ऐसा कोई सगा नहीं जिसको इन्होंने ठगा नहीं, सीएम विष्णु देव साय बोले- कांग्रेस ने की ठगी की राजनीति
News In Short
- मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर ठगी की राजनीति का आरोप लगाया।
- कांग्रेस की योजनाएं कागजों तक ही सीमित रही।
- शराब दुकानों को कांग्रेस का "एटीएम" बताया।
- ईमानदार अधिकारियों को कांग्रेस शासन में प्रताड़ना मिली।
- कांग्रेस सरकार में खनिज राजस्व पर ब्रेक लगाया गया।
News In Detail
विधानसभा में अपने विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। सीएम ने कहा कि प्रदेश की जनता आज भी कांग्रेस के पांच साल के कुशासन को भूली नहीं है।
सीएम ने कहा कि उस दौर में एक ही संवाद गूंजता था “ऐसा कोई सगा नहीं, जिसे इन्होंने ठगा नहीं।” मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस न्याय की बात करती है, लेकिन उसने न आम जनता के साथ न्याय किया और न ही अपने ही लोगों के साथ।
कागजों में रहीं कांग्रेस की योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार की योजनाएं कागजों तक सीमित रहीं। उन्होंने नरवा, गरुवा, घुरुवा, बारी योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इनका वास्तविक हाल प्रदेश की जनता भलीभांति जानती है। गौठानों की स्थिति पर उन्होंने कहा कि पशुविहीन गौठानों में जनता की भारी राशि खर्च की गई, लेकिन वहां गौमाता की दुर्दशा देखकर अत्यंत पीड़ा होती थी।
शराब की दुकानें कांग्रेस का एटीएम
मुख्यमंत्री ने आबकारी व्यवस्था को लेकर कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शराब दुकानों में दो काउंटर चलाए जाते थे एक का पैसा विभाग को जाता था और दूसरा कांग्रेस का “एटीएम” था। उन्होंने कहा कि यह पैसा कहां-कहां जाता था, यह सबको मालूम है।
सीएम विष्णु देव सायने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी संवैधानिक संस्थाओं में दागी लोगों की नियुक्ति युवाओं के साथ जघन्य अन्याय था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब एक एजेंडे के तहत किया गया और कुछ लोगों ने इसका लाभ उठाकर पूरे “कुटुंब” को फायदा पहुंचाया, लेकिन अब ऐसे लोग कानून के दायरे में हैं।
ईमानदार अधिकारियों को प्रताड़ना मिली
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस शासन में ईमानदार अधिकारियों को प्रोत्साहन नहीं, बल्कि प्रताड़ना मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्रालय में अनुशासन का अभाव था और कोविड के बाद तो नेतृत्व का वहां जाना भी लगभग बंद हो गया था।
आर्थिक विकास पर ब्रेक
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के आर्थिक विकास और रोजगार सृजन में खनिज राजस्व की अहम भूमिका है, लेकिन कांग्रेस के पांच वर्षों में इस क्षेत्र की तरक्की पर ब्रेक लग गया। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रांजिट पास को ऑनलाइन के बजाय मैनुअल कर करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार किया गया और जनता के हिस्से का पैसा निजी लाभ में चला गया।
कलेक्टरों पर बनाया दवाब
डीएमएफ को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में नियमों की अनदेखी कर गैरजरूरी और गुणवत्ताहीन कार्यों में राशि खर्च की गई। उन्होंने कहा कि कलेक्टरों को फोन कर दबाव बनाया जाता था और डीएमएफ संहिता के विरुद्ध खर्च किए जाते थे, जिसकी जांच अब राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है।
ढाई-ढाई साल की खींचतान
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस सरकार पर आंतरिक सत्ता संघर्ष का आरोप लगाते हुए कहा कि वहां ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री पद की खींचतान चलती रही, जबकि वर्तमान में प्रदेश में डबल इंजन सरकार है, जिससे विकास की गति दोगुनी हुई है।
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