नए PCCF के लिए DPC, अरुण पाण्डेय के नाम पर बनी सहमति
Raipur। छत्तीसगढ़ में वन विभाग के सबसे बड़े पद पर बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। नए वन प्रमुख यानी PCCF की नियुक्ति के लिए सोमवार को डीपीसी की बैठक हुई। जिसमें कमेटी ने 1994 बैच के IFS अधिकारी अरुण पाण्डेय के नाम से सहमति दे दी है। अब अंतिम स्वीकृति मुख्यमंत्री को देनी है। मुखमंत्री की सहमति के बाद अरुण पाण्डेय के नाम की घोषणा हो जाएगी।
31 मई को रिटायर होंगे श्रीनिवास राव
मौजूदा वन बल प्रमुख वी. श्रीनिवास राव 31 मई को रिटायर हो रहे हैं। उनके रिटायरमेंट से पहले ही नए PCCF की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर दी गई है। सूत्रों के मुताबिक मंत्रालय में हुई डीपीसी बैठक में कई वरिष्ठ अफसरों के नामों पर विस्तार से चर्चा हुई। अब अंतिम फैसला मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के स्तर पर होना है।
डीपीसी में इन अफसरों के नाम पर चर्चा
बताया गया कि डीपीसी में तीन वरिष्ठ PCCF अधिकारियों के नाम रखे गए। इनमें अनिल साहू, कौशलेंद्र कुमार और PCCF वाइल्ड लाइफ अरुण पाण्डेय शामिल हैं। बैठक में मुख्य सचिव विकासशील, ACS मनोज पिंगुआ और केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर मध्यप्रदेश के वन बल प्रमुख शुभरंजन सेन मौजूद रहे। शुभरंजन सेन बैठक में ऑनलाइन शामिल हुए थे।
बैठक के बाद से वन विभाग के गलियारों में चर्चाएं और तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि अंतिम पैनल में अरुण पाण्डेय और कौशलेंद्र कुमार के नाम आगे रखे गए थे।
अरुण पाण्डेय का पलड़ा भारी
सूत्रों का कहना है कि अरुण पाण्डेय का नाम सबसे मजबूत माना गया। विभागीय अनुभव और वर्तमान जिम्मेदारियों को देखते हुए सरकार भी उन पर भरोसा जता सकती है। वाइल्ड लाइफ सेक्टर में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है। पिछले कुछ समय में वन्यजीव संरक्षण और टाइगर रिजर्व से जुड़े मामलों में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है।
हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी किसी नाम की घोषणा नहीं हुई है। लेकिन मंत्रालय में चल रही चर्चाओं ने अरुण पाण्डेय के नाम का संकेत दे दिए हैं कि मुख्यमंत्री जल्द मुहर लगा सकते हैं।
सिर्फ वरिष्ठता नहीं बना आधार
वन विभाग में इस बार नियुक्ति को लेकर एक और बड़ी चर्चा है। कहा जा रहा है कि केवल वरिष्ठता के आधार पर फैसला नहीं हुआ। सरकार प्रशासनिक क्षमता, कार्यशैली और भविष्य की जरूरतों को भी ध्यान में रख गया है।
वरिष्ठता क्रम में अनिल साहू सबसे आगे बताए जा थे। लेकिन वे जुलाई में रिटायर होने वाले हैं। ऐसे में लंबी अवधि के लिए जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारी पर सरकार दांव लगा है। यही वजह है कि अरुण पाण्डेय का नाम पैनल ने मुहर लगाई है।
कई अफसर होंगे रिटायर, बदलेंगे प्रभार
(छत्तीसगढ़ में बड़े प्रशासनिक बदलाव) वन विभाग में अगले कुछ दिनों में बड़े प्रशासनिक बदलाव भी देखने को मिल सकते हैं। श्रीनिवास राव के साथ 1989 बैच के PCCF तपेश झा भी 31 मई को रिटायर हो रहे हैं। इसके अलावा APCCF ओपी यादव भी इसी पद पर रहते हुए सेवा से रिटायर होंगे।
बताया जा रहा है कि इन रिटायरमेंट के बाद PCCF और APCCF स्तर पर कई अफसरों के प्रभार बदले जा सकते हैं। विभाग में नई पोस्टिंग और जिम्मेदारियों को लेकर भी हलचल तेज हो गई है।
सीएम के फैसले पर टिकी नजर
अब सबकी नजर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के फैसले पर है। डीपीसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कभी भी नए वन बल प्रमुख के नाम का ऐलान हो सकता है। वन विभाग के भीतर इसे बड़े प्रशासनिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
हाल में हुई थी DPC कैंसिल
बीते दिनों पीएससीएफ को लेकर के एक डीपीसी होने वाली थी। लेकिन डीपीसी के 1 दिन पहले ही डिपार्टमेंट ACS ऋचा शर्मा का ट्रांसफर हो गया। इस कारण से अगले दिन होने वाली डीपीसी को टाल दिया गया। आज सबेरे ही DPC की तारीख तय की गई थी।
FAQ
- PCCF का पद कौन संभालता है?
वन विभाग का सबसे वरिष्ठ अधिकारी। - अरुण पाण्डेय का नाम क्यों चर्चा में है?
वाइल्ड लाइफ और विभागीय अनुभव के कारण। - कब वर्तमान PCCF रिटायर हो रहे हैं?
31 मई 2026 को। - अंतिम निर्णय कौन करेगा?
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय।
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