नायब तहसीलदार ने की खुद सहित विधायक के नार्को टेस्ट की मांग
NEWS IN SHORT
- सीतापुर नायब तहसीलदार और विधायक बहन विवाद ने पकड़ा तूल
- मारपीट और जातिसूचक शब्दों के आरोप, नार्को टेस्ट की मांग
- प्रदेशभर में तहसीलदार कामबंद, हड़ताल जारी
- निष्पक्ष जांच और गिरफ्तारी की मांग तेज़
- आंदोलन जारी, प्रशासनिक कार्य प्रभावित
NEWS IN DETAIL
Ambikapur। सीतापुर के राजापुर उपतहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिक और विधायक रामकुमार टोप्पो की बहन सीमा धनकी के बीच विवाद तेज हो गया है। नायब तहसीलदार का आरोप है कि विधायक और उनके समर्थकों ने उन्हें मारपीट किया, जबकि सीमा धनकी ने भी नायब तहसीलदार पर बद्तमीजी के आरोप लगाए हैं। दोनों पक्षों पर एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं।
विवाद की वजह से स्थानीय प्रशासनिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। नायब तहसीलदार का कहना है कि यह मामला व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि प्रशासनिक सम्मान और संघीय स्तर पर उचित कार्रवाई की मांग का है।
नायब तहसीलदार पर मारपीट के आरोप
नायब तहसीलदार ने मीडिया से कहा कि विधायक और उनके समर्थकों ने उन्हें मारते समय जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। उनका कहना है कि यह व्यवहार पूरी तरह अस्वीकार्य है और प्रशासनिक नियमों के खिलाफ है।
उन्होंने जोर दिया कि उनका संघर्ष व्यक्तिगत नहीं, बल्कि प्रशासनिक और संघ के अधिकारों की रक्षा का है। नायब तहसीलदार ने साफ कहा कि वे शासन के खिलाफ नहीं हैं क्योंकि वह स्वयं प्रशासन का हिस्सा हैं।
तहसीलदारों का कामबंद हड़ताल आंदोलन
1 जून से प्रदेशभर के तहसीलदार और नायब तहसीलदार कामबंद और कलमबंद हड़ताल पर चले गए। यह आंदोलन विधायक और उनके समर्थकों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शुरू किया गया। हड़ताल के कारण कई प्रशासनिक सेवाएं प्रभावित हुई हैं। कर्मचारी और अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को समय पर पूरा नहीं कर पा रहे हैं, और जनता को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
नार्को टेस्ट की मांग
नायब तहसीलदार ने शासन से नार्को टेस्ट कराने की मांग की। उनका कहना है कि पहले उनका, फिर विधायक, उनकी बहन और एक अन्य महिला का टेस्ट होना चाहिए। इससे आरोप और गलतफहमियों को स्पष्ट किया जा सकेगा। नायब तहसीलदार ने कहा कि यह कदम सत्यता की पुष्टि करेगा और न्याय की प्रक्रिया को तेज करेगा।
दस्तावेजों और अधिकारों को लेकर विवाद
नायब तहसीलदार के अनुसार, 27 अप्रैल को सीमा धनकी ने शोध क्षमता प्रमाण पत्र में बिना सभी दस्तावेज जमा किए हस्ताक्षर कराने का दबाव डाला। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल अपने अधिकारों का प्रयोग किया और किसी का सम्मान नहीं ठेस पहुंचाया। यह मामला प्रशासनिक नियमों और अधिकारों के पालन से जुड़ा हुआ है।
प्रशासनिक और व्यक्तिगत संघर्ष
नायब तहसीलदार ने कहा कि यह लड़ाई व्यक्तिगत नहीं है। उनका संघर्ष प्रशासनिक और संघीय स्तर पर उचित कार्रवाई की मांग का हिस्सा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह मामला शासन के खिलाफ नहीं है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी महिला या विधायक की बहन के सम्मान को ठेस नहीं पहुंचाई।
गिरफ्तारी और उच्च स्तरीय जांच की मांग
नायब तहसीलदार ने विधायक से कहा कि उन्हें सीतापुर थाने में गिरफ्तारी देनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने उच्च स्तरीय मजिस्ट्रेट जांच की भी मांग की। उनका मानना है कि यह जांच निष्पक्ष होनी चाहिए, ताकि सभी आरोपों की सत्यता सामने आए और प्रशासनिक प्रक्रिया का सम्मान बना रहे।
हड़ताल और आंदोलन का असर
हड़ताल के कारण पूरे प्रदेश में प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुए हैं। कई विभागों में काम ठप होने से जनता को सेवाओं में असुविधा हो रही है। नायब तहसीलदार और तहसीलदारों की हड़ताल ने प्रशासनिक और स्थानीय व्यवस्था पर असर डाला है। कर्मचारियों में असंतोष और विरोध की भावना बढ़ रही है।
राज्य प्रशासन की प्रतिक्रिया
शासन ने मामले पर नजर रखी हुई है। उच्च स्तरीय मजिस्ट्रेट जांच की संभावना तलाशी जा रही है ताकि निष्पक्ष जांच हो सके। राज्य प्रशासन का लक्ष्य है कि मामले में उचित कार्रवाई हो और दोनों पक्षों के अधिकार और सम्मान की रक्षा हो।
विवाद का व्यापक प्रभाव
यह विवाद केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है। प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर इसका असर देखने को मिल रहा है। नायब तहसीलदार और तहसीलदारों की हड़ताल से प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुए हैं और स्थानीय जनता को भी असुविधा झेलनी पड़ रही है।
आंदोलन जारी रहने की चेतावनी
नायब तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि जब तक विधायक पर कार्रवाई नहीं होगी, आंदोलन और हड़ताल जारी रहेंगे। उनका कहना है कि संघ और कर्मचारियों का समर्थन उनके साथ है और उचित कार्रवाई सुनिश्चित होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
FAQ
- नायब तहसीलदार और विधायक के बीच विवाद क्यों हुआ?
दस्तावेजों के हस्ताक्षर को लेकर बहस और आरोप-प्रत्यारोप शुरू हुआ। - नार्को टेस्ट कराने की मांग क्यों की गई?
सत्यापित करने के लिए कि किसी पक्ष ने अनुचित व्यवहार या मारपीट की है। - आंदोलन क्यों चलाया जा रहा है?
नायब तहसीलदार और तहसीलदार प्रशासनिक सम्मान की रक्षा और गिरफ्तारी की मांग के लिए। - क्या विधायक पर एफआईआर दर्ज है?
हां, नायब तहसीलदार के आरोपों के आधार पर एफआईआर दर्ज है।
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