ड्रग्स क्वीन नव्या मलिक केस में ED की एंट्री, अब काले धन के नेटवर्क की होगी पड़ताल

VINAY VERMA | Jun 23, 2026, 14:15 IST
ड्रग्स क्वीन नव्या मलिक पर ED का शिकंजा
छत्तीसगढ़ की ड्रग्स क्वीन नव्या मलिक केस में अब ED की एंट्री हो गई है। एजेंसी काले धन के नेटवर्क की जांच करेगी और ड्रग्स से कमाई गई रकम के निवेश, बैंक खातों और ट्रांजेक्शन की पड़ताल करेगी। पुलिस जांच के बाद अब मनी ट्रेल सामने लाने पर फोकस है।

Raipur। छत्तीसगढ़ के सबसे चर्चित ड्रग्स मामलों में शामिल कथित ड्रग्स क्वीन नव्या मलिक केस अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। रायपुर पुलिस की जांच के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी इस मामले में रुचि दिखाई है। ईडी ने रायपुर पुलिस से केस से जुड़े दस्तावेज, चार्जशीट और अन्य जांच रिकॉर्ड मांगे हैं। माना जा रहा है कि एजेंसी अब ड्रग्स तस्करी से आगे बढ़कर इस नेटवर्क के आर्थिक पहलुओं की जांच करेगी।



ड्रग्स से कमाए पैसे का हिसाब तलाशेगी एजेंसी

ईडी की जांच का केंद्र कथित ड्रग्स कारोबार से जुड़े मनी ट्रेल पर रहेगा। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि अवैध कारोबार से अर्जित रकम कहां निवेश की गई, किसके खातों में पहुंची और उसे वैध दिखाने के लिए कौन-कौन से रास्ते अपनाए गए। बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजेक्शन, संपत्तियों और संदिग्ध निवेशों की जांच होने की संभावना है। ईडी की एंट्री के बाद उन लोगों की भी चिंता बढ़ गई है, जिनके नाम जांच के दौरान सामने आए थे लेकिन चार्जशीट का हिस्सा नहीं बने।



अगस्त 2025 में हुआ था पहला खुलासा

इस हाईप्रोफाइल मामले की शुरुआत 23 अगस्त 2025 को हुई थी। रायपुर पुलिस ने एमडीएमए ड्रग्स के साथ हर्ष आहूजा, मोनू विश्नोई और दीप धनोरिया को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर पुलिस मुंबई पहुंची और नव्या मलिक को गिरफ्तार किया। मूल रूप से रायपुर के कटोरा तालाब क्षेत्र की रहने वाली नव्या पर आरोप लगा कि वह शहर के हाईप्रोफाइल सर्किल में सक्रिय एक संगठित ड्रग्स नेटवर्क का संचालन कर रही थी।



850 प्रभावशाली लोगों से संपर्क का दावा

मामले ने तब और सनसनी फैला दी जब पुलिस ने दावा किया कि नव्या के मोबाइल फोन की जांच में उसके संपर्क करीब 850 प्रभावशाली लोगों से मिले। जांच में नेताओं, कारोबारी परिवारों, होटल उद्योग से जुड़े लोगों, ऑटोमोबाइल व्यवसायियों, क्लब संचालकों, नाइटलाइफ सर्किट से जुड़े व्यक्तियों और अन्य रसूखदार परिवारों के नाम सामने आने की बात कही गई थी। हालांकि इन लोगों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई और न ही अधिकांश नाम चार्जशीट का हिस्सा बने।



विदेश यात्राओं ने उठाए थे सवाल

जांच के दौरान नव्या की विदेश यात्राओं और उसके साथ यात्रा करने वाले कुछ संपन्न युवाओं की जानकारी भी सामने आई थी। एजेंसियों ने कई नाइट क्लबों के मैनेजर और बाउंसरों से भी पूछताछ की थी। जांचकर्ताओं को संदेह था कि यह नेटवर्क केवल रायपुर या छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं था, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और निजी संपर्कों के जरिए बड़े दायरे में सक्रिय था।



सभी नौ आरोपी को मिल चुकी जमानत

मामले में अब तक नव्या मलिक, अयान परवेज, विधि अग्रवाल, ऋषिराज टंडन, सोहेल खान, जुनैद अख्तर, हर्ष आहूजा, मोनू विश्नोई और दीप धनोरिया समेत कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। फिलहाल सभी आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है और मामले का ट्रायल जारी है। इसके बावजूद जांच के दौरान चर्चा में आए कई प्रभावशाली नामों के चार्जशीट में नहीं आने से सवाल बने हुए हैं।



ब्रेकअप की कहानी से खुला नेटवर्क

चार्जशीट में दर्ज जानकारी के अनुसार नव्या मलिक और उसके मंगेतर अयान परवेज के रिश्तों में खटास आ गई थी। दावा किया गया कि अयान उससे दूरी बनाना चाहता था और इसी दौरान उसने दिल्ली से आने वाली कथित ड्रग्स खेप की जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद जांच एजेंसियों को पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का रास्ता मिला। हालांकि चार्जशीट में अयान का नाम भी आरोपी के रूप में शामिल है और इस मामले में अंतिम फैसला अदालत में साक्ष्यों के आधार पर होगा।



‘Glory To Be God बना सबसे बड़ा रहस्य

पूरे मामले का सबसे रहस्यमय पहलू चार्जशीट में बार-बार सामने आया नाम Glory To Be God है। यह नाम कई दस्तावेजों में दर्ज है, लेकिन इसकी वास्तविक पहचान अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। यह किसी व्यक्ति का कोडनेम है, डिजिटल प्रोफाइल है या नेटवर्क की कोई अन्य कड़ी, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ईडी की जांच में यह नाम एक अहम सुराग साबित हो सकता है।



अब कई बड़े नामों पर टिकी निगाहें

ईडी की एंट्री के बाद मामला केवल ड्रग्स तस्करी तक सीमित नहीं रह गया है। यदि जांच एजेंसी को मनी लॉन्ड्रिंग या अवैध वित्तीय लेन-देन के सबूत मिलते हैं तो कई नए नाम जांच के दायरे में आ सकते हैं। ऐसे में नव्या मलिक केस आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े आर्थिक और आपराधिक जांच मामलों में शामिल हो सकता है।



FAQ

  1. नव्या मलिक केस में ED की भूमिका क्या है?
    ED ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच शुरू की है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ड्रग्स कारोबार से कमाया गया पैसा कहां-कहां लगाया गया, किन खातों में गया और किस तरह उसे वैध दिखाने की कोशिश की गई।
  2. इस केस में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
    रायपुर पुलिस ने ड्रग्स केस में कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें नव्या मलिक भी शामिल है। सभी आरोपियों को बाद में हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। फिलहाल मामला कोर्ट में ट्रायल स्टेज पर है, लेकिन जांच एजेंसियां अभी भी दस्तावेजों और नेटवर्क की जांच कर रही हैं।
  3. आगे इस केस में क्या बड़े खुलासे हो सकते हैं?
    अगर ED को वित्तीय गड़बड़ी या मनी लॉन्ड्रिंग के पुख्ता सबूत मिलते हैं तो जांच और आगे बढ़ सकती है। इससे कुछ नए लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं, जो अब तक चार्जशीट में नहीं थे।

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