नारायणपुर धर्मांतरण विवाद : शहर बंद का ऐलान, 20 जून को रैली-चक्काजाम
समझें क्या है पूरा मामला
- नारायणपुर जिले के भरण्डा गांव में कथित धर्मांतरण का मामला सामने आया है।
- इसे लेकर सर्व समाज में गहरा रोष है।
- आरोपियों को बिना कार्रवाई छोड़े जाने से नाराजगी बढ़ी।
- सर्व समाज ने 20 जून को नारायणपुर बंद का ऐलान किया है।
- इस दिन रैली, चक्काजाम और मार्च निकाला जाएगा।
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में इन दिनों माहौल गरम है। इसकी वजह भरण्डा गांव का एक प्रकरण है। यह मामला धर्मांतरण विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। इसे लेकर सर्व समाज में गहरी नाराजगी है। सर्व समाज ने 20 जून को नारायणपुर जिला बंद का आह्वान किया है। इस दिन विशाल रैली और चक्काजाम भी होगा। साथ ही एक मार्च भी निकाला जाएगा। यह मामला पिछले कुछ दिनों से पूरे क्षेत्र में चर्चा में है।
भरण्डा में क्या हुआ था
जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला 8 जून का है। उस दिन भरण्डा गांव में कुछ लोग एक वाहन में पहुंचे थे। ग्रामीणों के मुताबिक इस वाहन पर 'Press' लिखा हुआ था। उनका दावा है कि ये लोग कई दिनों से घर-घर जाकर प्रार्थना सभाएं कर रहे थे। ग्रामीणों ने इन लोगों को पकड़ लिया। उन्होंने सड़क पर अवरोध भी लगाया। इसके बाद इन व्यक्तियों को पुलिस के हवाले कर दिया गया। उस समय पुलिस ने कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
आरोपियों के छूटने से नाराजगी
पुलिस के आश्वासन के बाद ग्रामीण घर लौट गए थे। लेकिन बाद में एक जानकारी सामने आई। बताया गया कि पुलिस ने तीनों व्यक्तियों को छोड़ दिया। इनमें एक महिला भी शामिल थी। ग्रामीणों के मुताबिक इन्हें बिना किसी कानूनी कार्रवाई के छोड़ा गया। इसी बात से समाज में असंतोष फैल गया। लोगों का कहना है कि मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया।
घटनाक्रम एक नजर में
पूरे मामले को क्रम से समझना जरूरी है। इसकी शुरुआत 8 जून को भरण्डा गांव से हुई। उस दिन ग्रामीणों ने कुछ लोगों को पकड़कर पुलिस को सौंपा। पुलिस ने तब कार्रवाई का भरोसा दिया था। इसके बाद तीनों व्यक्तियों के छूटने की खबर आई। इससे नाराजगी बढ़ी और सर्व समाज की बैठक हुई। इसी बैठक में 20 जून के बंद का फैसला लिया गया। अब इसी दिन रैली और चक्काजाम होगा।
सर्व समाज की बैठक में फैसला
इस पूरे मामले पर नारायणपुर में सर्व समाज की बैठक हुई। इसमें कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। जनप्रतिनिधि और प्रबुद्ध नागरिक भी मौजूद रहे। बैठक में मामले पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया। तय हुआ कि 20 जून को नारायणपुर बंद रखा जाएगा। इसके साथ विशाल रैली और चक्काजाम भी होगा। प्रतिनिधियों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
क्या हैं प्रमुख मांगें
सर्व समाज की मुख्य मांग कठोर कार्रवाई की है। प्रतिनिधियों ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। एक महिला समेत तीनों आरोपितों पर कानूनी कार्रवाई की मांग रखी गई। वक्ताओं ने प्रशासन पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। उन्होंने पुलिस प्रशासन का ध्यान फिर से इस ओर खींचने की बात कही।
थाने में सौंपा ज्ञापन
बैठक के बाद सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि थाना भरण्डा पहुंचे। वहां उन्होंने अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी भी दी। उनका कहना है कि अगर जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और बड़ा किया जाएगा। समाज के लोगों ने इसे एकजुटता का मामला बताया।
रैली में जुटेंगे कई समाज
आयोजकों के अनुसार 20 जून की रैली बड़े स्तर की होगी। इसमें बस्तर संभाग के अलग-अलग समाजों के लोग शामिल होंगे। आयोजकों ने इसे महारैली बताया है। रैली का रास्ता पहले से तय किया गया है। यह गोंडवाना भवन से शुरू होगी। फिर जिला कलेक्टोरेट तक पहुंचेगी। वहां प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
TIMELINE
- 8 जून – भरण्डा गांव में 'Press' अंकित वाहन में आए कुछ लोग पकड़े गए
- उसी दिन – पुलिस ने कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया, ग्रामीण घर लौटे
- बाद में – तीनों आरोपित (एक महिला समेत) बिना कानूनी कार्रवाई के छोड़े गए (ग्रामीणों का दावा)
- इसके बाद – समाज में रोष, सर्व समाज की बैठक, सर्वसम्मति से बंद का फैसला
- बैठक के बाद – थाना भरण्डा में ज्ञापन सौंपा, प्रशासन को चेतावनी
- 20 जून – नारायणपुर बंद, गोंडवाना भवन से कलेक्टोरेट तक रैली और चक्काजाम
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