जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह जैन के एसटी प्रमाण पत्र पर 7 अगस्त को सुनवाई

VINAY VERMA | Aug 04, 2026, 18:54 IST
नम्रता जैन को पेश करने होंगे सबूत
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह जैन के एसटी प्रमाण पत्र विवाद में 7 अगस्त को सुनवाई होगी। उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति दस्तावेजों, वंशावली और रिकॉर्ड के आधार पर मामले की जांच करेगी। फिलहाल प्रमाण पत्र निरस्त नहीं हुआ है।

पांचवीं अनुसूची क्षेत्र मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की राजनीति में जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह जैन के अनुसूचित जनजाति (एसटी) जाति प्रमाण पत्र को लेकर फिर हलचल तेज हो गई है। लंबे समय से चल रहे विवाद में अब जांच निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति ने दो अलग-अलग आदेश जारी कर जांच प्रक्रिया को गति दे दी है। समिति ने 7 अगस्त 2026 को दोपहर 12 बजे नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान में सुनवाई तय की है। इस दौरान नम्रता सिंह जैन अपने जाति दावे के समर्थन में दस्तावेज और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत कर सकेंगी।



मुनादी के निर्देश

समिति ने तहसीलदार मोहला को निर्देश दिए हैं कि नम्रता सिंह जैन के वर्तमान, पुराने और स्थायी निवास क्षेत्र में मुनादी कराई जाए। यदि किसी व्यक्ति, संस्था या ग्रामीण के पास उनके जाति दावे के समर्थन या विरोध में कोई दस्तावेज, रिकॉर्ड या अन्य साक्ष्य हैं तो उन्हें समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। इच्छुक पक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी अपना पक्ष रख सकेंगे। समिति का उद्देश्य सभी संभावित तथ्यों और रिकॉर्ड को जांच के दायरे में लाना है।



सदस्य सचिव को आदेश

उच्च स्तरीय समिति ने जिला स्तरीय जाति सत्यापन छानबीन समिति के सदस्य सचिव को भी निर्देश दिए हैं कि संबंधित पक्ष को सुनवाई की सूचना विधिवत उपलब्ध कराई जाए। साथ ही सूचना की प्राप्ति की पावती लेना भी अनिवार्य किया गया है, ताकि पूरी प्रक्रिया कानूनी रूप से पारदर्शी और रिकॉर्ड आधारित रहे।



पुराना है विवाद

नम्रता सिंह जैन के जाति प्रमाण पत्र को लेकर विवाद पहली बार सामने नहीं आया है। जिला पंचायत चुनाव के दौरान भी इस संबंध में शिकायत दर्ज हुई थी। इसके बाद सुशासन तिहार-2025 में भी आवेदन देकर आरोप लगाया गया कि उन्होंने कथित रूप से गलत तरीके से जाति प्रमाण पत्र बनवाकर अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीट से चुनाव लड़ा। इन्हीं शिकायतों के आधार पर मामला उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति तक पहुंचा।



शिकायत में आरोप

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि नम्रता सिंह जैन का जाति प्रमाण पत्र निर्धारित नियमों के अनुरूप जारी नहीं हुआ। शिकायत में उनके परिवार के मूल निवास, वंशावली और स्थानीय राजस्व रिकॉर्ड को लेकर सवाल उठाए गए हैं। कुछ शिकायतकर्ताओं ने यह भी दावा किया है कि उनके पिता नारायण सिंह, जो मध्यप्रदेश कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी रहे हैं, मूल रूप से ओडिशा के निवासी हैं तथा परिवार का नाम मोहला क्षेत्र के पुराने राजस्व अभिलेखों में दर्ज नहीं मिलता। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच समिति द्वारा नहीं की गई है और इन्हीं बिंदुओं की विधिवत जांच जारी है।**



अब नजर फैसले पर

संविधान के अनुसार अनुसूचित जनजाति का दर्जा राज्यवार निर्धारित होता है। किसी भी जाति प्रमाण पत्र की वैधता का निर्णय सक्षम जांच समिति दस्तावेजों, वंशावली, निवास और अन्य साक्ष्यों के आधार पर करती है। 7 अगस्त की सुनवाई में नम्रता सिंह जैन अपना पक्ष रखेंगी, जबकि शिकायतकर्ता और अन्य इच्छुक पक्ष भी अपने दस्तावेज पेश कर सकेंगे। इसके बाद समिति उपलब्ध रिकॉर्ड और कानूनी प्रावधानों के आधार पर निर्णय लेगी। फिलहाल न तो नम्रता सिंह जैन का जाति प्रमाण पत्र निरस्त हुआ है और न ही समिति ने उन्हें दोषी ठहराया है। मामला अभी जांच और सुनवाई की प्रक्रिया में है तथा अंतिम फैसला समिति की जांच पूरी होने के बाद ही आएगा।



FAQ

  1. नम्रता सिंह जैन के एसटी प्रमाण पत्र मामले में सुनवाई कब होगी?
    उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति ने 7 अगस्त 2026 को दोपहर 12 बजे नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान में सुनवाई तय की है।
  2. नम्रता सिंह जैन के जाति प्रमाण पत्र पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
    शिकायतकर्ताओं ने उनके जाति प्रमाण पत्र की वैधता पर सवाल उठाते हुए परिवार के मूल निवास, वंशावली और पुराने राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े दावे किए हैं। इन आरोपों की जांच समिति कर रही है।
  3. क्या नम्रता सिंह जैन का एसटी प्रमाण पत्र रद्द हो गया है?
    नहीं, अभी उनका प्रमाण पत्र रद्द नहीं हुआ है। मामला फिलहाल जांच और सुनवाई की प्रक्रिया में है। अंतिम फैसला समिति की रिपोर्ट के आधार पर होगा।

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