सेंट्रल जीएसटी की बड़ी कार्रवाई : 17 करोड़ के फर्जीवाड़े में एमपी का कारोबारी गिरफ्तार

Umeshwari Baghel | Jun 10, 2026, 22:37 IST
17 करोड़ के फर्जीवाड़े में एमपी का कारोबारी गिरफ्तार
रायपुर में सेंट्रल जीएसटी टीम ने कारोबारी जयदीप सिंह चंदेल को 17 करोड़ रुपए से अधिक के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट मामले में गिरफ्तार किया है। कंपनी मेरिडियन स्टील्स एंड इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड पर फर्जी बिलों के जरिए टैक्स लाभ लेने का आरोप है।

NEWS IN SHORT

  • सेंट्रल GST टीम ने जयदीप सिंह चंदेल को गिरफ्तार किया
  • 17 करोड़ रुपये से अधिक का फर्जी ITC लेने का आरोप
  • मेरिडियन स्टील्स एंड इंफ्रा पर फर्जी बिलिंग का मामला
  • जांच में दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त, आरोपी 14 दिन हिरासत में
  • जीएसटी फर्जीवाड़ा: पूरे नेटवर्क और जुड़े लोगों की जांच जारी

NEWS IN DETAIL

Raipur। सेंट्रल जीएसटी की टीम ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए मध्यप्रदेश के कारोबारी जयदीप सिंह चंदेल को गिरफ्तार किया है। आरोपी को रायपुर की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। यह गिरफ्तारी जीएसटी फर्जीवाड़े के एक गंभीर मामले में हुई है।



आरोप है 17 करोड़ से अधिक का फर्जी ITC

जांच एजेंसी के अनुसार, जयदीप सिंह चंदेल और उनकी कंपनी मेरिडियन स्टील्स एंड इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड पर फर्जी बिलों के माध्यम से करोड़ों रूपए का अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लेने का आरोप है। विभाग को सूचना मिली थी कि कंपनी बिना वास्तविक माल की खरीदी-बिक्री किए फर्जी इनवॉइस के आधार पर टैक्स लाभ ले रही थी।



28 नवंबर 2025 को कंपनी के ठिकानों पर सर्च और जांच की गई। इस दौरान कई दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त किए गए। जांच के दौरान पता चला कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में कंपनी ने फर्जी और अस्तित्वहीन फर्मों के बिलों के आधार पर करीब 15.14 करोड़ रूपए का ITC लिया।



इसके अलावा जीएसटी रिटर्न की जांच में लगभग 1.98 करोड़ रूपए के अतिरिक्त टैक्स लाभ का मामला भी सामने आया। कुल मिलाकर आरोपित राशि 17.13 करोड़ रूपए से अधिक है।



दस्तावेज और जमा राशि

जांच के दौरान जयदीप सिंह चंदेल का बयान भी दर्ज किया गया। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, उन्होंने DRC-03 के तहत 19.98 लाख रूपए जमा कराए हैं। सेंट्रल जीएसटी का कहना है कि जिन कंपनियों के माध्यम से टैक्स क्रेडिट लिया गया, उनमें से कई का जीएसटी पंजीकरण पहले ही रद्द किया जा चुका था।



विभाग इसे फर्जी बिलिंग और कर चोरी का संगठित मामला मान रहा है। जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं।



जांच जारी, और खुलासों की संभावना

फिलहाल मामले की जांच चल रही है। सेंट्रल जीएसटी टीम पूरे नेटवर्क की निगरानी कर रही है और संभावित साझेदारों की पहचान कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।



विभाग का मानना है कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं है। इसके पीछे व्यापक फर्जीवाड़ा और कई फर्जी कंपनियों का नेटवर्क है, जिसने करोड़ों रूपए के टैक्स लाभ हासिल किए।



IMP FACTS

आरोपी: जयदीप सिंह चंदेल


कंपनी: मेरिडियन स्टील्स एंड इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड


आरोप: 17.13 करोड़ रुपए से अधिक का फर्जी ITC


हिरासत: 14 दिन न्यायिक हिरासत


जमा राशि: DRC-03 के तहत 19.98 लाख रूपए


फर्जी बिलिंग में शामिल: कई अस्तित्वहीन कंपनियां, जिनके GST रजिस्ट्रेशन पहले ही रद्द थे


कार्रवाई: 28 नवंबर 2025 को ठिकानों पर सर्च और दस्तावेज जब्ती


जांच: पूरे नेटवर्क और जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल जारी



विशेषज्ञों की राय

कर विशेषज्ञों का कहना है कि फर्जी ITC मामले में कार्रवाई से यह पता चलता है कि टैक्स चोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि ऐसे मामले अक्सर कंपनियों के बड़े नेटवर्क और जटिल बिलिंग सिस्टम के जरिए अंजाम दिए जाते हैं।



विशेषज्ञों का कहना है कि सेंट्रल जीएसटी की यह कार्रवाई अन्य व्यवसायियों के लिए चेतावनी भी है। फर्जी बिलिंग और अवैध टैक्स लाभ लेने वाले कारोबारियों पर कानूनी कार्रवाई निश्चित है।



FAQ

  1. जयदीप सिंह चंदेल पर क्या आरोप है?
    जयदीप सिंह चंदेल और उनकी कंपनी पर 17.13 करोड़ रुपए से अधिक का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लेने का आरोप है। जांच में पाया गया कि उन्होंने अस्तित्वहीन फर्मों के बिलों के माध्यम से टैक्स लाभ हासिल किया।
  2. अदालत ने आरोपी को क्या सजा दी?
    अदालत ने जयदीप सिंह चंदेल को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा है। इस दौरान जांच एजेंसी मामले की पूरी पड़ताल कर रही है और जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी देख रही है।
  3. फर्जी ITC मामले की जांच की वर्तमान स्थिति क्या है?
    जांच अभी जारी है। सेंट्रल GST टीम पूरे नेटवर्क की निगरानी कर रही है और फर्जी बिलिंग में शामिल अन्य कंपनियों और व्यक्तियों की पहचान कर रही है। आगे और खुलासे होने की संभावना है।

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