सेप्टिक टैंक हादसे में 3 श्रमिकों की मौत पर 30-30 लाख का मुआवजा

Rajesh Lahoti | Mar 18, 2026, 23:38 IST
Photograph: (the sootr)
रायपुर के रामकृष्ण अस्पताल में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान तीन श्रमिकों की जहरीली गैस के कारण मौत हो गई। अस्पताल ने मुआवजा और राहत की घोषणा की है, लेकिन ठेकेदार और प्रबंधन की लापरवाही पर सवाल उठे हैं।

RAIPUR. राजधानी रायपुर के रामकृष्ण अस्पताल में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया है। अस्पताल परिसर के सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन श्रमिकों की मंगलवार को मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके चलते अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।



मुआवजा और राहत का ऐलान

बढ़ते विरोध और संवेदनशील हालात को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल राहत की घोषणा की। अस्पताल के प्रमुख डॉ संदीप दवे ने बताया कि बुधवार दोपहर मृतकों के परिजनों को 30-30 लाख रुपए के मुआवजे के चेक सौंप दिए गए। इसके साथ ही मृतकों के आश्रितों पत्नी या माता-पिता को आजीवन 20 हजार रुपए प्रतिमाह देने का वादा भी किया है।



प्रबंधन ने यह भी घोषणा की है कि मृतकों के परिवार के ब्लड रिलेशन वालों को अस्पताल में आजीवन मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी। वहीं, बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च भी अस्पताल उठाएगा। शेष सुविधाओं से जुड़े दस्तावेज अंतिम संस्कार के बाद परिजनों को सौंपे जाएंगे।



कैसे हुआ हादसा?

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, सेप्टिक टैंक की सफाई का काम ठेके पर दिया गया था। इसी दौरान बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के तीन श्रमिक टैंक के अंदर उतरे और जहरीली गैस की चपेट में आ गए। मौके पर ही उनकी हालत बिगड़ गई और तीनों की जान चली गई। यह घटना एक बार फिर से यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर खतरनाक कामों में श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर कितनी गंभीरता बरती जा रही है।



पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

हादसे के बाद पुलिस ने तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। प्रथमदृष्टया जांच पूरी कर ली गई है और अब जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। प्रशासनिक टीम ने मौके का निरीक्षण कर सेप्टिक टैंक और आसपास के सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। वहीं अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर और प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों ने पुलिस और प्रशासन को घटना से जुड़ी जानकारी दी।



ठेकेदार और प्रबंधन पर उठे सवाल

जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या ठेकेदार ने श्रमिकों को जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए थे या नहीं। यदि लापरवाही साबित होती है, तो ठेकेदार सहित अन्य जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है। इस बीच, अस्पताल प्रबंधन ने घटना की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए कहा है कि वे इस दुखद घड़ी में मृतकों के परिवार के साथ खड़े हैं और हर संभव मदद करेंगे।



अब सभी की नजर प्रशासन की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है। क्या इस दर्दनाक हादसे में दोषियों को सजा मिलेगी या मामला सिर्फ मुआवजे तक सीमित रह जाएगा?



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दर्दनाक हादसा



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