फल के बाद सब्जियों में मिली अफीम, 17 दिन में पांचवे खेत में उगी फसल

Harrison Masih | Mar 23, 2026, 12:09 IST
raigarh Lalunga opium farm found between vegetables
छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अफीम की अवैध खेती के लगातार मामले सामने आ रहे हैं, जिससे संगठित नेटवर्क की आशंका बढ़ी है। वही पुलिस जांच में जुटी हुई है, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी है।

NEWS IN SHORT

  • रायगढ़ में लैलूंगा में 50 डिसमिल पर अफीम पकड़ी।
  • तीन जगह अवैध खेती मिली।
  • तमनार ब्लॉक आमाघाट में भी अफीम मामला।
  • झारखंड निवासी मार्शल सांगा 10-12 साल से खेती।
  • खेत तरबूज-ककड़ी के नाम पर लिया गया।

NEWS IN DETAIL

छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम की खेती के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला रायगढ़ जिला से सामने आया है, जहां लैलूंगा थाना क्षेत्र में तीन जगह में अफीम की खेती पाई गई है। करीब 50 डिसमिल जमीन पर अफीम की खेती किए जाने का खुलासा हुआ है। पुलिस को जैसे ही इसकी सूचना मिली, टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई। प्रारंभिक जांच में यह साफ हुआ है कि खेती योजनाबद्ध तरीके से की जा रही थी।



पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जिले में बीते दो दिनों में यह दूसरा मामला है, जबकि पिछले 17 दिनों में यह पांचवीं बार है जब अवैध अफीम की खेती पकड़ी गई है। लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने प्रशासन और पुलिस की चिंता बढ़ा दी है।



आमाघाट में अफीम खेती

इससे पहले तमनार ब्लॉक के आमाघाट क्षेत्र में भी अफीम की खेती का बड़ा मामला सामने आया था। जांच में यह जानकारी मिली कि झारखंड निवासी मार्शल सांगा पिछले 10-12 वर्षों से यहां खेती कर रहा था। उसने स्थानीय किसान से खेत किराए पर लिया था, जहां वह तरबूज और ककड़ी उगाने के नाम पर खेती करता था, लेकिन असल में वहां अफीम की फसल उगाई जा रही थी।



बताया जा रहा है कि मार्शल सांगा झारखंड से आकर अपने ससुराल तमनार में बस गया था। झारखंड में उसके साथी पहले से ही अफीम की खेती करते थे और उसी से प्रेरित होकर उसने यहां भी यह अवैध काम शुरू किया। हालांकि पुलिस अभी इस पूरे नेटवर्क और उसके सहयोगियों की जांच कर रही है।



लगातार बढ़ रहे अफीम खेती के मामले

प्रदेश में हाल के दिनों में सामने आए मामलों की बात करें तो 7 मार्च को दुर्ग अफीम केस का मामला सामने आया था। इसके बाद 10 मार्च को कुसमी और 12 मार्च को कोरंधा में भी इसी तरह के मामले सामने आए। वहीं 21 मार्च को फिर से रायगढ़ के तमनार क्षेत्र में अफीम की अवैध खेती का खुलासा हुआ था।



प्रदेश में अफीम नेटवर्क सक्रिय

लगातार मिल रहे इन मामलों से यह संकेत मिल रहा है कि प्रदेश के कई इलाकों में संगठित तरीके से अफीम की खेती की जा रही है। पुलिस अब इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए बड़े नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए निगरानी और कड़ी की जाएगी।



निष्कर्ष

लगातार सामने आ रहे मामलों से स्पष्ट है कि प्रदेश में अफीम की अवैध खेती संगठित रूप ले चुकी है। विभिन्न जिलों में एक ही पैटर्न पर खेती किया जाना नेटवर्क की ओर इशारा करता है। पुलिस की कार्रवाई से इस अवैध कारोबार की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं। कड़ी निगरानी और सख्त कार्रवाई से ही इस पर प्रभावी रोक संभव है।



ये खबरें भी पढ़ें...

छत्तीसगढ़ की चिट्ठी: अफीम, अफसर और अफरा-तफरी ने मौसम ही नहीं मिजाज भी बदला



रायगढ़ में 2 करोड़ की अफीम जब्त, तरबूज-ककड़ी की आड़ में चल रही थी खेती



Durg opium farming; बीजेपी नेता के भाई की दुकान पर चला बुलडोजर, 62 हजार किलो अफीम जब्त



Durg Afeem Case: भाजपा नेता तक अफीम के बीज पहुंचाने वाला छोटूराम जोधपुर से गिरफ्तार



Tags:
  • अफीम
  • लैलूंगा
  • अफीम की खेती
  • दुर्ग अफीम केस
  • Durg Afeem Case
  • Durg opium farming