नक्सलवाद खात्मे में मोबाइल टावर की अहम भूमिका, दो वर्षों के भीतर लगें 3500 से ज्यादा टावर

Aishwarya Dwivedi | Apr 07, 2026, 16:32 IST
Mobile Towers Play Pivotal Role Eradicating CG Naxalism
बस्तर में 3500 से अधिक मोबाइल टावर लगाए गए हैं, जिससे नक्सलियों की गतिविधियों की जानकारी तुरंत मिल रही है। 4G नेटवर्क ने सुरक्षा बलों को मदद दी और ग्रामीणों को डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराई। 5,000 नए टावर लगाने की योजना है।

NEWS IN SHORT

  • बस्तर संभाग में 3500 से ज्यादा मोबाइल टावर लगाए गए हैं।
  • नक्सल प्रभावित इलाकों में अब 4G नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध है।
  • मोबाइल नेटवर्क से खुफिया जानकारी मिल रही है।
  • पुलिस कैंपों के आसपास 10 किमी के दायरे में मोबाइल नेटवर्क की अनिवार्यता है।
  • मोबाइल नेटवर्क से ग्रामीणों में डिजिटल सेवाओं का विस्तार हो रहा है।

NEWS IN DETAIL

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में पिछले दो वर्षों के भीतर 3500 से ज्यादा मोबाइल टावर लगाए गए हैं, जिससे बस्तर देश का पहला और इकलौता संभाग बन गया है, जहां बेहतर कनेक्टिविटी की मदद से संचार क्रांति का एक नया अध्याय शुरू हुआ है। इस कदम का सबसे बड़ा फायदा नक्सल विरोधी ऑपरेशनों को हुआ है, क्योंकि अब सुरक्षाबलों को नक्सलियों के बारे में सटीक जानकारी और लोकेशन मिल रही है। पहले जिन इलाकों में मोबाइल नेटवर्क नहीं पहुंच पाता था, वहां अब ग्रामीण इंटरनेट सेवाओं का लाभ मिल रहा है।



मोबाइल नेटवर्क से खुफिया जानकारी का लाभ

अब, बस्तर के दूरदराज क्षेत्रों में जहां कभी मोबाइल केवल डिब्बा बनकर रह जाता था, वहां 4G नेटवर्क के आने से सुरक्षाबलों को नक्सलियों के बारे में तुरंत जानकारी मिल रही है। नक्सलियों के सटीक स्थान और गतिविधियों के आधार पर सुरक्षा बलों ने मिशन 2026 के तहत कई ऑपरेशनों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इन ऑपरेशनों ने नक्सलियों को न्यूट्रलाइज करने में मदद की है।



ग्रामीण इलाकों तक मोबाइल नेटवर्क का विस्तार

बीएसएनएल और जियो के सहयोग से बस्तर के कई गांवों में मोबाइल नेटवर्क की कनेक्टिविटी पहुंचाई गई है। बीएसएनएल के आंकड़ों के अनुसार, अब तक 848 गांवों में 4G नेटवर्क पहुंच चुका है। वहीं, जियो के आंकड़े इससे तीन गुना ज्यादा हैं। बस्तर के उन इलाकों में भी अब 4G सेवाएं उपलब्ध हो गई हैं जो पहले पूरी तरह कनेक्टिविटी से बाहर थे।



बुनियादी सुविधाओं का विस्तार

बस्तर में सरकार ने 150 से अधिक पुलिस कैंप खोले हैं, और इन कैंपों के आसपास 10 किमी के दायरे में मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी को अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा, सरकार ने नियद नेल्ला नार योजना भी शुरू की है, जिसके तहत कैंपों से जुड़े गांवों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी इस योजना का अहम हिस्सा है, जिससे ग्रामीणों तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं की पहुंच बढ़ी है।



डिजिटल भारत की ओर कदम

बस्तर में मोबाइल नेटवर्क का विस्तार डिजिटल भारत मिशन का हिस्सा है। राज्य सरकार ने आदिवासी बहुल बस्तर और सरगुजा संभाग में 5 हजार से ज्यादा नए मोबाइल टावर लगाने की योजना बनाई है। इस कदम से बस्तर और सरगुजा के पहुंचविहीन इलाकों तक मोबाइल नेटवर्क और ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क पहुंचेगा, जिससे ई-गवर्नेंस और डिजिटल सेवाओं का विस्तार हो सकेगा।



निष्कर्ष

बस्तर में मोबाइल नेटवर्क का विस्तार न केवल संचार क्रांति को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि सुरक्षा बलों को भी नक्सलियों से लड़ने में बड़ी मदद मिल रही है। इसके साथ ही, यह ग्रामीण इलाकों के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जिससे डिजिटल भारत की दिशा में बस्तर एक कदम और आगे बढ़ चुका है।



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