निवेश के नाम पर डीएसपी से 5 लाख की ठगी, आरोपी फरार
समझें क्या है पूरा मामला
Raipur। रायपुर में पुलिस विभाग में पदस्थ एक डीएसपी से फाइनेंशियल इन्वेस्टमेंट के नाम पर 5 लाख रुपए की कथित ठगी का मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार, उन्हें रकम दोगुनी करने का भरोसा देकर अलग-अलग स्थानों पर बुलाया गया और बाद में नकदी से भरा सूटकेस गायब हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता डीएसपी की जानकारी
शिकायतकर्ता पुनदास अंचल न्यू राजेंद्र नगर क्षेत्र के निवासी हैं और वर्तमान में पीएचक्यू नया रायपुर में डीएसपी पद पर पदस्थ हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी पहचान नरेश दामोहे नामक व्यक्ति से करीब दो वर्ष पहले हुई थी। आरोपी ने स्वयं को पेशे से वकील बताया था और फाइनेंस तथा निवेश से जुड़े कार्य करने का दावा किया था।
निवेश के नाम पर भरोसा बनाने का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने डीएसपी को अधिक लाभ देने का झांसा देकर निवेश का प्रस्ताव दिया। परिचय पुराना होने और लगातार संपर्क में रहने के कारण अधिकारी ने उस पर भरोसा किया। इसके बाद 5 लाख रुपए नकद निवेश के लिए तैयार किए गए। राशि 500-500 रुपए के नोटों में थी, जिसे दो बंडलों में रखा गया था। यह रकम एक सूटकेस में रखी गई थी, जिसमें कुछ बैंक दस्तावेज भी थे।
कमल विहार से शुरू हुआ घटनाक्रम
शिकायत के अनुसार 25 जून को दोपहर करीब 3:30 बजे डीएसपी को कमल विहार स्थित श्री वेंकट अस्पताल के सामने बुलाया गया। वहां आरोपी ने कहा कि उनके संपर्क में आने वाले लोग अभी नहीं पहुंचे हैं, इसलिए प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। इसके बाद शाम करीब 4:30 बजे उन्हें अभनपुर रोड स्थित प्रोग्रेसिव प्वाइंट बुलाया गया, जहां फिर से निवेश प्रक्रिया पूरी करने का आश्वासन दिया गया।
रात में कटोरा तालाब बुलाया गया
रात करीब 9:06 बजे आरोपी ने फोन कर डीएसपी को कटोरा तालाब स्थित नेताजी चौक बुलाया। वहां आरोपी अपने दो साथियों के साथ मौजूद था। इसके बाद सभी लोग डीएसपी की कार (CG 04 QE 8329) में सवार होकर इलेवन स्टार गार्डन पहुंचे।शिकायत के मुताबिक, वहां कुछ समय बाद तीन अन्य लोग भी पहुंचे और बातचीत के दौरान विवाद की स्थिति बन गई।
विवाद के दौरान सूटकेस गायब होने का दावा
डीएसपी का कहना है कि उन्होंने कार में रखा सूटकेस दिखाया था, जिसमें 5 लाख रुपए नकद और बैंक दस्तावेज थे। विवाद बढ़ने पर वे सुरक्षा कारणों से वाहन से बाहर निकल गए। कुछ देर बाद जब वे वापस कार के पास पहुंचे, तो सूटकेस वहां नहीं था। मोबाइल फोन और कुछ दस्तावेज कार में मौजूद थे, लेकिन नकदी वाला सूटकेस गायब था।
संपर्क टूटने और आरोपियों के फरार होने का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि घटना के बाद आरोपी नरेश दामोहे और उसके साथी मौके से चले गए। इसके बाद अगले दो दिनों तक उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका। डीएसपी ने आरोप लगाया है कि उन्हें अलग-अलग स्थानों पर बुलाकर भ्रमित किया गया और इसी दौरान नकदी गायब कर दी गई।
पुलिस जांच और मामला दर्ज
पुलिस ने शिकायत के आधार पर अमानत में खयानत (Criminal Breach of Trust) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है और कॉल डिटेल्स, मोबाइल लोकेशन तथा आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।
अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट होगी।
IMP FACTS
रायपुर में DSP से 5 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला दर्ज हुआ है
मामला डबल रिटर्न निवेश योजना के नाम पर धोखाधड़ी से जुड़ा है
शिकायतकर्ता DSP पुनदास अंचल, PHQ नया रायपुर में पदस्थ हैं
आरोपी नरेश दामोहे से लगभग दो साल पुरानी पहचान बताई गई है
25 जून को अलग-अलग स्थानों पर बुलाकर पूरी प्रक्रिया कराई गई
रकम 500-500 रुपए के नोटों में 2 बंडलों में रखी गई थी
सूटकेस में नकदी और कुछ बैंक दस्तावेज रखे होने की जानकारी है
कटोरा तालाब के पास विवाद के दौरान सूटकेस गायब होने का आरोप है
पुलिस ने अमानत में खयानत का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है
कॉल डिटेल, लोकेशन और CCTV फुटेज की जांच जारी है
फिलहाल किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है
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