नक्सली कमांडर के परिवार ने की आत्मसमर्पण की अपील, डेडलाइन के सिर्फ 7 दिन शेष

thesootr Desk | Mar 23, 2026, 18:04 IST
Naxal Commander Family Appeals Surrender Until Deadline 7 Days
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सली कमांडरों के परिवारों ने आत्मसमर्पण और घर लौटने की भावुक अपील की है। सुरक्षा दबाव और मुठभेड़ों के खतरे के बीच कुछ नक्सलियों के जल्द लौटने की उम्मीद बढ़ी है।

NEWS IN SHORT

  • सूर्यपाल बोड्डू को परिवार ने किया घर लौटने का आग्रह
  • बीजापुर में नक्सली परिजनों की आत्मसमर्पण की भावुक अपील
  • जंगल में हालात बदल चुके, हथियार छोड़ने की गुहार
  • बड़े कमांडर कर चुके आत्मसमर्पण, सूर्यपाल भी लौटे घर
  • परिजनों की अपील से नक्सली घर लौटने की दिशा में प्रेरित

NEWS IN DETAIL

छत्तीसगढ़ : बीजापुर जिले में नक्सलवाद समाप्त करने की तय डेडलाइन के सिर्फ 7 दिन शेष रहते ही नक्सली कमांडरों के परिवार खुलकर सामने आने लगे हैं। सुरक्षा बलों की सख्ती और लगातार बढ़ते मुठभेड़ों के खतरे को देखते हुए नक्सलियों के परिजन अब अपने अपनों से हथियार छोड़कर घर लौटने की गुहार लगा रहे हैं।



नक्सली के परिवार ने की भावुक अपील

कमकानार गांव में रहने वाले कुख्यात नक्सली कमांडर सूर्यपाल बोड्डू के परिवार ने मीडिया के माध्यम से उसे भावुक संदेश भेजा है। उनके अनुसार, जंगल में हालात पहले जैसे नहीं रहे और हथियारबंद संघर्ष का कोई औचित्य अब नहीं बचा है। परिवार ने कहा कि जब बड़े-बड़े नक्सली कमांडर आत्मसमर्पण कर चुके हैं, तो सूर्यपाल को भी अब घर लौट कर सामान्य जीवन अपनाना चाहिए।



परिजनों के अनुसार, सूर्यपाल वर्ष 2008 में नक्सली संगठन में शामिल हुआ था और तब से झारखंड, गरियाबंद और छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में सक्रिय रहा है। परिवार ने जोर देकर कहा कि अब समय बदल चुका है और जीवन की सबसे बड़ी प्राथमिकता सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य होना चाहिए।



अभी भी 50 सक्रिय नक्सली मौजूद

बीजापुर जिले में अभी भी लगभग 50 सक्रिय नक्सली मौजूद हैं, जिनमें पापा राव और सोढ़ी केशा जैसे वांटेड कमांडर शामिल हैं। परिजनों की इस अपील के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि कुछ और नक्सली भी आत्मसमर्पण कर सकते हैं और शांति की प्रक्रिया में सहयोग देंगे।



निष्कर्ष

बीजापुर जिले में नक्सलवाद के खात्मे की डेडलाइन के नजदीक आने के साथ ही नक्सलियों के परिवार खुलेआम आत्मसमर्पण और घर वापसी की अपील करने लगे हैं। सूर्यपाल बोड्डू जैसे कमांडरों के परिवार ने उन्हें जंगल छोड़कर सामान्य जीवन अपनाने की भावुक गुहार लगाई है। सुरक्षा बलों के दबाव और मुठभेड़ों के खतरे के बीच यह संकेत मिलते हैं कि कुछ और नक्सली भी आत्मसमर्पण कर सकते हैं। यह प्रक्रिया न केवल उनके परिवार के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करेगी, बल्कि जिले में शांति बहाल करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



ये खबरें भी पढ़ें...

छत्तीसगढ़ में बस्तर फाइटर्स: नक्सलवाद के खिलाफ राज्य की नई पहल



तीन दिन के छत्तीसगढ़ दौरे पर अमित शाह, नक्सलवाद की डेडलाइन पर हाईलेवल मीटिंग



सुकमा में नक्सलवाद की कमर टूटी; 29 नक्सलियों ने एक साथ डाले हथियार



बस्तर ओलंपिक में शामिल हुए अमित शाह, बोले बस्तर सहित पूरे भारत से नक्सलवाद 31 मार्च 2026 तक खत्म हो जायेगा



Tags:
  • छत्तीसगढ़
  • बीजापुर
  • नक्सलवाद
  • अपील
  • आत्मसमर्पण
  • कुख्यात नक्सली कमांडर