रायपुर में NGO संचालक माणिक मेहता की मौत, संदिग्ध परिस्थितियों में मिला शव

Aishwarya Dwivedi | May 13, 2026, 11:21 IST
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रायपुर के सरोना में एनजीओ संचालक माणिक मेहता का शव उनके फ्लैट के किचन में संदिग्ध हालत में मिला। पुलिस मोबाइल चैट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

NEWS IN SHORT

सरोना की इंद्रप्रस्थ कॉलोनी में मिला माणिक मेहता का शव।


किचन के वॉश बेसिन में सिर के बल गिरे मिले।


पुलिस ने संदिग्ध मौत मानकर जांच और पूछताछ शुरू की।


जब्त मोबाइल फोन के चैट्स से खुल सकते हैं राज।


पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की असल वजह मिलेगी।



NEWS IN DETAIL

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सरोना स्थित इंद्रप्रस्थ कॉलोनी में मंगलवार दोपहर उस वक्त सनसनी फैल गई, जब शहर के चर्चित व्यक्तित्व मिक्की मेहता के भाई और (NGO) एनजीओ संचालक माणिक मेहता (56) का शव उनके ही फ्लैट में संदिग्ध अवस्था में मिला। माणिक मेहता पिछले एक साल से यहां किराए के मकान में अकेले रह रहे थे।



वॉश बेसिन के पास मिले माणिक

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, माणिक मेहता सरोना की इंद्रप्रस्थ कॉलोनी के ब्लॉक नंबर 10 में लखन सिंह के फ्लैट में रहते थे। मंगलवार दोपहर पड़ोसियों ने उनके फ्लैट का दरवाजा खुला देखा। काफी देर तक कोई हलचल न होने पर जब पड़ोसियों ने आवाज दी और अंदर जाकर देखा, तो वे दंग रह गए। माणिक मेहता किचन के वॉश बेसिन में सिर के बल औंधे मुंह गिरे हुए थे और उनके शरीर में कोई हरकत नहीं थी।



पुलिस की शुरुआती जांच और आशंकाएं

सूचना मिलते ही डीडी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस के मुताबिक पड़ोसियों ने माणिक को आखिरी बार सोमवार दोपहर को जीवित देखा था। उसके बाद से वे बाहर नहीं निकले। प्रारंभिक जांच में पुलिस को अंदेशा है कि किचन में काम करने या बर्तन साफ करने के दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने या हार्ट अटैक आने की वजह से वे वॉश बेसिन में सिर के बल गिरे होंगे, जिससे उनकी मौत हो गई। हालांकि, शव जिस स्थिति में मिला और फ्लैट का दरवाजा खुला होना, पुलिस के मन में संदेह पैदा कर रहा है। इसलिए मामले को 'संदिग्ध मृत्यु' की श्रेणी में रखकर जांच की जा रही है।



मोबाइल चैट खोल सकते हैं राज

पुलिस ने घटनास्थल से माणिक मेहता का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। बताया जा रहा है कि फोन की शुरुआती जांच में कुछ महत्वपूर्ण चैट्स मिले हैं, जिनकी गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मौत से पहले उनकी बात किससे हुई थी और क्या वे किसी मानसिक तनाव या विवाद से गुजर रहे थे।



परिजनों का इंतजार, पीएम रिपोर्ट पर टिकी नजर

मूल रूप से भिलाई के रहने वाले माणिक मेहता के एनजीओ के माध्यम से कई लोगों से संपर्क थे, लेकिन हैरानी की बात यह है कि घटना के कई घंटों बाद भी कोई नजदीकी रिश्तेदार पुलिस के सामने नहीं आया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए मरचुरी में रखवा दिया गया है।



इस मामले में पुलिस आधिकारिक का कहना है की "मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। हम सभी पहलुओं, जिसमें व्यक्तिगत रंजिश या स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं शामिल हैं, पर बारीकी से गौर कर रहे हैं।"



इस घटना ने पॉश कॉलोनी कही जाने वाली इंद्रप्रस्थ सोसाइटी की सुरक्षा और अकेले रहने वाले लोगों की मॉनिटरिंग पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब कॉलोनी के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है ताकि सोमवार से मंगलवार के बीच फ्लैट में आने-जाने वाले लोगों की पहचान की जा सके।



निष्कर्ष

माणिक मेहता की मौत ने सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि प्राथमिक दृष्टि में यह हादसा लग रहा है, लेकिन मोबाइल चैट और संदिग्ध परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह सामान्य दुर्घटना थी या कोई सोची-समझी साजिश।



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