नकटी विवाद: कांग्रेस ने बनाई जांच समिति, कानूनी लड़ाई का ऐलान
समझें क्या है पूरा मामला...
नकटी गांव के प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने एक जांच समिति बनाई है। इस समिति की तीसरी बैठक रविवार को हुई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार प्रभावित परिवारों के प्रति पूरी तरह उदासीन है। एक महीना बीत जाने के बाद भी पुनर्वास और न्याय पर कोई ठोस फैसला नहीं हुआ है। कांग्रेस अब इस मामले में कानूनी लड़ाई की रणनीति बना रही है।
बैठक में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। यह लगातार तीसरी बैठक थी, जिसमें मामले की समीक्षा की गई।
नकटी के पीड़ित परिवारों का मुद्दा अब सिर्फ स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह प्रदेश स्तर की राजनीति में भी अहम मुद्दा बन गया है।
दीपक बैज ने सरकार पर लगाया उदासीनता का आरोप
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बैठक में कहा कि सरकार नकटी के प्रभावित परिवारों के प्रति पूरी तरह उदासीन है। उनके मुताबिक एक महीना बीत जाने के बाद भी पुनर्वास और न्याय को लेकर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया।
उनका कहना है कि बरसात के मौसम में प्रभावित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। यह स्थिति बताती है कि प्रशासन की तरफ से अब तक राहत के ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
कानूनी लड़ाई के लिए बनेगी पांच सदस्यीय टीम
कांग्रेस ने अब इस मामले को अदालत तक ले जाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए पार्टी के विधि विभाग की पांच सदस्यीय टीम गठित की जाएगी।
यह टीम न्यायालयीन लड़ाई की पूरी रणनीति तैयार करेगी। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों के पुनर्वास से जुड़े कानूनी पहलुओं पर भी काम किया जाएगा।
उसी जगह पुनर्वास और राजस्व ऑडिट की मांग
कांग्रेस की मांग है कि प्रभावित परिवारों का उसी स्थान पर सम्मानजनक पुनर्वास किया जाए और उन्हें मकान उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा तोड़फोड़ वाली जगह और आसपास की भूमि का राजस्व ऑडिट भी सार्वजनिक करने की मांग रखी जाएगी।
पार्टी का कहना है कि इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि किन प्रभावशाली लोगों के हित में गरीबों के मकान तोड़े गए। कांग्रेस के मुताबिक पारदर्शिता के लिए यह जानकारी सार्वजनिक होना जरूरी है।
संयोजक बोले, यह मामला सामाजिक न्याय से जुड़ा
जांच समिति के संयोजक और पूर्व मंत्री धनेंद्र साहू ने कहा कि यह मामला केवल पुनर्वास तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक यह सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों से भी जुड़ा हुआ मुद्दा है।
उनका कहना है कि समिति इस पूरे मामले को व्यापक नजरिए से देख रही है, ताकि प्रभावित परिवारों को उनका हक मिल सके।
बैठक में मौजूद रहे कई वरिष्ठ नेता
इस बैठक में पूर्व मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, रायपुर ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे और रायपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन मौजूद रहे।
इसके अलावा पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, सुशील आनंद शुक्ला, पंकज शर्मा, भावेश बघेल और आशीष वर्मा सहित समिति के अन्य सदस्य भी बैठक में शामिल हुए। सभी नेताओं ने मामले पर अपने-अपने विचार रखे।
अब आगे क्या होगा
कांग्रेस की पांच सदस्यीय विधि टीम अब इस मामले में कानूनी रणनीति तैयार करेगी। इसके साथ ही पार्टी सरकार पर दबाव बनाने के लिए राजनीतिक स्तर पर भी सक्रिय बनी रहेगी।
आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार की तरफ से इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाया जाता है। प्रभावित परिवारों को कब तक पुनर्वास और न्याय मिलता है, इस पर सबकी नजर रहेगी।
FAQ
- नकटी गांव मामला क्या है?
नकटी गांव में प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, मकानों की तोड़फोड़ और न्याय की मांग को लेकर विवाद चल रहा है। यह मुद्दा अब प्रदेश स्तर की राजनीति का अहम विषय बन गया है। - नकटी मामले में कांग्रेस ने क्या फैसला लिया है?
कांग्रेस ने प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए पांच सदस्यीय विधि टीम बनाने का फैसला किया है, जो मामले में कानूनी रणनीति तैयार करेगी।
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