कांकेर में सर्च ऑपरेशन में बड़ी सफलता , नक्सलियों का जखीरा ज़ब्त
समझें क्या है पूरा मामला
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सुरक्षाबलों ने आमाटोला के जंगल में नक्सलियों का खुफिया डंप खोज निकाला। यहाँ 4 बंदूक, 2 वायरलेस सेट और अन्य नक्सल सामग्री छिपाई गई थी। कांकेर पुलिस, बीएसएफ और बीडीएस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। यह अभियान छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में चलाया गया। सभी सामग्री सुरक्षित बरामद कर ली गई है और जवान कैंप वापस लौट आए हैं।
जंगल में सर्चिंग और मिला खुफिया डंप
मंगलवार को कांकेर जिले के छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में जवानों ने सघन तलाशी अभियान चलाया। आमाटोला के पास घने जंगल में गश्त के दौरान जवानों को कुछ संदिग्ध नजर आया। जाँच करने पर एक छिपा हुआ विस्फोटक डंप मिला। यह नक्सलियों का खुफिया ठिकाना था जहाँ हथियार और अन्य सामग्री सुरक्षित रखी गई थी।
क्या-क्या मिला डंप में
इस बरामदगी में कई अहम सामग्री हाथ लगी। चार भारमार बंदूकें, दो वायरलेस सेट और एक रेडियो मिला। इसके अलावा एक नक्सल वर्दी, दो पाउच, एक चार्जर और एक बैटरी भी बरामद हुई। नक्सली साहित्य और अन्य संबंधित सामग्री भी मिली। पूरे सामान को सुरक्षित तरीके से जंगल से बाहर निकाला गया।
तीन एजेंसियों की संयुक्त टीम ने दिया अंजाम
यह कार्रवाई कांकेर पुलिस, बीएसएफ (BSF – Border Security Force) और बीडीएस (BDS – Bomb Disposal Squad) की मिलीजुली टीम ने की। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर सीमावर्ती इलाकों में लगातार संयुक्त अभियान चल रहे हैं।
इसी क्रम में यह तलाशी अभियान चलाया गया था। कार्रवाई पूरी होने के बाद सभी जवान सुरक्षित कैंप लौट आए।
अभियान आगे भी जारी रहेगा
सुरक्षा एजेंसियों ने साफ किया है कि यह कार्रवाई यहीं नहीं रुकेगी। जिले के संवेदनशील और दूरदराज के इलाकों में आगे भी लगातार संयुक्त सर्च अभियान चलते रहेंगे। कांकेर जिला नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आता है। यहाँ सुरक्षाबलों की सक्रियता लगातार बनी हुई है।
FAQ
- कांकेर जिले में नक्सलियों के खिलाफ की गई इस बड़ी कार्रवाई का पूरा विवरण क्या है?
उत्तर: छत्तीसगढ़ के संवेदनशील जिले कांकेर के छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आमाटोला के जंगलों में सुरक्षाबलों ने एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान जवानों को एक खुफिया ठिकाना (नक्सल डंप) मिला, जहाँ नक्सलियों ने भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक छिपाकर रखे थे। सुरक्षाबलों ने इस डंप को सुरक्षित तरीके से नष्ट कर पूरी साजिश को नाकाम कर दिया। - इस नक्सल विरोधी संयुक्त अभियान में कौन-कौन सी सुरक्षा एजेंसियां शामिल थीं?
उत्तर: इस सफल कार्रवाई को तीन प्रमुख सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम (Joint Team) ने अंजाम दिया: कांकेर जिला पुलिस (स्थानीय खुफिया तंत्र और बल) BSF (सीमा सुरक्षा बल) (केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल) BDS (बम निरोधक दस्ता/Bomb Disposal Squad) (विस्फोटकों को सुरक्षित डिफ्यूज करने के लिए) - भरमार बंदूक क्या है?
यह स्थानीय स्तर पर बनाई जाने वाली (मज़ल-लोडिंग) गन होती है, जिसमें बारूद और छर्रे को नली के सामने से भरकर ठोंका जाता है। नक्सली और स्थानीय शिकारी अक्सर इसका इस्तेमाल करते हैं। हालांकि यह बहुत आधुनिक नहीं होती, लेकिन नजदीकी रेंज से यह बेहद घातक और जानलेवा साबित होती है।
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