नक्सली भत्ते में 27 लाख का घोटाला, हाईकोर्ट ने फिर खोला केस
सरगुजा में नक्सली भत्ते के नाम पर हुए 27 लाख रुपए के गबन मामले में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए केस को फिर से खोलने का आदेश दिया है। राज्य सरकार की अपील स्वीकार करते हुए मामले को पुनः विचारण के लिए भेजा गया है।
28 समन, फिर भी नहीं आए गवाह
मामले में चौंकाने वाली बात यह रही कि ट्रायल के दौरान 28 बार समन जारी किए गए, लेकिन एक भी गवाह अदालत में पेश नहीं हुआ। इसी आधार पर 2020 में ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को दोषमुक्त कर दिया था।
भत्ते की रकम को लाखों में बदला
आरक्षक सत्य प्रकाश भगत, जो वेतन शाखा में पदस्थ था, ने ई-पेमेंट सिस्टम का दुरुपयोग करते हुए 1,610 रुपए के नक्सली भत्ते को 16,100 रुपए और 650 रुपए की राशनमनी को लाखों में बदलकर अपने खाते में ट्रांसफर कर लिया। इस तरह कुल 26.40 लाख रुपए का गबन किया गया।
पिता के खाते में भी ट्रांसफर
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने एक अन्य खाते में 6.64 लाख रुपए ट्रांसफर किए, जो उसके पिता से जुड़ा हुआ था। मामले का खुलासा होने के बाद 2014 में अंबिकापुर थाने में FIR दर्ज की गई थी।
हाईकोर्ट ने पुलिस पर उठाए सवाल
हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि गवाहों को पेश कराना अभियोजन की जिम्मेदारी है। 28 मौके मिलने के बावजूद एक भी गवाही नहीं होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस पूरे मामले में फिर से सुनवाई होगी और गबन के आरोपों की नए सिरे से जांच की जाएगी।
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