दुल्हनों को थमा दिया नकली मंगलसूत्र, मुख्यमंत्री कन्या विवाह में भ्रष्टाचार

VINAY VERMA | Jun 13, 2026, 22:07 IST
मुख्यमंत्री कन्या विवाह में नकली मंगलसूत्र 2026
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 189 नवविवाहिताओं को आशीर्वाद में नकली मंगलसूत्र दिए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ दिनों में ही मंगलसूत्र काले पड़ गए, जिसके बाद उनकी गुणवत्ता पर सवाल उठे, जांच में गिलट धातु होने का दावा किया गया है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • 189 दुल्हनों को दिए गए नकली मंगलसूत्र
  • कुछ दिन में काला पड़ा, जांच में गिलट होने का दावा
  • नवविवाहिताओं ने मांगा नया मंगलसूत्र खरीदने के लिए पैसा
  • कलेक्टर ने जांच बैठाई, विभागीय भूमिका सवालों में
  • पहले 5 हजार वसूली का खुलासा, अब नया विवाद

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना फिर सवालों में है। इस बार मामला एमसीबी जिले से सामने आया है। आरोप है कि नवविवाहिताओं को नकली मंगलसूत्र थमा दिए गए। शादी के नाम पर सरकारी योजना में बड़ा खेल होने की चर्चा है। दुल्हनों ने अब मुआवजे की मांग शुरू कर दी है।



10 फरवरी को हुई थी 189 जोड़ों की शादी

खड़गवां ब्लॉक के चनवारीडांड में 10 फरवरी 2026 को सामूहिक विवाह कार्यक्रम हुआ था। इसमें 189 जोड़ों की शादी कराई गई। योजना के तहत दुल्हनों को मंगलसूत्र और अन्य सामग्री दी गई। कुछ ही दिनों बाद विवाद शुरू हो गया। कई दुल्हनों ने मंगलसूत्र की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए। इसमें स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी शामिल हुए थे, कार्यक्रम के दौरान उन्होंने नवविवाहिताओं को आशीर्वाद में मंगलसूत्र दिया था।



पहनते ही काला पड़ गया मंगलसूत्र

नवविवाहिताओं का आरोप है कि मंगलसूत्र का रंग तेजी से बदलने लगा। कुछ ही दिनों में वह काला पड़ गया। इसके बाद कई महिलाओं ने स्थानीय स्तर पर जांच कराई। दावा किया गया कि मंगलसूत्र में चांदी नहीं थी। उसकी जगह गिलट का उपयोग किया गया था। यही दावा अब पूरे विवाद की जड़ बन गया है।



दुल्हनों का आरोप, हमें ठगा गया

संजना दयाल, नीता, साधना और सरोज समेत कई महिलाओं ने खुलकर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि गरीब परिवारों की बेटियों के नाम पर मजाक किया गया। शादी के सबसे महत्वपूर्ण प्रतीक को भी नहीं छोड़ा गया। महिलाओं ने कहा कि नकली मंगलसूत्र देने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।



28 लाख से ज्यादा वसूली का दावा

पीड़ित पक्ष ने बड़ा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विवाह कार्यक्रम में शामिल 189 जोड़ों से रकम वसूली गई। आंकड़ों के मुताबिक करीब 28 लाख 35 हजार रुपए लिए गए। यानी औसतन 15 हजार रुपए प्रति जोड़ा। अब सवाल उठ रहा है कि जब राशि ली गई तो फिर निम्नस्तरीय सामग्री क्यों बांटी गई?



नया मंगलसूत्र खरीदने के लिए मांगी राशि

दुल्हनों ने प्रशासन से सीधी मांग रखी है। उनका कहना है कि नकली मंगलसूत्र वापस लिया जाए। इसके बदले उन्हें राशि दी जाए। ताकि वे अपनी पसंद का नया मंगलसूत्र खरीद सकें। महिलाओं का कहना है कि शादी की याद को खराब नहीं होने दिया जा सकता।



कलेक्टर ने बैठाई जांच

मामला मीडिया में आने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ। कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने जांच के आदेश दिए हैं। जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है।



पहले 5 हजार, अब मंगलसूत्र का विवाद

यह पहला मामला नहीं है। हाल ही में द सूत्र ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह में नवविवाहित जोड़ों से 5 हजार रुपए लेने का खुलासा किया था। उस मामले में विभागीय जांच का भरोसा दिया गया था। अब नकली मंगलसूत्र का आरोप सामने आ गया है। सवाल यह है कि आखिर योजना में लगातार गड़बड़ियां क्यों सामने आ रही हैं?



विपक्ष भी हुआ हमलावर

पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग में लगातार भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। यदि जिला स्तर पर निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो मामला उच्च स्तर तक ले जाया जाएगा। अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर है। क्योंकि सवाल सिर्फ मंगलसूत्र का नहीं, सरकार की भरोसेमंद योजना की साख का भी है।



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