प्रधानमंत्री आवास योजना में लापरवाही; सुस्त अफसरों पर सरकार ने चलाया हंटर; 6 नगर निगमों को नोटिस
NEWS IN SHORT
- प्रधानमंत्री आवास योजना में अफसरों की लापरवाही कार्रवाई का आदेश
- छत्तीसगढ़ में अफसरों को नोटिस आवास निर्माण में देरी
- 11 महीने में केवल 58% आवास आबंटित सरकार ने लिया एक्शन
- राज्य सरकार ने 6 अफसरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया
- अफसरों से 7 दिन में जवाब मांगा
NEWS IN DETAIL
Raipur। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के एएचपी में अफसरों की गंभीर लापरवाही सामने आई है। विभागीय समीक्षा में खुलासा हुआ है कि राज्य के आधा दर्जन बड़े निकायों के अफसरों ने पिछले 11 महीने में काम में ढिलाई बरती, जिस वजह से आवास योजना में लक्ष्य पूरे नहीं हो पाए। इसके बाद राज्य सरकार ने नगर निगम आयुक्तों और सीएमओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
11 महीने में सिर्फ 58% आवास आबंटित बाकी काम अधूरा
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य में हजारों आवासों का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन संबंधित अफसरों ने काम को गंभीरता से नहीं लिया। विभागीय समीक्षा में सामने आया कि 462 स्वीकृत आवासों में से केवल 270 का ही आबंटन हो पाया है। वहीं, पिछले 11 महीनों में केवल 24 आवासों का आबंटन किया गया। इसके अलावा, 346 पूर्ण आवासों में से केवल 83 का ही व्यवस्थापन किया गया।
आधिकारिक लापरवाही पर कार्यवाही की चेतावनी
छत्तीसगढ़ सरकार ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाहीमाना है और सभी अधिकारियों से सात दिन के भीतर जवाब मांगा है। अगर कोई अधिकारी समय सीमा में जवाब नहीं देता है, तो उनके खिलाफ एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम, 1966 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है।
जगदलपुर सहित अन्य नगर निगमों में भी देरी
यह छत्तीसगढ़ प्रशासनिक लापरवाहीमामला केवल जगदलपुर नगर निगम का नहीं है, बल्कि अंबिकापुर, रिसाली, राजनांदगांव, भिलाई चरौदा और कांकेर नगर पालिका परिषद जैसे निकायों में भी इसी तरह की लापरवाही सामने आई है। इन निकायों में भी आवास निर्माण और आबंटन की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। सभी अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है और सुधार के लिए निर्देश दिए गए हैं।
आवास निर्माण में तेजी लाने का निर्देश
सरकार ने अधिकारियों को यह निर्देश दिया है कि वे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कार्यों में तेजी लाएं और तय समय सीमा के भीतर सभी कार्य पूरे करें। इस योजना के तहत, राज्य में लाखों गरीबों को अपना घर मिलेगा, इसलिए इसमें कोई भी लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
निष्कर्ष
राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अफसरों की लापरवाही को गंभीरता से लिया है और सुधार के लिए कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। समय सीमा के भीतर जवाब नहीं मिलने पर एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी
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