रायपुर में किताब घोटाला : साइज छोटी कर प्रिंटरों ने डकारे करोड़ों
NEWS IN SHORT
- रायपुर में किताबों की छपाई में हुआ करोड़ों का घोटाला
- संवाद के प्रिंटरों ने घटाई किताबों की साइज, सरकार को हुआ भारी नुकसान
- मुख्यमंत्री ने लिया एक्शन, प्रिंटरों के खिलाफ शुरू हुई जांच
- संवाद के नए सीईओ ने टेंडर निरस्त कर प्रिंटरों का खेल बेनकाब किया
- किताबों की क्वालिटी और साइज में गड़बड़ी, सरकार को 10 करोड़ का नुकसान
NEWS IN DETAIL
Raipur। रायपुर में किताब घोटाला :किताबों की छपाई में रायपुर के प्रिंटरों ने एक बार फिर गड़बड़ी करते हुए सरकारी पुस्तकों की साइज घटाकर करोड़ों का नुकसान कर दिया। इससे पहले भी ऐसी धोखाधड़ी की आशंका को देखते हुए संवाद के सीईओ ने टेंडर को निरस्त कर दिया था। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
किताबों के आकार में कमी की वजह से सरकार को लाखों का नुकसान हुआ। संवाद ने जिन किताबों की साइज तय की थी, प्रिंटरों ने उसमें कटौती की और साथ ही क्वालिटी में भी छेड़छाड़ की। इस घोटाले का अनुमानित नुकसान 10 करोड़ के आसपास है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, संवाद के प्रकाशन विभाग के अधिकारी और प्रिंटरों की मिलीभगत से यह खेल चल रहा था। अक्सर किताबों की साइज कम करना, क्वालिटी घटाना और कम संख्या में किताबें छापना आम बात बन गई थी। संवाद के अधिकारी आंख मूंदकर प्रिंटरों से बिलों को पास कर देते थे, चाहे किताबों की संख्या या क्वालिटी सही न हो।
हालांकि, संवाद के नए सीईओ रजत बंसल ने इस घोटाले को पकड़ते हुए एक कड़ा कदम उठाया। उन्होंने टेंडर को निरस्त कर दिया, जिससे प्रिंटरों के सारे खेल की हवा निकल गई। यह कदम मुख्यमंत्री सचिवालय तक पहुंचा और मुख्यमंत्री ने तुरंत एक्शन लेने की बात कही।
घोटाले का खुलासा
इस बार संवाद ने एक नई पहल करते हुए गोपनीय सेंपलिंग करवाई। इसके तहत, ट्रांसपोर्टेशन के दौरान किताबों के असली साइज और क्वालिटी को चेक किया गया। परिणामस्वरूप, 10 में से 8 प्रिंटरों ने अपनी किताबों की साइज घटाई और क्वालिटी भी खराब की। यह सारा खेल अब उजागर हो गया है, जिससे साफ साबित हो गया कि प्रिंटरों ने जानबूझकर घटिया क्वालिटी की किताबें भेजी थीं।
संवाद के सीईओ रजत बंसल ने इस पर कार्रवाई करते हुए कहा कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
FAQ
1. घोटाला क्या था?
प्रिंटरों ने किताबों की साइज घटाई और क्वालिटी कम की, जिससे सरकार को 10 करोड़ का नुकसान हुआ।
2. कैसे खुलासा हुआ?
संवाद ने गोपनीय सेंपलिंग की, जिसमें 8 प्रिंटरों ने साइज घटाकर और क्वालिटी कम करके घोटाला किया।
3. क्या कदम उठाए गए?
सीईओ रजत बंसल ने टेंडर निरस्त कर दिया और मुख्यमंत्री ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
4. नुकसान कितना हुआ?
सरकार को 10 करोड़ का नुकसान हुआ है।
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