76 करोड़ का फर्जीवाड़ा, बिना माल खरीदे करोड़ों की टैक्स छूट पर संचालक अरेस्ट
Umeshwari Baghel | Jun 24, 2026, 22:59 IST
76 करोड़ का फर्जी बिल घोटाला
राजनांदगांव में GST विभाग ने 76 करोड़ के फर्जी बिलिंग घोटाले का खुलासा किया। फर्म ने कागजों पर कारोबार दिखाकर 8.22 करोड़ की ITC ली, लेकिन असली माल की कोई आवाजाही नहीं मिली। संचालक गिरफ्तार, कई अन्य फर्मों की जांच जारी है।
समझें क्या है पूरा मामला
कागजों पर कारोबार, असल में कोई माल नहीं
इसी दौरान करीब 8.22 करोड़ रुपए की इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) को संदिग्ध पाया गया। अधिकारियों का मानना है कि इस पूरे नेटवर्क के जरिए सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
पश्चिम बंगाल की फर्मों से जुड़े फर्जी बिलों का खेल
अधिकारियों के मुताबिक इन फर्जी बिलों का इस्तेमाल केवल टैक्स में गलत तरीके से लाभ लेने के लिए किया गया और इसी आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल किया गया।
फर्जी ITC से सरकारी खजाने को नुकसान की आशंका
प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि किसी भी माल की वास्तविक आवाजाही के प्रमाण मौजूद नहीं हैं। न तो परिवहन दस्तावेज सही पाए गए और न ही सप्लाई चेन का कोई ठोस रिकॉर्ड मिला। इससे यह आशंका मजबूत हो गई है कि यह पूरा मामला केवल कागजी कारोबार और बोगस बिलिंग पर आधारित है।
IMP FACTS
8.22 करोड़ की फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का खुलासा
असली माल की खरीद-बिक्री का कोई सबूत नहीं मिला
पश्चिम बंगाल की फर्मों के जरिए फर्जी बिलिंग नेटवर्क चला
फर्म संचालक गिरफ्तार, 14 दिन की कस्टोडियल रिमांड पर जांच जारी
संचालक गिरफ्तार, कई और नाम जांच के घेरे में
विभाग अब बैंक खातों के लेन-देन, ई-वे बिल सिस्टम, ट्रांसपोर्ट रिकॉर्ड और अन्य संबंधित कंपनियों की भूमिका की भी जांच कर रहा है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि इस घोटाले में कई अन्य व्यक्ति और फर्म भी शामिल हो सकते हैं, जो फर्जी बिलिंग सिस्टम का हिस्सा बनकर काम कर रहे थे।
आगे की जांच जारी, और बड़े खुलासों की उम्मीद
अधिकारियों ने यह भी कहा है कि ईमानदार करदाताओं के हितों की रक्षा करना उनकी प्राथमिकता है और फर्जी ITC तथा बिलिंग के जरिए आर्थिक अपराध करने वालों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।
FAQ
- यह GST घोटाला क्या है?
इसमें फर्म ने बिना वास्तविक माल खरीदे-बेचे 76 करोड़ का फर्जी कारोबार दिखाया और टैक्स लाभ लिया। - कितनी टैक्स चोरी सामने आई है?
जांच में करीब 8.22 करोड़ रुपए की फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) संदिग्ध पाई गई है। - क्या किसी की गिरफ्तारी हुई है?
हां, फर्म के संचालक को गिरफ्तार कर 14 दिन की कस्टोडियल रिमांड पर भेजा गया है।
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