छत्तीसगढ़ में अवैध नशे पर एक्शन: स्पेशल NDPS कोर्ट की स्थापना के साथ 21 पदों पर होगी भर्ती
NEWS IN SHORT
- छत्तीसगढ़ में बढ़ते ड्रग्स मामलों पर सख्ती, NDPS कोर्ट का गठन
- रायपुर, बिलासपुर और महासमुंद में स्पेशल अदालतें शुरू
- 21 नए पदों पर भर्ती से अदालतों का संचालन आसान होगा
- हाईकोर्ट ने नियुक्त न्यायाधीशों को कार्यभार ग्रहण का आदेश दिया
- विशेषज्ञों का मानना: लंबित मामलों में तेजी और बोझ में कमी आएगी
NEWS IN DETAIL
Raipur। छत्तीसगढ़ सरकार ने मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों की बढ़ती संख्या और लंबित मामलों के त्वरित निपटान के लिए बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत रायपुर, बिलासपुर और महासमुंद जिले के सरायपाली में स्पेशल NDPS कोर्ट गठित की गई हैं। ये अदालतें केवल एनडीपीएस एक्ट 1985 के अंतर्गत दर्ज मामलों की सुनवाई करेंगी। इससे राज्य में ड्रग तस्करी, मादक पदार्थों की सप्लाई और अवैध कारोबार से जुड़े मामलों का त्वरित निपटान संभव होगा।
अदालतों के मुख्य न्यायाधीश और अधिकार क्षेत्र
राज्य शासन ने रायपुर में दसवीं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश स्मृति किरण थवाइट को अदालत का जिम्मा सौंपा है। बिलासपुर में तृतीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश स्मृति किरण त्रिपाठी को विशेष न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र के लिए प्रथम जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश पवन कुमार अग्रवाल को विशेष न्यायाधीश बनाया गया है। इन अदालतों का अधिकार क्षेत्र संबंधित सिविल जिला और सत्र न्यायाधीश द्वारा तय किए गए कार्य विभाजन के अनुसार रहेगा। तीनों न्यायालय 11 मई 2026 से प्रभावी हैं।
नए पदों पर भर्ती
राज्य शासन ने नई अदालतों के संचालन के लिए 21 पदों को मंजूरी दी है। इसमें 3 अतिरिक्त जिला न्यायाधीश, 3 स्टेनोग्राफर, 3 रीडर ग्रेड-1, 3 एक्जीक्यूशन क्लर्क, 3 डिपोजिशन राइटर, 3 प्रोसेस राइटर और 3 भृत्य शामिल हैं। इन पदों के लिए वित्त विभाग ने प्रतीकात्मक 100 रुपए के अग्रिम व्यय की स्वीकृति प्रदान की है। बाद में इस राशि की प्रतिपूर्ति वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में की जाएगी।
हाईकोर्ट के आदेश और नियुक्ति
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव ने संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। नियुक्त न्यायाधीशों को 11 मई 2026 से अपने नए पद का कार्यभार ग्रहण करने का आदेश दिया गया। इससे सुनिश्चित होगा कि नई अदालतें समय पर संचालन में आ सकें और मामलों का निपटान तेजी से हो।
विशेषज्ञों की राय
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अलग NDPSअदालतों के गठन से मादक पदार्थों से जुड़े मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी और लंबित मामलों का बोझ कम होगा। राज्य में हाल के वर्षों में ड्रग्स तस्करी और प्रतिबंधित पदार्थों की बरामदगी के मामले लगातार बढ़े हैं। इस कारण से विशेष अदालतों की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
FAQ
- NDPS कोर्ट क्यों गठित की गई हैं?
मादक पदार्थों से जुड़े मामलों की तेजी से सुनवाई और लंबित मामलों को कम करने के लिए। - कौन से जिले में नई अदालतें शुरू हुई हैं?
रायपुर, बिलासपुर और महासमुंद (सरायपाली) में विशेष NDPS अदालतें गठित की गई हैं। - अदालतों के लिए कितने नए पद सृजित किए गए हैं?
कुल 21 नए पद बनाए गए हैं, जिनमें न्यायाधीश और सहायक कर्मचारियों के पद शामिल हैं। - अदालतें कब से कार्य में प्रभावी मानी जाएंगी?
सभी अदालतें और नियुक्त न्यायाधीश 11 मई 2026 से प्रभावी हैं।
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