जेन-जी प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया से तय होगा सीजी अफसरों का रिपोर्ट कार्ड
समझें क्या है पूरा मामला
- छत्तीसगढ़ के अफसरों की अब सोशल मीडिया से तय होगी रैंकिंग।
- निगेटिव खबर पर 6 घंटे में देना होगा जवाब, मिलेंगे 40 अंक।
- जेन-जी आंदोलन के बाद बदला सिस्टम, शुरू हुई कड़ी निगरानी।
- जनसंपर्क विभाग रखेगा सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया पर नजर।
- डेल्टा मार्किंग प्रणाली से तय होंगे अफसरों के ट्रांसफर और प्रमोशन।
जेन-जी आंदोलन के बाद नया फैसला
छत्तीसगढ़ में हाल के घटनाक्रमों के बाद सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया है। अब सभी विभागों को इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया मंचों पर एक्टिव होना पड़ेगा। पहले केवल प्रिंट मीडिया की ही ट्रैकिंग की जाती थी। अब सोशल मीडिया की गतिविधियों पर भी जनसंपर्क विभाग सीधी नजर रखेगा।
100 नंबरों का होगा रिपोर्ट कार्ड
अधिकारियों के काम का आकलन करने के लिए 100 अंकों की डेल्टा मार्किंग तय की गई है। इसमें प्रेस रिलीज के लिए 15 अंक तय किए गए हैं। सफलता की कहानियों यानी सक्सेस स्टोरी के लिए 15 अंक दिए जाएंगे। सोशल मीडिया पर सक्रियता के लिए 30 अंक रखे गए हैं। सबसे ज्यादा 40 अंक एक्शन टेकन रिपोर्ट यानी एटीआर के लिए तय हैं।
एटीआर और समय सीमा का नियम
एक्शन टेकन रिपोर्ट का मतलब है कि अगर किसी विभाग के खिलाफ कोई खबर चलती है, तो उस पर तुरंत जवाब देना होगा। अगर खबर में कोई कमी बताई गई है, तो उसे सुधारने का प्लान पेश करना होगा। प्रिंट मीडिया की खबरों पर उसी दिन जवाब देना अनिवार्य है। सोशल मीडिया पर किसी भ्रामक या निगेटिव रिपोर्ट का जवाब 6 घंटे के भीतर देना होगा। देरी से दिए गए जवाब के अंक नहीं जुड़ेंगे।
गूगल फार्म से होगी सीधी ट्रैकिंग
इस पूरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए एक विशेष गूगल फार्म बनाया गया है। जनसंपर्क अधिकारी इसमें रोजाना का डेटा दर्ज करेंगे। डेटा भरते ही सिस्टम अपने आप अपडेट हो जाएगा। यदि कोई गलत एंट्री या गड़बड़ी पाई गई, तो संबंधित अफसर पर कार्रवाई होगी। सोशल मीडिया पर केवल ओरिजिनल पोस्ट की गणना होगी। री-पोस्ट या शेयर को इसमें नहीं जोड़ा जाएगा।
रैंकिंग से जुड़ेंगे ट्रांसफर-प्रमोशन
हर महीने इस डेल्टा मार्किंग के आधार पर सचिवों और कलेक्टरों की रैंकिंग जारी की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, इसी रैंकिंग को आधार बनाकर अधिकारियों के ट्रांसफर और प्रमोशन के फैसले लिए जाएंगे।
FAQ
- डेल्टा मार्किंग सिस्टम क्या है?
उ: यह छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अफसरों की कार्यशैली और मीडिया रिस्पॉन्स को आंकने के लिए बनाया गया 100 अंकों का रैंकिंग सिस्टम है। - सोशल मीडिया की खबरों पर जवाब देने के लिए कितना समय मिलेगा?
उ: सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी नकारात्मक या भ्रामक खबर का जवाब अफसरों को 6 घंटे के भीतर देना होगा। - सोशल मीडिया रैंकिंग का अफसरों के करियर पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उ: इस रैंकिंग के आधार पर अधिकारियों के भविष्य के ट्रांसफर और प्रमोशन के फैसले लिए जा सकते हैं।
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