रायपुर में 8 महीने में 26 मर्डर, पुलिस कमिश्नर सिस्टम पर उठ रहे सवाल
Raipur : राजधानी रायपुर में इस साल 23 अगस्त तक हत्या के 26 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा हत्याएं मई और अगस्त महीने में हुई हैं। दोनों महीनों में छह-छह हत्या के मामले सामने आए। यह आंकड़ा रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने आरटीआई की जानकारी में दिया है। जनवरी से लेकर 23 अगस्त 2026 तक रायपुर पुलिस कमिश्नरेट में जनवरी के अंतिम सप्ताह से अगस्त के तीसरे सप्ताह तक कुल 26 हत्या के मामले दर्ज हुए। यह आंकड़ा पुलिस कमिश्नर सिस्टम पर सवाल खड़े कर रहा है। कमिश्नरेट बनने के बाद भी अपराधी बेख़ौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
8 महीने में 26 मर्डर
यह आंकड़े 23 जनवरी से 23 अगस्त तक के हैं। जनवरी में हत्या का एक मामला सामने आया। इसके बाद फरवरी में दो और मार्च में चार हत्याएं हुईं। अप्रैल में भी हत्या के चार मामले सामने आए। इसके बाद मई में यह संख्या बढ़कर छह हो गई। जून में हत्या के मामलों में कमी आई और पूरे महीने में एक मामला दर्ज हुआ। जुलाई में दो हत्या के मामले सामने आए।अगस्त में एक बार फिर हत्या के मामलों में तेजी दिखाई दी। 23 अगस्त तक ही छह हत्या के मामले दर्ज किए जा चुके थे। यानी अगस्त का आंकड़ा पूरे महीने का नहीं है, बल्कि 23 अगस्त तक का है। इसके बावजूद यह संख्या मई के पूरे महीने में दर्ज छह मामलों के बराबर पहुंच गई।
ये है माहवार आंकड़ा :
23 जनवरी 2026 - 1
फरवरी 2026 - 2
मार्च 2026 - 4
अप्रैल 2026 - 4
मई 2026 - 6
जून 2026 - 1
जुलाई 2026 - 2
23 अगस्त 2026 तक - 6
कुल - 26
इन आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी से अप्रैल के बीच हत्या के मामलों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ी। मार्च और अप्रैल में चार-चार मामले दर्ज हुए। मई में यह संख्या छह तक पहुंच गई। जून में इसमें अचानक गिरावट आई और केवल एक मामला दर्ज हुआ। जुलाई में दो मामले सामने आए, जबकि अगस्त के शुरुआती 23 दिनों में ही छह हत्या के मामले दर्ज किए गए।
औसतन हर महीने तीन से ज्यादा हत्याएं
पुलिस के इस आंकड़े के अनुसार 23 जनवरी से 23 अगस्त तक करीब सात महीने की अवधि में 26 हत्या के मामले सामने आए। यानी उपलब्ध अवधि के आधार पर औसतन हर महीने तीन से अधिक हत्या के मामले दर्ज हुए। खास बात यह है कि मई और अगस्त के आंकड़े सबसे अधिक हैं। मई में छह हत्याएं दर्ज हुईं, जबकि अगस्त में 23 तारीख तक ही छह मामले सामने आ चुके थे।
दूसरे शहरों में भी कमिश्नरेट पर विचार
सरकार रायपुर के बाद दुर्ग और बिलासपुर में भी कमिश्नर सिस्टम लागू करने पर विचार कर रही। सरकार की कोशिश अपराधों को कम करना है। लेकिन रायपुर के आंकड़े दिखाते हैं कि अपराधी अभी भी बेख़ौफ हैं। कांग्रेस का कहना है कि सरकार अपराध पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हुई है। लोग यहां पर अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रहे हैं
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