20 लाख के इनामी नरहरि ने पत्नी संग किया सरेंडर, सेंट्रल कमेटी मेंबर हैं दोनों

Harrison Masih | May 16, 2026, 16:47 IST
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केंद्रीय समिति के सदस्य पसुनूरी नरहरि और उसकी पत्नी ने तेलंगाना में आत्मसमर्पण कर दिया है। इसके अलावा महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में 15 इनामी नक्सलियों ने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह बड़ी सफलता है।

माओवादी संगठन को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। केंद्रीय समिति के सदस्य और 20 लाख रुपये के इनामी माओवादी पसुनूरी नरहरि ने आत्मसमर्पण कर दिया है। नरहरि, जिसे संतोष के नाम से भी जाना जाता है, तेलंगाना के हनमकोंडा का रहने वाला है और लंबे समय से झारखंड में माओवादी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।



नरहरि संगठन में एक मजबूत पकड़ रखने वाले नेता माना जाता था। उसने बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी और पूर्वी क्षेत्रीय ब्यूरो में अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं। अधिकारियों के मुताबिक, नरहरि का लगातार बिगड़ता स्वास्थ्य उसकी आत्मसमर्पण की मुख्य वजह रहा। इसी के चलते उसने तेलंगाना पुलिस के सामने सरेंडर करने का फैसला किया।



पत्नी के साथ किया सरेंडर

खास बात यह है कि नरहरि ने अकेले नहीं बल्कि अपनी पत्नी जौबा उर्फ पूनम के साथ आत्मसमर्पण किया है, जो खुद संगठन की क्षेत्रीय समिति की सदस्य मानी जाती हैं। पुलिस ने इसे एक बड़ी सफलता बताया है, क्योंकि नरहरि लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में था।



महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में भी हथियार डाले

बुधवार को महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में 15 इनामी नक्सलियों ने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। अधिकारियों के मुताबिक, गढ़चिरौली जिले में 11 और कांकेर जिले में 4 नक्सलियों ने पुलिस अधिकारियों के सामने सरेंडर किया। इन सभी पर कुल 105 लाख रुपये का इनाम घोषित था। अधिकारियों ने बताया कि बड़ी संख्या में नक्सली अब माओवादी विचारधारा से निराश होकर मुख्यधारा में लौटने के लिए तैयार हैं।



गढ़चिरौली जिले में आत्मसमर्पण करने वाले प्रमुख नक्सली:

57 वर्षीय रमेश लेकामी (मंडल समिति सदस्य)


35 वर्षीय भीमा कोवासी


41 वर्षीय पोरिये गोटा (पार्टी मंच समिति सदस्य)


32 वर्षीय रतन ओयम


30 वर्षीय कमल वेलाडी



साथ ही क्षेत्र समिति के अन्य सदस्य: पोरिये वेलाडी (36), रामजी पुंगती (35), सोनू काटो (19), प्रकाश पुंगती (22), सीता पालो (21), और साईनाथ माडे (23)। ये सभी कई नक्सली घटनाओं में शामिल रहे हैं।



कांकेर जिले में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली:

काजल उर्फ रजीता वेड़दा


मंजूला उर्फ लक्ष्मी पोटाई


विलास उर्फ चैतु उसेंडी


रामसाय उर्फ लखन मर्रापी



अधिकारियों ने बताया कि इन सभी नक्सलियों पर कई गंभीर नक्सली घटनाओं में शामिल होने का आरोप है। आत्मसमर्पण करने वाले प्रत्येक नक्सली को पुनर्वास प्रक्रिया के तहत 50-50 हजार रुपये की तत्कालिक आर्थिक सहायता दी गई।



पिछले वर्षों में नक्सलियों का आत्मसमर्पण

छत्तीसगढ़ में पिछले दो साल में 2380 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में 2022 से अब तक 146 कट्टर नक्सलियों ने हथियार डाल दिए। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि नक्सली संगठन में अब निराशा फैल रही है और सुरक्षा एजेंसियों की लगातार कार्रवाई का असर दिखाई दे रहा है।



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