रायपुर में एआई वीडियो विवाद : साइबर सेल हुआ अलर्ट, एफआईआर दर्ज
समझें क्या है पूरा मामला
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एआई से तैयार वीडियो को लेकर विवाद हुआ है। फेसबुक के एक पेज पर आपत्तिजनक धार्मिक दावे किए गए हैं। इन वीडियो में हिंदू देवी-देवताओं को लेकर भ्रामक बातें दिखाई गई हैं। हिंदू संगठनों की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस की साइबर सेल अब इस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है।
AI वीडियो पर रायपुर में विवाद
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक नया विवाद सामने आया है। यह विवाद सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए कुछ वीडियो को लेकर है। इन वीडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किया गया है। फेसबुक के एक पेज पर ऐसे 50 से ज्यादा वीडियो अपलोड हैं। इन वीडियो में किए गए दावों से हिंदू संगठनों में भारी नाराजगी है।
नाराज हिंदू संगठनों ने इस मामले की शिकायत पुलिस से की है। उन्होंने रायपुर के सिविल लाइन थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात आरोपियों पर एफआईआर (FIR - First Information Report) दर्ज कर ली है। अब इस मामले की आगे की जांच पुलिस की साइबर सेल को सौंप दी गई है।
फेसबुक पेज पर भ्रामक दावे
पुलिस के अनुसार जिस फेसबुक पेज पर वीडियो डाले गए हैं उसका नाम 'From Heaven to Earth' है। इस पेज पर अपलोड वीडियो में बेहद भ्रामक दावे किए गए हैं। वीडियो में ईसा मसीह को हिंदू देवी-देवताओं का पिता बताया गया है। इतना ही नहीं वीडियो में भगवान शिव और भगवान विष्णु को भी दिखाते हुए अजीब दावे किए गए हैं।
वीडियो में कथित तौर पर दिखाया गया है कि भगवान राम उपदेश ले रहे हैं। इसके साथ ही ईसा मसीह को भगवान हनुमान से भी अधिक शक्तिशाली दिखाने की कोशिश हुई है। हिंदू संगठनों का साफ आरोप है कि इन वीडियो का मकसद धार्मिक भावनाएं भड़काना है। बजरंग दल के अध्यक्ष रवि वाधवानी ने भी इस पर कड़ा ऐतराज जताया है।
कार्टून के रूप में दिखाया
बजरंग दल के अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मसीही समाज के कुछ लोग इन्हें शेयर कर रहे हैं। वीडियो में हिंदू देवी-देवताओं को कार्टूननुमा पात्रों के रूप में दिखाया गया है। संगठनों का कहना है कि यह सीधे तौर पर आस्था का अपमान है। इस तरह के एआई वीडियो से समाज में शांति व्यवस्था बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन वीडियो को बनाने में एआई (AI - Artificial Intelligence) का इस्तेमाल हुआ है। वीडियो बनाने के लिए करीब आधा दर्जन टूल्स और मोबाइल एप्स का सहारा लिया गया है। इसमें सबसे मुख्य तकनीक डीपफेक की बताई जा रही है। डीपफेक तकनीक से किसी भी चेहरे या आवाज को आसानी से बदला जा सकता है।
एक्सपर्ट ने दी सलाह
साइबर क्राइम एक्सपर्ट मुकेश चौधरी ने इस मामले पर अपनी राय दी है। उनका कहना है कि पुलिस को सोशल मीडिया की निगरानी तेज करनी होगी। इसके लिए पुलिस को खास सॉफ्टवेयर और एआई आधारित टूल्स का उपयोग करना चाहिए। पुलिस के पास एआई फोरेंसिक सॉफ्टवेयर का होना अब बहुत जरूरी हो गया है।
फोरेंसिक सॉफ्टवेयर की मदद से एआई कंटेंट और वीडियो की सही जांच हो सकेगी। इससे यह भी पता लगाया जा सकता है कि वीडियो कहां और किसने बनाया है। पुलिस आईटी (IT - Information Technology) एक्ट-2026 के तहत संबंधित सर्विस प्रोवाइडर कंपनी को नोटिस भेज सकती है। कंपनी से आरोपी की पूरी जानकारी मांगी जा सकती है।
FAQ
- रायपुर में किस फेसबुक पेज को लेकर विवाद हुआ है?
उतर: रायपुर में 'From Heaven to Earth' नाम के फेसबुक पेज को लेकर विवाद हुआ है। इस पेज पर एआई से बने भ्रामक धार्मिक वीडियो अपलोड किए गए थे। - वीडियो में किस तरह के भ्रामक दावे किए गए हैं?
उत्तर: वीडियो में ईसा मसीह को हिंदू देवी-देवताओं का पिता बताया गया है। साथ ही भगवान राम को उपदेश लेते हुए और हनुमान जी से शक्तिशाली दिखाया गया है। - इंटरनेट और सोशल मीडिया अपराधों की जांच के लिए पुलिस किस कानून (एक्ट) के तहत सर्विस प्रोवाइडर को नोटिस भेज सकती है?
उत्तर: पुलिस इस तरह के साइबर अपराधों और एआई के दुरुपयोग की जांच के लिए आईटी एक्ट-2026 (IT Act-2026) के तहत संबंधित सोशल मीडिया कंपनियों को नोटिस जारी कर जानकारी मांग सकती है.
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