PGI-D Report: छत्तीसगढ़ में कोई जिला टॉप ग्रेड नहीं, रायगढ़ नंबर-1, सुकमा सबसे पीछे

Harrison Masih | Aug 31, 2026, 13:07 IST
छत्तीसगढ़ स्कूलों की पीजीआई-डी रिपोर्ट
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की पीजीआई-डी रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ का कोई जिला टॉप ग्रेड नहीं पा सका। रायगढ़ राज्य में टॉप पर रहा, रायपुर डिजिटल लर्निंग में अव्वल आया, लेकिन बस्तर के कई जिले बहुत पीछे रह गए हैं।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने पीजीआई-डी 2025-26 रिपोर्ट जारी की है। छत्तीसगढ़ का कोई भी जिला टॉप ग्रेड यानी उत्कर्ष या उत्तम-1 नहीं पा सका। रायगढ़ जिला राज्य में सबसे आगे रहा।



रायपुर डिजिटल लर्निंग में अव्वल आया, लेकिन ओवरऑल रैंकिंग में तीसरे नंबर तक भी नहीं पहुंच पाया। बस्तर संभाग के सुकमा और नारायणपुर जैसे जिले डिजिटल शिक्षा में बहुत पीछे रह गए।



पीजीआई-डी रिपोर्ट क्या है?

पीजीआई-डी यानी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स फॉर डिस्ट्रिक्ट्स, हर जिले के स्कूली शिक्षा तंत्र को 600 अंकों के पैमाने पर परखता है। यह 70 इंडिकेटर पर आधारित है, जो छह श्रेणियों में बंटे हैं, आउटकम, प्रभावी क्लासरूम संचालन, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्कूल सेफ्टी, डिजिटल लर्निंग और गवर्नेंस। पिछली रिपोर्ट (2024-25) में भी छत्तीसगढ़ में डिजिटल लर्निंग सबसे कमजोर कड़ी के तौर पर सामने आई थी, जब नारायणपुर और सुकमा जैसे जिलों का स्कोर महज 6 अंक रह गया था।



पीजीआई-डी रिपोर्ट आपसे क्यों जुड़ी है?

अगर आपके बच्चे रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर या बस्तर संभाग के किसी सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं, तो यह रिपोर्ट सीधे आपसे जुड़ी है। डिजिटल पढ़ाई और स्कूल सेफ्टी जैसे पैमानों पर आपके जिले का स्कोर बताता है कि सरकारी स्कूल तंत्र कितना तैयार है। यह सिर्फ आंकड़ा नहीं, आपके बच्चे के भविष्य से जुड़ा सवाल है।



प्रचेष्टा-1 ग्रेड में कितने जिले

रायगढ़ जिले को कुल 329 अंक मिले, जो छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा है। सरगुजा को 324 और बीजापुर को 323 अंक मिले। दुर्ग 320 अंक के साथ चौथे स्थान पर रहा। यह चारों जिले प्रचेष्टा-1 ग्रेड में आते हैं, जो 51 से 60 फीसदी के बीच है।



PGI-D report


अब सवाल यह है, फिर राजधानी रायपुर कहां खड़ी है?

रायपुर डिजिटल लर्निंग की 50 अंकों वाली श्रेणी में सबसे आगे रहा, उसे 24 अंक मिले। लेकिन ओवरऑल स्कोर में वह टॉप 3 में जगह नहीं बना पाया।



इसे यूं समझिए। मान लीजिए एक स्कूल में सबसे अच्छा कंप्यूटर लैब है, लेकिन टीचर पढ़ाने में कमजोर हैं। सिर्फ एक चीज अच्छी होने से पूरा स्कूल टॉप नहीं बन जाता। रायपुर के साथ भी यही हुआ है।



छत्तीसगढ़ का कोई भी जिला उत्कर्ष या उत्तम-1 ग्रेड तक नहीं पहुंच पाया। सिर्फ 19 जिलों को उत्तम-2 ग्रेड मिला। बस्तर संभाग में सबसे कमजोर तस्वीर सामने आई। दंतेवाड़ा को कुल 292 अंक मिले, जो संभाग में बेहतर माना गया। लेकिन सुकमा को सिर्फ 255 अंक मिले, और डिजिटल लर्निंग में तो सुकमा को 50 में से सिर्फ 6 अंक मिले। नारायणपुर को इसी श्रेणी में सिर्फ 7 अंक मिले।



और यही वो जगह है जहां असली तस्वीर साफ होती है। आदिवासी और दूरस्थ इलाकों में डिजिटल शिक्षा अभी भी सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।



देखें छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के हाल

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कौन कौन शामिल है

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय हर साल यह रिपोर्ट जारी करता है। राज्य का स्कूल शिक्षा विभाग जमीनी क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार है। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने हाल ही में विभाग की दो साल की उपलब्धियों का लेखा-जोखा पेश किया था, जिसमें स्कूलों के युक्तियुक्तकरण और शिक्षकों की पदोन्नति का जिक्र था। और सबसे अहम, बस्तर से लेकर रायपुर तक के लाखों बच्चे इस पूरे तंत्र के केंद्र में हैं।



दोनों साइड की बात

रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि छत्तीसगढ़ में डिजिटल शिक्षा और सीखने की गुणवत्ता में कमी है, खासकर आदिवासी जिलों में। दूसरी तरफ राज्य सरकार का कहना रहा है कि पिछले दो साल में स्कूलों का युक्तियुक्तकरण और शिक्षक पदोन्नति जैसे सुधार कार्य हुए हैं, और शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की तैयारी चल रही है। यह रिपोर्ट सरकार के इन दावों और जमीनी आंकड़ों के बीच के फासले को सामने रखती है, फिलहाल पीजीआई-डी रिपोर्ट पर राज्य सरकार की कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



आगे क्या होगा

राज्य सरकार पर अब दबाव है कि वह बस्तर संभाग जैसे आदिवासी बहुल इलाकों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस्ड योजना बनाए। अगली पीजीआई-डी रिपोर्ट में यह देखना दिलचस्प होगा कि सुकमा और नारायणपुर जैसे जिले सुधार कर पाते हैं या नहीं, और क्या रायपुर अपनी डिजिटल बढ़त को ओवरऑल स्कोर में बदल पाता है।



एक बात जो आप नहीं जानते थे

आम धारणा यह है कि राजधानी शहर हमेशा राज्य में सबसे आगे रहता है। पीजीआई-डी डेटा इसे गलत साबित करता है। रायपुर डिजिटल लर्निंग में नंबर वन होने के बावजूद ओवरऑल रैंकिंग में टॉप 3 से बाहर है। यानी सिर्फ संसाधन होना काफी नहीं, पढ़ाई की गुणवत्ता और गवर्नेंस भी उतना ही मायने रखते हैं।



अब आप क्या करें

अब आप क्या करें: dpgi.udiseplus.gov.in पर जाकर अपने जिले का पूरा स्कोर चेक करें। क्यों अभी: यह रिपोर्ट सीधे आपके बच्चे के स्कूल की गुणवत्ता से जुड़ी है। आगे देखें: राज्य सरकार की डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार योजना, खासकर बस्तर संभाग के लिए।



यह खबर क्यों जरूरी है

शिक्षा का अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21ए के तहत मौलिक अधिकार है। पीजीआई-डी जैसी सरकारी रिपोर्ट पारदर्शिता का जरिया है, जिससे नागरिक अपने जिले के स्कूल तंत्र की सच्चाई जान सकते हैं। आदिवासी बहुल जिलों में डिजिटल शिक्षा की कमी सीधे समान अवसर के सिद्धांत से जुड़ा नैतिक सवाल भी है।



FAQ

  1. छत्तीसगढ़ में पीजीआई-डी रिपोर्ट में टॉप जिला कौन सा है?
    रायगढ़ जिला 329 अंकों के साथ छत्तीसगढ़ में सबसे आगे रहा।
  2. रायपुर का डिजिटल लर्निंग में कैसा प्रदर्शन रहा?
    रायपुर ने डिजिटल लर्निंग श्रेणी में 50 में से 24 अंक हासिल किए, जो राज्य में सबसे ज्यादा है।
  3. PGI-D Report में छत्तीसगढ़ के किन जिलों का प्रदर्शन सबसे कमजोर है?
    डिजिटल लर्निंग में सुकमा को सिर्फ 6 अंक और नारायणपुर को 7 अंक मिले, जो बस्तर संभाग में सबसे कमजोर प्रदर्शन है।

रेफ्रेंस



https://www.dsel-education.gov.in/



https://dpgi.udiseplus.gov.in/



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