रायपुर से 12 राज्यों में ड्रग्स सप्लाई, पुलिस की सख्ती पर बदला ठिकाना
समझें क्या है पूरा मामला
रायपुर देश में नशे की सप्लाई का मुख्य केंद्र बन गया है। बाहरी राज्यों से बड़ी खेप सड़क और रेल मार्ग से आती है। शहर के आउटर में मकान किराए पर लेकर माल डंप करते हैं। इसके बाद 12 राज्यों में छोटी-छोटी खेप भेजी जाती है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 164 आरोपियों को पकड़ा है।
देश भर में फैला नशीला नेटवर्क
रायपुर शहर नशे का बड़ा सेंटर बन गया है। सड़क और रेल नेटवर्क का तस्कर फायदा उठा रहे हैं। पंजाब और हरियाणा से नशीले पदार्थ आ रहे हैं। असम और राजस्थान से भी खेप रायपुर पहुंच रही है। स्थानीय तस्कर बाहरी नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। वे माल को छोटे हिस्सों में बांटते हैं। फिर इसे 12 राज्यों में सप्लाई किया जाता है। पुलिस अब पूरे सिंडिकेट को खंगाल रही है।
आउटर की कॉलोनियां बनीं ठिकाना
तस्करों ने आउटर कॉलोनियों में घर किराए पर लिए हैं। यहीं पर नशे का सामान सुरक्षित डंप किया जाता है। डिमांड आते ही माल की डिलीवरी शुरू हो जाती है। पिछले 12 साल से यह खेल चल रहा है। राजस्थान बॉर्डर से लगातार माल रायपुर भेजा जा रहा है। कभी भी 100 ग्राम से कम माल नहीं आया। गोवा और महाराष्ट्र के होटलों में माल भेजा जाता है। दिल्ली और मुंबई की पार्टियों में भी सप्लाई होती है।
दुर्ग और भिलाई बने नए अड्डे
रायपुर में पुलिस जांच तेज हो गई है। ऐसे में तस्करों ने ठिकाने बदलने शुरू कर दिए हैं। अब दुर्ग और भिलाई को नया अड्डा बनाया जा रहा है। महासमुंद और धमतरी में भी हलचल बढ़ गई है। पुलिस ने 12 बड़े तस्करों की पहचान की है। राजस्थान के आरोपी रामनिवास से पूछताछ जारी है। आरोपी के फोन से कई अहम सुराग मिले हैं। वह सिर्फ कूरियर की तरह काम करता था।
एमडीएमए से लेकर हेरोइन तक
अलग-अलग राज्यों से नशे की चीजें आ रही हैं। एमडीएमए (MDMA – Methylenedioxymethamphetamine) गुजरात और महाराष्ट्र से आ रहा है। हेरोइन (Heroin) की सप्लाई पंजाब और असम से होती है। अफीम (Opium) की खेती मध्य प्रदेश और राजस्थान में हो रही है। गांजा और कोकीन (Cocaine) भी नेटवर्क का हिस्सा हैं। तस्कर कोड वर्ड और मैसेज पर काम करते हैं। वे मुख्य सरगना से कभी सीधे नहीं मिलते।
अब तक साढ़े पांच करोड़ का सामान जब्त
पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई की है। अब तक 164 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। आरोपियों से करीब साढ़े पांच करोड़ का माल जब्त हुआ है। इसमें गांजा और नशीली गोलियां शामिल हैं। बरामद सामान में 588 किलो गांजा मिला है। इसके अलावा एमडीएमए और कोकीन भी जब्त हुई है। तस्करों के पास से 19 गाड़ियां जब्त की गईं। पुलिस ने 81 मोबाइल भी अपने कब्जे में लिए हैं।
FAQ
- रायपुर नशे का मुख्य केंद्र क्यों बन रहा है?
उत्तर: रायपुर में बेहतर रेल और सड़क कनेक्टिविटी है। तस्कर इसका फायदा उठाकर बाहरी राज्यों से माल लाते हैं। फिर इसे आउटर के किराए के मकानों में डंप कर देते हैं। - रायपुर से तस्कर नशे की खेप कहां-कहां भेज रहे थे?
उत्तर: रायपुर से नशे की खेप 12 राज्यों में भेजी जा रही थी। इसमें गोवा, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना और कर्नाटक शामिल हैं। दिल्ली और मुंबई के बड़े होटलों में भी सप्लाई होती थी। - तस्कर नशे में पुलिस ने मामले में अब तक क्या कार्रवाई की है?
उत्तर: पुलिस ने 164 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 5.50 करोड़ रुपये मूल्य का नशा जब्त हुआ है। साथ ही 19 गाड़ियां और 81 मोबाइल भी जब्त किए गए हैं।
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