छत्तीसगढ़ में बिजली का झटका : रायपुर समेत पूरे प्रदेश में बढ़े दाम
NEWS IN SHORT
- छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में बढ़ोतरी लागू
- घरेलू उपभोक्ताओं को अब देना होगा ज्यादा बिजली बिल
- गैर घरेलू श्रेणी में भी 20 से 40 पैसे की बढ़ोतरी
- कृषि पंप बिजली दरें बढ़ीं, किसानों पर असर तय
- कई श्रेणियों में टैरिफ बदला, नई व्यवस्था लागू
NEWS IN DETAIL
Raipur। छत्तीसगढ़ राज्य में बिजली उपभोक्ताओं को अब अधिक भुगतान करना होगा। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बिजली दरों में संशोधन का आदेश जारी किया है। यह नई दरें घरेलू, गैर घरेलू और कृषि सभी श्रेणियों पर लागू होंगी। आयोग के निर्णय के बाद राज्य में बिजली की प्रति यूनिट लागत बढ़ गई है। इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं के मासिक बिजली बिल पर पड़ेगा। आदेश के अनुसार संशोधित टैरिफ तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
घरेलू उपभोक्ताओं पर बढ़ा बोझ
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में वृद्धि की गई है। अब प्रति यूनिट 30 पैसे से 50 पैसे तक की बढ़ोतरी लागू होगी। इससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के परिवार प्रभावित होंगे। हर महीने आने वाले बिजली बिल में बढ़ोतरी देखी जाएगी। छोटे घरेलू उपभोक्ताओं पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। बिजली की सामान्य खपत करने वाले परिवारों का बजट प्रभावित हो सकता है।
स्थानीय निकायों के कार्यालयों के विद्युत टैरिफ में भी बदलाव किया गया है। इन्हें गैर घरेलू श्रेणी से हटाकर घरेलू श्रेणी में शामिल कर दिया गया है। इसका असर इन संस्थानों की बिलिंग व्यवस्था पर पड़ेगा। अब इन कार्यालयों को घरेलू श्रेणी के अनुसार भुगतान करना होगा।
स्ट्रीट लाइट और जल आपूर्ति टैरिफ में बदलाव
छत्तीसगढ़ आवास बोर्ड की कॉलोनियों में बड़ा बदलाव किया गया है। यहां की स्ट्रीट लाइट और सार्वजनिक जल आपूर्ति का टैरिफ अब घरेलू श्रेणी में कर दिया गया है। पहले यह गैर घरेलू श्रेणी में आता था। इस बदलाव से इन सेवाओं की बिजली लागत संरचना बदल जाएगी। स्थानीय स्तर पर बिजली बिलिंग का नया ढांचा लागू होगा।
अस्थायी कनेक्शन पर नया नियम
अस्थायी घरेलू कनेक्शनों को लेकर भी नया नियम लागू किया गया है। अब ऐसे कनेक्शनों पर दो वर्ष की अवधि पूरी होने के बाद सामान्य घरेलू टैरिफ लागू होगा। इससे अस्थायी उपयोग पर नियंत्रण बढ़ेगा। बिजली वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने का प्रयास किया गया है। लंबे समय तक अस्थायी कनेक्शन का लाभ लेने वालों पर इसका असर पड़ेगा।
गैर घरेलू उपभोक्ताओं पर असर
गैर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए भी बिजली दरों में बढ़ोतरी की गई है। इन श्रेणियों में 20 पैसे से 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि लागू होगी। दुकानों, कार्यालयों, छोटे उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर इसका असर पड़ेगा। व्यापारिक गतिविधियों की लागत में वृद्धि होने की संभावना है। बिजली खर्च बढ़ने से व्यावसायिक बजट पर दबाव बढ़ेगा।
मोबाइल टावरों को राहत
राज्य सरकार ने कुछ क्षेत्रों को राहत भी प्रदान की है। बस्तर और सरगुजा आदिवासी क्षेत्रों में स्थित मोबाइल टावरों को ऊर्जा शुल्क में छूट दी गई है। इन टावरों को 25 प्रतिशत की रियायत दी जाएगी। यह छूट 2005 के आदेश के तहत लागू रहेगी। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में संचार सेवाओं को सहयोग मिलने की उम्मीद है।
कृषि पंपों पर बढ़ोतरी और राहत
कृषि क्षेत्र में भी बिजली दरों में संशोधन किया गया है। कृषि पंपों के लिए बिजली दरों में 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। इससे किसानों की सिंचाई लागत में वृद्धि होगी। खेती से जुड़ी बिजली खपत पर अतिरिक्त खर्च आएगा।
हालांकि गैर सब्सिडी वाले कृषि पंप कनेक्शनों के लिए राहत भी दी गई है। इन पर दी जा रही ऊर्जा छूट को 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे कुछ किसानों को आंशिक राहत मिलेगी। सरकार ने कृषि क्षेत्र में संतुलन बनाने का प्रयास किया है।
किसानों के लिए पुरानी सुविधा जारी
किसानों के लिए पहले से लागू सुविधा जारी रखी गई है। खेतों में लगे विद्युत पंपों के पास 100 वॉट तक बिजली उपयोग की अनुमति बनी रहेगी। इसका उपयोग रोशनी और छोटे उपकरणों के लिए किया जाता है। यह सुविधा किसानों की दैनिक जरूरतों को देखते हुए जारी रखी गई है। इससे छोटे कृषि कार्यों में कोई बाधा नहीं आएगी।
IMP FACTS
घरेलू बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी
गैर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी
कृषि पंपों की दरों में 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि
स्थानीय निकाय कार्यालयों का टैरिफ अब घरेलू श्रेणी में शामिल
स्ट्रीट लाइट और जल आपूर्ति का टैरिफ भी घरेलू श्रेणी में
अस्थायी कनेक्शन पर 2 साल बाद सामान्य घरेलू टैरिफ लागू
गैर सब्सिडी कृषि पंपों पर छूट 30% से बढ़ाकर 40%
बस्तर और सरगुजा के मोबाइल टावरों को 25% ऊर्जा छूट
किसानों को 100 वॉट तक बिजली उपयोग की सुविधा जारी
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में की गई यह बढ़ोतरी व्यापक प्रभाव डालने वाली है। घरेलू उपभोक्ताओं, व्यापारियों और किसानों सभी पर इसका असर दिखाई देगा। कुछ क्षेत्रों में राहत दी गई है, लेकिन कुल मिलाकर बिजली खर्च में वृद्धि तय है। आने वाले समय में उपभोक्ताओं के बजट पर इसका वास्तविक प्रभाव सामने आएगा।
FAQ
- छत्तीसगढ़ में बिजली दरें कितनी बढ़ाई गई हैं?
छत्तीसगढ़ में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरें 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट बढ़ाई गई हैं। वहीं गैर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। - क्या कृषि उपभोक्ताओं पर भी असर पड़ेगा?
हां, कृषि पंपों की बिजली दरों में 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि गैर-सब्सिडी पंपों को छूट में बढ़ोतरी दी गई है। - क्या किसी क्षेत्र को राहत भी दी गई है?
हां, बस्तर और सरगुजा क्षेत्रों के मोबाइल टावरों को ऊर्जा शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट दी गई है। साथ ही कुछ श्रेणियों में टैरिफ में बदलाव कर राहत दी गई है।
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