रायपुर फ्रॉड : दोना-पत्तल मशीन बेचने के नाम पर 6 राज्यों में बड़ी ठगी
समझें क्या है पूरा मामला
रायपुर में दोना-पत्तल बनाने की मशीन बेचने के नाम पर बड़ी ठगी सामने आई है। डीडी नगर थाना पुलिस ने उड़ान मशीनरी विक्रेता एवं भारतीय महिला फाउंडेशन के संचालक शैलेंद्र कुमार रजक के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया है। सोशल मीडिया पर विज्ञापन देखकर 30 से अधिक लोगों ने संपर्क किया था और करोड़ों रुपए गंवा दिए। आरोपी का नेटवर्क छत्तीसगढ़ समेत 6 राज्यों तक फैला है। अब तक 15 से 20 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं।
कैसे फँसाया गया लोगों को
पीड़ितों के मुताबिक सोशल मीडिया पर प्रसारित विज्ञापन देखकर उन्होंने शैलेंद्र रजक से संपर्क किया था। आरोपी ने दोना-पत्तल बनाने की मशीन बेचने के साथ कच्चा माल उपलब्ध कराने, तैयार माल खुद खरीदने और अधिक मुनाफे का भरोसा दिलाया।
इसके अलावा मशीन खराब होने पर एक साल तक मुफ्त तकनीकी सहायता का वादा भी किया गया। इसी भरोसे में आकर लोगों ने मशीन की कीमत और कच्चे माल की सुरक्षा राशि के रूप में 4 लाख से 7 लाख रुपए तक आरोपी को दे दिए।
तीन पीड़ितों की कहानी
बलौदाबाजार के सर्स गांव के चंद्रहास वर्मा ने मशीन के लिए 1.54 लाख और सुरक्षा राशि के रूप में 1.46 लाख — कुल 2.95 लाख रुपए दिए। मशीन एक घंटे बाद ही बंद हो गई। न कच्चा माल मिला, न तकनीशियन भेजा गया।
रायपुर के अमलीडीह की अमृता नायक ने मशीन, कच्चा माल और स्कूटी देने के नाम पर 7.30 लाख रुपए दिए। मशीन और कुछ कच्चा माल मिला, लेकिन स्कूटी और 3.5 लाख रुपए वापस नहीं मिले।
तखतपुर की दुर्गा देवांगन ने किश्तों में 3.85 लाख रुपए दिए। 3 टन कच्चे माल का पैसा लेने के बावजूद केवल 1100 किलो माल मिला। तैयार माल भी नहीं उठाया गया और मशीन लौटाने पर 50 प्रतिशत GST (GST – Goods and Services Tax) काटने की बात कही गई।
6 राज्यों तक फैला नेटवर्क
पीड़ितों का दावा है कि आरोपी ने छत्तीसगढ़ के अलावा ओडिशा, मध्यप्रदेश, झारखंड, हरियाणा और बिहार के लोगों को भी इसी तरह झाँसा दिया। प्रदेश के बिलासपुर, बलौदाबाजार, दुर्ग और धमतरी समेत कई जिलों के लोग शिकायत लेकर डीडी नगर थाने पहुँचे हैं।
आरोपी का बचाव — मैं दोषी नहीं
पुलिस पूछताछ में आरोपी शैलेंद्र कुमार रजक ने कहा कि वह दोषी नहीं है और अभी भी आश्वासन पूरा करने को तैयार है। उसके मुताबिक मशीन की सर्विस एक साल फ्री है और जहाँ-जहाँ से शिकायतें आईं वहाँ टेक्नीशियन भेजा गया था। आरोपी का कहना है कि वह जिस नुओका कंपनी से माल लेता था, वहाँ से माल नहीं आ रहा था, इसलिए लोगों को कच्चा माल नहीं दे पाया।
पुलिस की कार्रवाई जारी
डीडी नगर थाने में पीड़ित चंद्रहास वर्मा ने सबसे पहले FIR (FIR – First Information Report) दर्ज कराई। इसके बाद अन्य पीड़ितों ने भी शिकायतें दीं। पीड़ितों के अधिवक्ता विवेक तनवानी के अनुसार पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए FIR दर्ज की है। ACP (ACP – Assistant Commissioner of Police) देवांश राठौर के मुताबिक अब तक 15 से 20 लोग शिकायत दे चुके हैं। शिकायतों के आधार पर जाँच जारी है और आरोपी का बयान भी लिया जा रहा है।
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