महतारी वंदन योजना में अब ई-केवाईसी अनिवार्य, 15 दिन में नहीं कराया तो रुक जाएगी ₹1000 की राशि
Raipur. छत्तीसगढ़ सरकार ने धमतरी जिले में महतारी वंदन योजना के तहत लाभ पाने वाली पात्र महिलाओं के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) को अनिवार्य कर दिया है। शासन के आदेश के अनुसार, सभी हितग्राही महिलाओं को 15 दिनों के भीतर ई-केवाईसी अपडेट कराना जरूरी है। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल ओपन कर दिया गया है और महिलाएं किसी भी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) से यह प्रक्रिया पूरी कर सकती हैं।
5 मार्च 2024 से शुरू हुई योजना
महतारी वंदन योजना का शुभारंभ 5 मार्च 2024 को हुआ था। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश की पात्र विवाहित महिलाओं को हर महीने ₹1000 की आर्थिक सहायता प्रदान करना है। धमतरी जिले में इस योजना के लिए कुल 2,36,719 महिलाओं ने आवेदन किया था। सत्यापन के बाद 2,35,507 महिलाएं पात्र पाई गईं, जबकि 563 आवेदन अपात्र घोषित किए गए।
कितनी महिलाओं को मिला लाभ
महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, अक्टूबर माह में 2,25,645 हितग्राही महिलाओं को ₹22 करोड़ 56 लाख 52 हजार रुपए की राशि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए उनके बैंक खातों में भेजी गई। अब तक योजना के तहत 2472 हितग्राही महिलाओं की मृत्यु हो चुकी है, जिनके नाम सूची से हटाए गए हैं। साथ ही 1057 हितग्राहियों के नाम होल्ड में हैं, जिन्हें फिलहाल राशि नहीं मिल पा रही है।
ई-केवाईसी क्यों जरूरी है?
यह हो रही हैं प्रमुख दिक्कतें
ई-केवाईसी अपडेट कराने में कई हितग्राहियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य कारण इस प्रकार हैं:
- आधार कार्ड में नाम या पता की स्पेलिंग गलती
- मोबाइल नंबर आधार से लिंक न होना
- बैंक खाते का विवरण मेल न खाना
इन समस्याओं के कारण कई महिलाएं पहले आधार सेवा केंद्र जाकर सुधार आवेदन कर रही हैं, ताकि बाद में ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी हो सके।
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अब तक कितनी महिलाओं ने कराया ई-केवाईसी
धमतरी जिले में अब तक 11 हजार से अधिक महिलाओं ने अपनी ई-केवाईसी (Mahatari Vandan Yojana E-KYC) अपडेट करा ली है। बाकी महिलाओं से भी शासन ने 15 दिन के भीतर प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है, ताकि उन्हें योजना की आगामी राशि में किसी प्रकार की बाधा न आए।
महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब शासन ई-केवाईसी के माध्यम से यह सुनिश्चित करना चाहता है कि केवल वास्तविक और पात्र लाभार्थी ही योजना का लाभ प्राप्त करें। हालांकि, आधार मिसमैच और दस्तावेजी त्रुटियों के कारण कई महिलाओं को दिक्कतें हो रही हैं, लेकिन विभाग द्वारा इन्हें शीघ्र हल करने के निर्देश जारी किए गए हैं।