मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, चुनाव आयोग के सामने धरने पर बैठे भूपेश बघेल

Harrison Masih | Jun 10, 2026, 10:07 IST
दिल्ली में कांग्रेस का धरना
मध्यप्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। भूपेश बघेल समेत कई कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली में चुनाव आयोग के बाहर धरना दिया और फैसले को राजनीतिक साजिश बताया।

समझें क्या है पूरा मामला

  • राज्यसभा सीट की कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द।
  • भाजपा ने उनके नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराई थी।
  • रिटर्निंग ऑफिसर ने जवाब से असंतुष्ट होकर नामांकन खारिज किया।
  • इसके विरोध में कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली में धरना दिया।
  • कांग्रेस ने फैसले को राजनीतिक साजिश बताया है।

मध्य प्रदेश की राज्यसभा की राजनीति में बड़ा मोड़ आ गया है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन मंगलवार को रद्द कर दिया गया। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। देर रात तक दिल्ली स्थित चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर धरना चला।



धरने में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और वरिष्ठ नेता जयराम रमेश समेत कई नेता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें अपनी आपत्ति और आवेदन देने का भी पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया।



क्यों रद्द हुआ नामांकन?

मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया था। भाजपा ने उनके नामांकन पर आपत्ति दर्ज की थी।



भाजपा का आरोप था कि मीनाक्षी नटराजन ने हैदराबाद की एक अदालत में लंबित मामले की जानकारी नामांकन पत्र में नहीं दी। इसी आधार पर आपत्ति दर्ज कराई गई।



रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने इस मामले में नोटिस जारी किया। उम्मीदवार से मंगलवार शाम 5:30 बजे तक जवाब मांगा गया था। जवाब मिलने के बाद भी अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए और नामांकन रद्द कर दिया गया।



भूपेश बघेल ने क्या कहा?

धरने के दौरान भूपेश बघेल ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सुनवाई का समय शाम 5:30 बजे दिया गया था, लेकिन उसी समय कार्यालय बंद हो गया।



बघेल के अनुसार, कांग्रेस के सामने यह स्थिति बनी कि वह अपना आवेदन और आपत्ति दर्ज ही नहीं कर सकी। उन्होंने कहा कि बाद में जब नेता चुनाव आयोग पहुंचे तो वहां भी कार्यालय बंद था।



उनका दावा है कि धरने के बाद एक क्लर्क ने आवेदन स्वीकार किया। कांग्रेस का कहना है कि आवेदन स्वीकार होने के बाद ही आगे न्यायिक प्रक्रिया का रास्ता खुलेगा।



कांग्रेस ने लगाया साजिश का आरोप

कांग्रेस ने इस पूरे मामले को राजनीतिक दबाव का परिणाम बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि चुनाव आयोग को निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए था।



कांग्रेस का दावा है कि जिस मामले का हवाला देकर नामांकन रद्द किया गया, वह आपराधिक मामला नहीं है। पार्टी का यह भी कहना है कि उस मामले में अदालत ने अभी तक संज्ञान भी नहीं लिया है।



कांग्रेस नेताओं ने संकेत दिए हैं कि इस फैसले को अदालत में चुनौती दी जाएगी। पार्टी सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है।



Meenakshi Natarajan nomination cancelled


बीजेपी को क्या फायदा

18 जून को मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है। शुरुआत में मैदान में चार उम्मीदवार थे। इनमें तीन भाजपा और एक कांग्रेस उम्मीदवार शामिल थे।



मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद अब केवल तीन उम्मीदवार मैदान में बचे हैं। तीनों ही भाजपा से जुड़े उम्मीदवार हैं।



राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस स्थिति में तीनों सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि अंतिम स्थिति चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।



कांग्रेस की रणनीति भी चर्चा में

राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने कई विधायकों को बेंगलुरु भेज दिया था। पार्टी का उद्देश्य विधायकों को एकजुट रखना और चुनावी रणनीति को मजबूत करना बताया गया।



अब नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस का पूरा फोकस कानूनी और राजनीतिक लड़ाई पर है। पार्टी इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर भी उठाने की कोशिश कर रही है।



चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल

इस विवाद के बाद चुनाव आयोग की प्रक्रिया भी चर्चा में आ गई है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि उन्हें पर्याप्त समय और अवसर नहीं दिया गया।



दूसरी ओर, रिटर्निंग ऑफिसर ने नामांकन की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की है। फिलहाल यह मामला राजनीतिक बहस के साथ-साथ कानूनी चुनौती का विषय बनता दिख रहा है।



FAQ

  1. मीनाक्षी नटराजन का नामांकन क्यों रद्द हुआ?
    भाजपा ने आरोप लगाया कि एक लंबित मामले की जानकारी नामांकन पत्र में नहीं दी गई। रिटर्निंग ऑफिसर ने जवाब से असंतुष्ट होकर नामांकन रद्द किया।
  2. मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने से कांग्रेस पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
    मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद मध्यप्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटों पर कांग्रेस का उम्मीदवार नहीं बचा है। इससे पार्टी का राज्यसभा में प्रतिनिधित्व बढ़ाने का अवसर प्रभावित हो सकता है। कांग्रेस ने इस फैसले को चुनौती देने की बात कही है।
  3. भूपेश बघेल धरने पर क्यों बैठे?
    भूपेश बघेल चुनाव आयोग के खिलाफ धरने पर इसलिए बैठे क्योंकि मीनाक्षी नटराजन का मध्य प्रदेश राज्यसभा नामांकन रद्द कर दिया गया है। कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि उन्हें अपनी आपत्ति दर्ज कराने और आवेदन देने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया।

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