवाई की गई है।

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