मार्शल संगा को उसका ससुराल प्रेम ले डूबा, साले-ससुर की स्थिति सुधारने उगा रहा था अफीम
RAIPUR. झारखंड के रहने वाला मार्शल संगा अपने ससुराल प्रेम के कारण पुलिस की गिरफ्त में है। दरअसल 7 साल पहले मार्शल की शादी रायगढ़ में हुई थी। शादी के करीब 6 महीने बाद ही वह घर जमाई बन ससुराल में ही रहने लगा। ससुराल की आर्थिक हालत खराब थी। जिसे सुधारने उसने अफीम के खेती की योजना बनाई और पुलिस की गिरफ्त में आ गया। पुलिस ने उसके पास से मूल्य 2 करोड़ 5 लाख 10 हजार रुपए का अफीम जब्त किया है।
अफीम सौदागर बनने की योजना फेल
दरअसल, मार्शल संगा एक ठेकेदार के अंडर मजदूरी करता था। इसके लिए कभी ओड़िसा तो पश्चिम बंगाल जाता। पत्नी की डिमांड पर उसे उसके मायके लाकर छोड़ दिया। मार्शल यहीं से कुछ महीनों के लिए बाहर जाता फिर कुछ पैसे कमा वापस आ जाता। मार्शल को परिवार से बाहर रहना रास नहीं आता था। जिसके बाद उसने ससुराल में रहकर पैसा कमाने की योजना बनाई। जिससे उसका और उसके ससुराल पक्ष को आर्थिक तंगी से निजात मिले।
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झारखंड से बुलाया चचेरे भाईयों को
मार्शल संगा के चचेरे भाई अफीम की खेती जानते थे। इसलिए उनके सहयोग से मार्शल ने छग में अफीम उगाने की योजना बनाई। उसने ससुर की ऐसी पुश्तैनी जमीन का चुना जहां तक कोई नहीं पहुंच सकता था। चचेरे भाईयों की सहायता से मार्शल ने खेती सीखी और झारखंड के ट्रेंड मजदूरों खेती करने लगा।
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मजदूरी रखी जारी
किसी को शक ना हो इसलिए मार्शल अभी भी मजदूरी कर रहा था। करीब एक एकड़ में अफीम की फसल लगाने के बाद मार्शल मजदूरी करने कोलकाता चला गया था। हालांकि अभी कुछ दिनों पहले वह रागगढ़ वापस आया था।
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अफीम की खबर ने किया बेचैन
जब छत्तीसगढ़ में अलग-अलग जगहों से अफीम पकड़े जाने लगी तो मार्शल इस खबर से बेचौन हो गया। आनन-फानन में उसने अफीम निकालने का काम शुरु किया। हालांकि मार्शल की किस्मत ने साथ नहीं दिया। पुलिस की रेड में वह पकड़ा गया।
दूसरे साल खेती की आशंका
प्रशासन के अनुसार मार्शल ने इस साल से ही अफीम के खेती की शुरुआत की थी। लेकिन उसके ससुराल से पुलिस ने करीब 3 किलो अफीम बरामद किया है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि ये पिछले साल का अफीम हो सकता है। क्योंकि अफीम के खेती की शुरुआत नवंबर में होती है। जबकि दूध निकालने की प्रक्रिया अभी शुरु हो रही है।
ससुर ले चुका था जमीन का मुआवजा
दरअसल मार्शल के ससुर की पुश्तैनी जमीन केलो नदी के कछार पर थी। जो लाखर गांव के केलो परियोजना सरकार ने ले ली थी। मार्शल के ससुराल पक्ष को इसका मुआवजा भी मिल गया था। ऐसे में वहां न तो खेती होती थी और न ही वहां कोई आता जाता था। इस कारण से मार्शल ने वहां एक एकड़ जमीन पर अफीम उगाने की योजना बनाई। लोगों की नजर ना पड़े इसलिए वहां तरबूज उगाने लगा।