लोगों से धोखाधड़ी और अधिकारियों से मारपीट कर रहे माननीय, ढाई साल में 9 विधायकों पर एफआईआर
Raipur. छत्तीसगढ़ के माननीयों का व्यवहार उनको मुश्किल में डाल रहा है। किसी पर धोखाधड़ी तो किसी पर अधिकारियों से मारपीट का मामला दर्ज है। ताजा मामला सीतापुर विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक रामकुमार टोप्पो का है। उन पर एक नायब तहसीलदार से मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा डालने का आरोप लगा है। घटना के बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पिछले ढाई साल में 9 विधायकों पर एफआईआर हो चुकी है। इनमें बीजेपी और कांग्रेस दोनों दलों के विधायक शामिल हैं। छत्तीसगढ़ में दागी विधायकों की संख्या अब 24 हो गई है।
माननीयों पर बढ़ते आपराधिक मामले :
छत्तीसगढ़ में जनप्रतिनिधियों के खिलाफ बढ़ते आपराधिक मामलों ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। विधायकों का विवादित आचरण और कानून से टकराव लगातार सुर्खियां बटोर रहा है। किसी विधायक पर धोखाधड़ी के आरोप हैं तो किसी पर शासकीय अधिकारियों से दुर्व्यवहार और मारपीट के मामले दर्ज हुए हैं। बीजेपी विधायक रामकुमार टोप्पो पर दर्ज हुए मामले के बाद यह मुद्दा फिर सुर्खियों में आ गया है। पिछले ढाई साल में 9 विधायक अलग अलग मामलों में आरोपी बन चुके हैं।
ढाई साल में इन विधायकों पर आरोप :
सीतापुर से बीजेपी विधायक रामकुमार टोप्पो पर में नायब तहसीलदार के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जांजगीर-चांपा के कांग्रेस विधायक ब्यास नारायण कश्यप समेत 12 लोगों को फरवरी 2026 में सड़क जाम करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
जैजैपुर से कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को जनवरी 2026 में जांजगीर चांपा के कोऑपरेटिव बैंक धोखाधड़ी के आरोप में जेल भेजा गया था।
जशपुर से बीजेपी विधायक रायमुनि भगत पर भी जनवरी 2025 में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। उन पर धर्म विशेष पर टिप्प्णी करने का आरोप है।
सारंगढ़ से कांग्रेस विधायक उत्तरी जांगड़े का दिसंबर 2024 में एक वीडियो वायरल हुआ था। उन पर भड़काउ भाषण देने का आरोप लगा।
कोंटा से कांग्रेस विधायक कवासी लखमा पर अप्रैल 2024 में नियमों के उल्लंघन और पीएम पर विवादित टिप्पणी करने पर मामला दर्ज हुआ। वे शराब घोटाले में आरोप में जेल गए।
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत पर अप्रैल 2024 में पीएम के खिलाफ टिप्पणी करने पर एफआईआर दर्ज हुई। उन्होंने एक सभा को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की थी।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर मार्च 2024 में ईडी ने महादेव सट्टा मामले में एफआईआर दर्ज की।
भिलाई से कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव पर मई 2026 में एक मंत्री की शवयात्रा निकालने पर एफआईआर हुई। इससे पहले जून 2024 में बलौदाबाजार हिंसा मामले में भी उन पर एफआईआर हुई जिसमें वे जेल भी गए।
छत्तीसगढ़ के 23 विधायक दागी :
छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव और उपचुनाव के दौरान जो हलफनामा दायर किए गए थे उसके हिसाब से एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार 18 विधायकों पर मामले दर्ज थे। इनमें से कुछ आपराधिक मामले थे तो कुछ धरना,प्रदर्शन और आंदोलन से जुड़े मामले हैं। इनमें 7 के खिलाफ गंभीर मामले दर्ज हैं। इनमें बीजेपी के 12 और कांग्रेस के पांच विधायक शामिल हैं। कुल 17 फीसदी विधायकों के खिलाफ मामले दर्ज हैं।
इन विधायकों पर मामले :
- सुशांत शुक्ला,बीजेपी - 1
- इंद्रकुमार साव,कांग्रेस 1
- देवेंद्र यादव,कांग्रेस 4
- विनायक गोयल,बीजेपी 1
- गजेंद्र यादव, बीजेपी 1
- बालेश्वर साहू, कांग्रेस 1
- आशाराम नेताम,बीजेपी 1
- विजय शर्मा,बीजेपी, 7
- अटल श्रीवास्तव,कांग्रेस, 3
- योगेश्वर राजू सिन्हा,बीजेपी 1
- दयालदास बघेल,बीजेपी 1
- भूपेश बघेल,कांग्रेस 1
- शकुंतला सिंह पोर्ते,बीजेपी 1
- ओपी चौधरी,बीजेपी 5
- राजेश मूणत,बीजेपी 1
- उद्देश्वरी पैकरा,बीजेपी 1
- रिंकेश सेन,बीजेपी 2
- सुनील सोनी,बीजेपी 1
निष्कर्ष :
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जनप्रतिनिधियों पर लगातार दर्ज हो रहे मामलों से राजनीतिक दलों की छवि पर असर पड़ता है। हालांकि कई विधायक इन प्रकरणों को राजनीतिक द्वेष या विरोधियों की साजिश बताते रहे हैं, लेकिन लगातार बढ़ती संख्या यह संकेत देती है कि प्रदेश की राजनीति में कानून और जनप्रतिनिधियों के संबंधों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
FAQ
- छत्तीसगढ़ में कितने विधायकों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं?
एडीआर रिपोर्ट और हालिया मामलों को मिलाकर छत्तीसगढ़ में 24 विधायक विभिन्न आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं। इनमें बीजेपी और कांग्रेस दोनों दलों के विधायक शामिल हैं। - बीजेपी विधायक रामकुमार टोप्पो पर क्या आरोप लगे हैं?
सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो पर एक नायब तहसीलदार से कथित मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा डालने का आरोप लगा है। शिकायत के आधार पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। - ढाई साल में कितने विधायकों पर एफआईआर दर्ज हुई है?
पिछले ढाई साल में छत्तीसगढ़ के 9 विधायकों पर अलग-अलग मामलों में एफआईआर दर्ज हुई है। इनमें धोखाधड़ी, विवादित बयान, आंदोलन, हिंसा और प्रशासनिक अधिकारियों से विवाद जैसे मामले शामिल हैं।
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