छत्तीसगढ़ नगर पंचायत चुनाव : 3 जगहों में 90% पर मतदान, पलारी सबसे आगे
NEWS IN SHORT
- चार नई नगर पंचायतों में पहली बार ऐतिहासिक मतदान हुआ।
- बालोद जिले की पलारी में सर्वाधिक 96.10% वोट पड़े।
- तीन नई नगर पंचायतों में मतदान 90% के पार रहा।
- सहसपुर लोहारा उपचुनाव में पिछली बार से 489 वोट कम पड़े।
- त्रि-स्तरीय पंचायत उपचुनाव में कुल 78.61% शांतिपूर्ण मतदान हुआ।
NEWS IN DETAIL
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद प्रदेश की पांच नगर पंचायतों में हुए चुनावों में मतदाताओं का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। पहली बार अस्तित्व में आईं चार नई नगर पंचायतों में लोगों ने विकास की आस में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिसके चलते तीन नगर पंचायतों में मतदान का आंकड़ा 90 फीसदी को पार कर गया। सबसे अधिक 96.10% मतदान बालोद जिले की पलारी नगर पंचायत में दर्ज किया गया। राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह के अनुसार, मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और आगामी 4 जून को प्रदेश के 13 केंद्रों पर मतगणना की जाएगी।
नई नगर पंचायतों में क्यों दिखा भारी उत्साह?
हाल ही में राज्य सरकार द्वारा ग्राम पंचायत से नगर पंचायत बनाई गईं चार जगहों—बम्हनीडीह जांजगीर चांपा, शिवनंदनपुर (सूरजपुर), पलारी (बालोद) और घुमका (राजनांदगांव) में पहली बार अध्यक्ष और 60 पार्षदों के पदों के लिए चुनाव हुए। ग्रामीण से शहरी निकाय में बदलने के कारण अब इन क्षेत्रों में सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट और शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए बड़ा बजट मिलने की उम्मीद है। इसी तेजी से विकास की चाह में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग की।
प्रमुख नगर पंचायतों का मतदान प्रतिशत :
- पलारी (बालोद): 96.10% (3,620 मतदाता)
- घुमका (राजनांदगांव): 95.36% (3,209 मतदाता)
- बम्हनीडीह (जांजगीर-चांपा): 92.57% (4,064 मतदाता)
- शिवनंदनपुर (सूरजपुर): 85.13% (3,952 मतदाता)
सहसपुर लोहारा उपचुनाव
कबीरधाम जिले की सहसपुर लोहारा नगर पंचायत में अध्यक्ष पद के लिए उपचुनाव कराया गया। गौरतलब है कि फरवरी 2025 में निर्वाचित अध्यक्ष संतोष मिश्रा के खिलाफ भाजपा पार्षदों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने के बाद यह पद खाली हुआ था।
इस उपचुनाव में 82.40% मतदान हुआ, जो पिछले आम चुनाव की तुलना में कम है। इस बार कुल 4,237 लोगों ने वोट डाले, जबकि फरवरी 2025 में यह संख्या 4,726 थी, यानी इस बार 489 मत कम पड़े। जानकारों के मुताबिक, आम चुनाव की तुलना में उपचुनावों में अक्सर मतदाताओं का उत्साह थोड़ा कम रहता है। इसके बावजूद 82% से अधिक की भागीदारी लोकतंत्र के लिए एक अच्छा संकेत है।
त्रि-स्तरीय पंचायत उपचुनाव में 78.61% मतदान
नगर पंचायतों के साथ-साथ प्रदेश में त्रि-स्तरीय पंचायत उपचुनाव भी संपन्न हुए। इसमें जनपद सदस्य के 10, सरपंच के 34 और पंच के 107 पदों के लिए मत डाले गए। कुल 274 मतदान केंद्रों पर 1 लाख 02 हजार 797 मतदाताओं में से 79 हजार 968 नागरिकों ने बैलेट पेपर के जरिए अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिससे कुल मतदान प्रतिशत 78.61% रहा।
TIMELINE
- फरवरी 2025 : लोहारा नगर पंचायत का आम चुनाव (4,726 वोट पड़े)।
- मार्च 2025 - 2026 के बीच : लोहारा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास, पद खाली हुआ।
- मध्य 2026 : बम्हनीडीह, शिवनंदनपुर, पलारी और घुमका को मिला नगर पंचायत का दर्जा।
- मई 2026 : चुनाव से ठीक पहले वोटर लिस्ट का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पूरा।
- जून 2026 (शुरुआत) : सभी सीटों और त्रि-स्तरीय पंचायतों के लिए शांतिपूर्ण मतदान संपन्न।
- 4 जून 2026 : प्रदेश के 13 केंद्रों पर मतगणना और नतीजों की घोषणा।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ नगर पंचायत चुनाव में हुआ रिकॉर्ड तोड़ मतदान यह साफ दर्शाता है कि ग्रामीण जनता शहरी विकास और बुनियादी सुविधाओं को लेकर बेहद जागरूक है। लोग क्षेत्र के कायाकल्प के लिए उत्सुक हैं। वहीं, सहसपुर लोहारा का उपचुनाव यह सीख देता है कि आम चुनावों की तुलना में उपचुनावों में जनता की राजनीतिक दिलचस्पी थोड़ी कम हो जाती है।
FAQ
- छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयुक्त (State Election Commissioner) कौन हैं?
अजय सिंह। - हाल ही में किन 4 नई जगहों को ग्राम पंचायत से नगर पंचायत का दर्जा मिला है?
A.पलारी (बालोद) घुमका (राजनांदगांव) बम्हनीडीह (जांजगीर-चांपा) शिवनंदनपुर (सूरजपुर) - चुनाव के संदर्भ में 'SIR' का पूर्ण रूप (Full Form) क्या है?
A. Special Intensive Revision (विशेष गहन पुनरीक्षण - वोटर लिस्ट का शुद्धिकरण)। - स्थानीय निकाय चुनाव (Local Body Elections) कराने की जिम्मेदारी किसकी होती है?
A. राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) की। (नोट: केंद्रीय चुनाव आयोग केवल लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और राष्ट्रपति चुनाव कराता है)।
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