एनटीपीसी लारा में कोयला कांड; 575 ट्रेलर रास्ते से ही हुए गुल, सीबीआई ने कसी अधिकारियों पर नकेल
NEWS IN SHORT
- रायगढ़ के एनटीपीसी लारा में कोयला घोटाला
- 575 ट्रेलर कोयला गायब, सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की
- ट्रांसपोर्ट और अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप
- सीआईएसएफ की लापरवाही, रिकॉर्ड में बड़ा अंतर
- सीबीआई जांच जारी, 5 अधिकारियों पर कार्रवाई
NEWS IN DETAIL
Raigarh News। Coal Scam :छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के पुसौर ब्लॉक स्थित एनटीपीसी लारा प्लांट में कोयला परिवहन से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है। आरोप है कि 575 ट्रेलर कोयला लेकर प्लांट तक पहुंचे ही नहीं
बल्कि रास्ते में ही गायब हो गए। इस मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) (CBI Investigation) ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जो लगभग तीन साल पुराना है।
ट्रांसपोर्टरों और अधिकारियों की मिलीभगत
सूत्रों के अनुसार, यह गड़बड़ी एनटीपीसी के अधिकारियों और ट्रांसपोर्टरों की कथित (corruption case) मिलीभगत से हुई है। मामले का खुलासा होने के बाद एनटीपीसी प्रबंधन ने इसे गंभीरता से लिया
और सीबीआई को शिकायत सौंप दी। इसके बाद जांच एजेंसी ने संबंधित ट्रांसपोर्टरों और अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, जब तलाईपाली माइंस से उत्पादन कम हो गया था, तो एनटीपीसी लारा प्लांट को कोयला की आपूर्ति अन्य खदानों से की जा रही थी। उस समय रेल मार्ग की बजाय सड़क मार्ग से कोयला परिवहन हो रहा था।
इसी दौरान प्लांट के स्टॉक में गड़बड़ी का संदेह उत्पन्न हुआ। रिकॉर्ड की जांच करने पर यह पाया गया कि जितने ट्रक और ट्रेलर प्लांट के लिए रवाना किए गए थे, उतने वहां पहुंचे ही नहीं।
575 ट्रेलर गायब
सीबीआई द्वारा 28 अप्रैल 2023 से 22 मई 2024 के बीच किए गए दस्तावेजी साक्ष्य की जांच में यह सामने आया कि 575 ट्रेलर कोयला लेकर प्लांट तक पहुंचे ही नहीं। वित्तीय प्रबंधन विभाग की जांच में यह गड़बड़ी सामने आई, जिससे मामले ने तूल पकड़ लिया।
सीआईएसएफ और अधिकारियों की भूमिका पर सवाल
एनटीपीसी लारा प्लांट की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआईएसएफ के पास है। प्लांट के एंट्री गेट पर वाहनों की एंट्री रजिस्टर में दर्ज की जाती है
लेकिन जब प्रबंधन ने वित्तीय रिकॉर्ड और गेट एंट्री का मिलान किया, तो बड़ा अंतर सामने आया। खासकर अक्टूबर 2023 में 154 ट्रेलर कोयला गायब पाया गया। इसके बाद विजिलेंस टीम सक्रिय हुई और जांच शुरू की, जो सीबीआई तक पहुंची।
सीबीआई की जांच जारी: पांच अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर
सीबीआई ने इस मामले में एनटीपीसी के पांच अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और जांच जारी है। सूत्रों का कहना है कि इस घोटाले में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिससे ट्रांसपोर्टरों और संबंधित अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।
एनटीपीसी अधिकारी की प्रतिक्रिया
एनटीपीसी लारा के जनसंपर्क अधिकारी बी.पी. साहू ने बताया कि यह मामला करीब तीन साल पुराना है और सीबीआई ने लगभग छह महीने पहले एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी। उन्होंने कहा कि मामले में जांच जारी है, इसलिए फिलहाल इस पर ज्यादा टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
कोयला परिवहन और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल
इस पूरे प्रकरण ने कोयला परिवहन व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर सीबीआई की जांच पर टिकी है कि इस घोटाले में किन-किन लोगों की मिलीभगत सामने आती है।
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