फर्जी ट्रेडिंग ऐप में 1.90 करोड़ का झांसा,रायपुर के कारोबारी से 94.50 लाख की ठगी
समझें क्या है पूरा मामला
- फर्जी ट्रेडिंग ऐप से कारोबारी को लगाया 94.50 लाख का चूना
- Instagram से शुरू हुआ ठगी का खेल, करोड़ों के मुनाफे का दिया झांसा
- ऐप पर दिखाया 1.90 करोड़ का फायदा, पैसे निकालते ही खुला राज
- 80 लाख निकालने पहुंचे कारोबारी, तब सामने आया साइबर फ्रॉड
- ज्यादा मुनाफे के लालच में फंसा कारोबारी, साइबर ठगों ने लूटा पैसा
Raipur। ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग में ज्यादा मुनाफे का लालच देकर साइबर ठगों ने रायपुर के एक रियल एस्टेट कारोबारी को अपना शिकार बना लिया। ठगों ने फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए कारोबारी को पहले करोड़ों रुपये का फायदा दिखाया और फिर अलग-अलग किस्तों में 94.50 लाख रुपए जमा करा लिए। जब कारोबारी ने 80 लाख रुपए निकालने की कोशिश की तो ठगी का पूरा खेल सामने आ गया।
मामले की शिकायत खम्हारडीह थाने में दर्ज कराई गई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और ठगों से जुड़े मोबाइल नंबर, बैंक खातों और ऑनलाइन गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
Instagram से शुरू हुआ संपर्क
पुलिस के मुताबिक शंकर नगर के हाईपार्क निवासी विशाल बरड़िया रियल एस्टेट कारोबारी हैं। उन्होंने बताया कि सात अगस्त को वह Instagram पर शेयर बाजार से जुड़े वीडियो देख रहे थे। (शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी ) इसी दौरान एक ट्रेडिंग से संबंधित Reel के जरिए वह ठगों के संपर्क में आए।
अगले दिन उनके मोबाइल पर मीरा अययर नाम की महिला का मैसेज आया। बातचीत बढ़ने के बाद उन्हें एक WhatsApp ग्रुप में जोड़ा गया। इस ग्रुप को एक बड़ी ट्रेडिंग कंपनी से जुड़ा हुआ बताया गया और यहां शेयर बाजार में निवेश से जुड़ी सलाह दी जाती थी।
रोज मुनाफे का भरोसा देकर बढ़ाया विश्वास
ठगों ने कारोबारी को भरोसा दिलाया कि उनके बताए तरीके से शेयर खरीदने और बेचने पर लगातार फायदा होगा। ग्रुप में रोज दोपहर के समय कुछ कंपनियों के शेयर खरीदने की सलाह दी जाती थी। अगले दिन कीमत बढ़ने पर उन्हें बेचने को कहा जाता था।
कुछ दिनों तक कारोबारी को ऐप पर लगातार मुनाफा दिखाया गया। इससे उनका भरोसा बढ़ गया। इसके बाद 12 अगस्त को उनका ट्रेडिंग अकाउंट बनवाया गया और 13 अगस्त से निवेश शुरू कराया गया।
ऐप में दिखने लगा 1.90 करोड़ का बैलेंस
ठगों ने कारोबारी से अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा करवाए। धीरे-धीरे उन्होंने करीब 94.50 लाख रुपए निवेश कर दिए। इसके बाद फर्जी ट्रेडिंग ऐप में उनकी रकम बढ़कर करीब 1.90 करोड़ रुपए दिखाई जाने लगी।
इतनी बड़ी रकम देखकर कारोबारी को लगा कि उनका निवेश सही दिशा में जा रहा है। ठग इसी फर्जी मुनाफे के जरिए उन्हें और पैसे लगाने के लिए प्रेरित करते रहे।
पैसे निकालने की कोशिश में सामने आई सच्चाई
28 अगस्त को कारोबारी ने अपने खाते से 80 लाख रुपये निकालने का प्रयास किया। इसके बाद ठगों ने बहाने बनाना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि खाते में बड़ी संख्या में IPO शेयर खरीदे गए हैं और रकम निकालने के लिए पहले अतिरिक्त भुगतान करना होगा।
इसके बाद फर्जी ऐप में करीब 1.89 करोड़ रुपए फ्रीज दिखाए गए। ठगों ने कारोबारी को और पैसे जमा करने के लिए दबाव बनाया। उन्होंने डेढ़ करोड़ रुपये तक के लोन का लालच भी दिया और कहा कि आगे चलकर करोड़ों का फायदा होगा।
जांच में खुला फर्जीवाड़ा
कारोबारी को एक ही खाते से इतनी बड़ी संख्या में IPO खरीदने की बात संदिग्ध लगी। उन्होंने खुद पड़ताल शुरू की तो पूरे मामले पर शक हुआ। इसके बाद उन्होंने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत की और बैंक को भी इसकी जानकारी दी।
पुलिस अब इस मामले में फर्जी ट्रेडिंग ऐप, WhatsApp ग्रुप से जुड़े लोगों और पैसे भेजे गए बैंक खातों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल सबूतों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
साइबर पुलिस लगातार लोगों से अपील कर रही है कि शेयर बाजार में निवेश से पहले किसी भी ऐप या कंपनी की सही जानकारी जरूर जांचें। ज्यादा मुनाफे का लालच देने वाले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से सावधान रहें।
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