रायगढ़ सट्टा केस: आरोपी शहबाज को सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत, सरकार को नोटिस
समझें क्या है पूरा मामला...
रायगढ़ में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा चलाने के आरोपी शेख मोहम्मद शहबाज को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उसने शीर्ष अदालत में विशेष अनुमति याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट की अवकाशकालीन खंडपीठ ने उसे अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। साथ ही छत्तीसगढ़ शासन को दो सप्ताह में जवाब देने का नोटिस भी जारी हुआ।
रायगढ़ में कैसे हुआ था खुलासा
मामला अप्रैल 2025 का है। रायगढ़ की कोतवाली पुलिस ने गांजा चौक स्थित एक दुकान पर छापा मारा। वहां से अमित अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने उसके पास से नकदी और मोबाइल फोन जब्त किए। पूछताछ में ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का खुलासा हुआ।
आरोप है कि शहबाज और उसके साथी "आल पेनलेक्सचेव डॉट कॉम" आईडी के जरिए ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा चला रहे थे। इसके बाद छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 के तहत मामला दर्ज हुआ।
हाई कोर्ट ने क्यों ठुकराई थी जमानत
30 अप्रैल 2026 को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने शहबाज और अन्य आरोपितों की नियमित जमानत याचिका खारिज की थी।
हाई कोर्ट ने कहा था कि ऑनलाइन सट्टेबाजी एक संगठित आर्थिक अपराध है। इसका देश की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ता है। अपराध की गंभीरता देखते हुए जमानत देने से इनकार हुआ।
कोलकाता से पकड़ा गया था शहबाज
हाई कोर्ट ने यह भी कहा था कि मामले का खुलासा होने के बाद शहबाज लंबे समय तक फरार रहा। स्थायी वारंट जारी होने के बाद उसे कोलकाता से गिरफ्तार किया गया। अदालत ने इस फरारी को जमानत के खिलाफ एक अहम वजह माना था।
इसके अलावा 2016 से 2025 के बीच उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, आत्महत्या के लिए उकसाने, आर्म्स एक्ट (Arms Act) और जुआ से जुड़े कई आपराधिक मामले दर्ज होने का भी जिक्र आदेश में था।
सुप्रीम कोर्ट ने दिया अंतरिम जमानत का आदेश
हाई कोर्ट से राहत न मिलने के बाद शहबाज ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका यानी एसएलपी (SLP - Special Leave Petition) दायर की।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस संजीव सचदेवा की अवकाशकालीन खंडपीठ ने सुनवाई की। खंडपीठ ने उसे अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
शासन को नोटिस, दो हफ्ते में जवाब देना होगा
सुप्रीम कोर्ट ने जमानत के साथ-साथ छत्तीसगढ़ शासन को नोटिस भी जारी किया है। शासन को दो सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करना होगा। अब मामले की अगली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट दोनों पक्षों को सुनेगा। सभी की नजरें अगली तारीख पर टिकी हैं।
FAQ
- रायगढ़ ऑनलाइन सट्टा मामला क्या है?
यह मामला कथित ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा रैकेट से जुड़ा है, जिसमें आरोप है कि आरोपी और उसके साथी वेबसाइट/आईडी के जरिए अवैध सट्टा संचालन कर रहे थे। - ऑनलाइन सट्टा केस में क्या कार्रवाई हो सकती है?
ऑनलाइन सट्टा केस में पुलिस FIR दर्ज कर गिरफ्तारी कर सकती है। इसके अलावा जुआ कानून और IT एक्ट के तहत केस दर्ज होता है, बैंक अकाउंट व डिजिटल डिवाइस जब्त किए जा सकते हैं और दोष साबित होने पर जुर्माना व जेल की सजा भी हो सकती है।
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