बस्तर में नक्सलियों का 19.43 करोड़ का डंप बरामद, कांकेर में नक्सली अब भी सक्रिय
NEWS IN SHORT
- नक्सलियों के खिलाफ बड़ी सफलता, 14 करोड़ का माल बरामद
- बीजापुर में 25 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, 93 हथियार बरामद
- दंतेवाड़ा को नक्सल मुक्त घोषित, कांकेर में 14 नक्सली अब भी सक्रिय
- बीजापुर में अब तक 19.43 करोड़ का डंप बरामद, 6.63 करोड़ नकद और 7 किलो सोना
- कांकेर में पुलिस का अभियान जारी, 11 नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने का लिया फैसला
NEWS IN DETAIL
छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे एंटी नक्सल ऑपरेशन को लेकर 31 मार्च की तारीख महत्वपूर्ण साबित हुई है। इस दिन नक्सलियों का छिपाया हुआ लगभग 14 करोड़ का माल बरामद हुआ है, जिसे अब तक का सबसे बड़ा डंप माना जा रहा है। बीजापुर जिले में 25 नक्सलियों ने सरेंडर किया है, जिनसे मिले इनपुट के बाद पुलिस ने 3 करोड़ कैश और 7 किलो गोल्ड बरामद किया।
नक्सलियों का आत्मसमर्पण और हथियारों की बरामदगी
पुलिस ने दावा किया है कि 4 जिलों में अब तक 34 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। दंतेवाड़ा जिले में 5, सुकमा में 2 और कांकेर में 2 नक्सली शामिल हैं। पुलिस ने दंतेवाड़ा जिले को नक्सल मुक्त क्षेत्र घोषित किया है, जबकि कांकेर में अभी भी 14 नक्सली सक्रिय हैं, जिनसे संपर्क करने की कोशिश की जा रही है।
25 नक्सली और 93 हथियारों के साथ सरेंडर
बीजापुर में डीकेएसजेडसी (दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी) के 25 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इन नक्सलियों के पास से 93 हथियार बरामद हुए हैं। इनमें 12 महिला नक्सली शामिल हैं। इन सभी पर 1.47 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। सरेंडर करने वालों में मंगल कोरसा, आकाश उईका, शंकर मुचाकी, राजू रैयाम, पाले कुरसम जैसे बड़े नक्सली शामिल हैं। मंगल कोरसा पर 8 लाख रुपये का इनाम था और वह 12 बड़ी घटनाओं में शामिल था।
बीजापुर में अब तक 19.43 करोड़ का डंप मिला
बीजापुर जिले में 1 जनवरी 2024 से 31 मार्च 2026 तक कुल 1003 माओवादी कैडरों ने सरेंडर किया है। इससे पहले भी यहां 5.37 करोड़ का डंप मिल चुका था, जिसमें 1 किलो सोना और 3.73 करोड़ रुपये थे। अब तक कुल 19.43 करोड़ का माल बरामद हो चुका है, जिसमें 6.63 करोड़ रुपये नकद और 12.80 करोड़ रुपये का सोना शामिल है।
कांकेर में नक्सली सक्रिय
कांकेर जिले में हाल ही में 2 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। पिछले 6 दिनों में जिले में 11 नक्सलियों ने मुख्यधारा में वापसी की है। हालांकि, यहां अभी भी करीब 14 नक्सली सक्रिय हैं, जिनमें डीवीसीएम चंदर और रूपी जैसे प्रमुख नक्सली शामिल हैं। पुलिस इन नक्सलियों से जानकारी जुटाकर बाकी छिपे नक्सलियों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है और उन्हें मुख्यधारा में लाने का प्रयास कर रही है।
समाप्ति की ओर बढ़ता ऑपरेशन
यह सफलता छत्तीसगढ़ पुलिस और सुरक्षा बलों की मेहनत का परिणाम है, जो लगातार नक्सलवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखे हुए हैं। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में नक्सलियों के खिलाफ और भी बड़ी कार्रवाइयां की जाएंगी और राज्य को पूरी तरह से नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
निष्कर्ष
यह ऑपरेशन छत्तीसगढ़ पुलिस और सुरक्षा बलों की कड़ी मेहनत का परिणाम है, जो नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए अभियान में लगातार सफलता प्राप्त कर रहे हैं।
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