नेपाल में जलप्रलय: भाजपा नेता की बेटी सहित छत्तीसगढ़ की दो महिलाएं मिसिंग
नेपाल में जलप्रलय ने हालात बेहद खतरनाक बना दिए हैं। इस प्राकृतिक आपदा के बीच छत्तीसगढ़ से नेपाल गए नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। अब तक प्रदेश से जुड़े 9 नागरिकों की स्थिति सामने आई है, लेकिन इनमें दो महिलाओं के अब भी लापता होने की सूचना है। प्रशासन लगातार नेपाल की एजेंसियों और संबंधित स्तर पर संपर्क कर जानकारी जुटा रहा है।
सबसे ज्यादा चिंता बिलासपुर की प्रियंका चौधरी और सरगुजा की डॉ. मीना गुप्ता को लेकर है। डॉ. मीना गुप्ता अंबिकापुर के भाजपा नेता करता राम गुप्ता की बेटी हैं। दोनों की लोकेशन स्पष्ट नहीं हो सकी है। दूसरी तरफ रायपुर की मोनिका यादव और बिलासपुर की मंजू राय चौधरी के परिजनों से संपर्क हो गया है।
मोनिका के लापता होने से मचा था हड़कंप
रायपुर के महादेव घाट निवासी मोनिका यादव 22 अगस्त को नेपाल गई थीं। नेपाल में बाढ़ के बाद उनसे संपर्क टूटने की खबर सामने आई थी। इसके बाद उनके परिवार की चिंता बढ़ गई।
प्रशासन के मुताबिक अब मोनिका यादव मिल गई है। आपदा के कारण नेपाल में संचार और आवाजाही प्रभावित होने से हर जानकारी की पुष्टि में समय लग रहा है।
65 साल की मंजू को लेकर भी चिंता
बिलासपुर की 65 वर्षीय ब्यूटिशियन मंजू राय चौधरी कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गई थीं। बाढ़ और भूस्खलन के बीच उनके संबंध में भी चिंता की स्थिति बनी थी।
अब प्रशासन ने उनके परिजनों से संपर्क स्थापित होने की जानकारी दी है। उनके संबंध में उपलब्ध सूचनाओं का सत्यापन किया जा रहा है और जरूरी समन्वय बनाया जा रहा है।
प्रियंका का सुराग नहीं, परिवार परेशान
बिलासपुर की 39 वर्षीय प्रियंका चौधरी नेपाल में लापता बताई जा रही हैं। वे फिनलैंड की नागरिक हैं। उनके परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर प्रशासन संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है।
नेपाल में लगातार बदलते मौसम और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में मुश्किल हालात के बीच प्रियंका की सुरक्षित तलाश चुनौती बनी हुई है। प्रशासन उनकी लोकेशन और स्थिति का पता लगाने के प्रयास कर रहा है।
रसुवागढ़ी में आखिरी लोकेशन, डॉ. मीना लापता
सरगुजा की डॉ. मीना गुप्ता को लेकर भी स्थिति गंभीर है। वे यूनाइटेड किंगडम की नागरिक हैं। जानकारी के मुताबिक उनका अंतिम ज्ञात स्थान रसुवागढ़ी इमिग्रेशन कार्यालय, नेपाल-चीन सीमा के पास बताया गया है।
इसके बाद उनका संपर्क नहीं हो सका। संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर उनकी स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है। सीमा क्षेत्र में आपदा की गंभीरता को देखते हुए उनकी तलाश को लेकर प्रशासन सक्रिय है।
रायपुर के 5 नागरिक सुरक्षित
इस बीच रायपुर के लिए राहत की खबर भी है। माना क्षेत्र के दिनेश ओझा, प्रेम सिंह जगत, नारायण सेन, यतेंद्र प्रकाशी और दिनेश सिंह ठाकुर सुरक्षित हैं।
पांचों नागरिक 21 अगस्त को नेपाल गए थे। उनकी सुरक्षित होने की पुष्टि हो चुकी है और वे रायपुर लौटने के लिए रवाना हो गए हैं।
हर अपडेट पर प्रशासन की नजर
नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के कारण हालात लगातार चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ प्रशासन वहां मौजूद नागरिकों की जानकारी जुटाने में लगा है। जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के जरिए सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा है।
नेपाल प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियों के साथ भी समन्वय बनाए रखा गया है। लापता नागरिकों के संबंध में हर उपलब्ध सूचना को गंभीरता से लिया जा रहा है।
आपदा के बीच हर पल खतरनाक
नेपाल के कई हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन ने सामान्य आवाजाही को प्रभावित किया है। ऐसे हालात में लापता नागरिकों तक पहुंचना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। खासकर प्रियंका और डॉ. मीना की स्थिति को लेकर परिवारों की बेचैनी बढ़ी हुई है।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि नेपाल गए छत्तीसगढ़ के किसी नागरिक से जुड़ी कोई भी जानकारी मिलने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करें। प्रभावित नागरिकों और उनके परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
हेल्पलाइन: टोल फ्री 1070
कंट्रोल रूम: 0771-2223471
FAQ
- नेपाल बाढ़ में छत्तीसगढ़ के कितने नागरिक लापता हैं?
नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के बीच छत्तीसगढ़ की दो महिलाएं बिलासपुर की प्रियंका चौधरी और सुरगुजा की डॉ. मीना गुप्ता लापता बताई जा रही हैं। - नेपाल में फंसे छत्तीसगढ़ के नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर क्या है?
नेपाल में फंसे या लापता छत्तीसगढ़ के नागरिकों से जुड़ी जानकारी के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन 1070 और कंट्रोल रूम नंबर 0771-2223471 पर संपर्क किया जा सकता है।
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