जमीन की नई गाइडलाइन दरें लागू, शहरी इलाकों में बढ़ी कीमतें, ग्रामीण क्षेत्रों में राहत

Harrison Masih | Jan 30, 2026, 18:31 IST
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छत्तीसगढ़ शासन ने रायपुर और कोरबा जिलों के लिए जमीन और मकान की नई गाइडलाइन दरों को मंजूरी दे दी है, जो 30 जनवरी 2026 से लागू हो गई हैं। शहरी क्षेत्रों में दरों में बढ़ोतरी की गई है, जबकि ग्रामीण इलाकों में राहत दी गई है।

NEWS IN SHORT

  • छत्तीसगढ़ सरकार ने रायपुर और कोरबा जिलों के लिए नई गाइडलाइन दरों को मंजूरी दी।
  • संशोधित दरें 30 जनवरी 2026 से लागू, अब सभी रजिस्ट्रियां नई दरों पर होंगी।
  • शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण इलाकों की दरों में बड़ी कटौती की गई है।
  • रायपुर में फाफाडीह की जमीन प्रदेश में सबसे महंगी बनी हुई है।
  • नई दरों से स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्री शुल्क बढ़ने से संपत्ति खरीदना महंगा होगा।

NEWS IN DETAIL

रायपुर और कोरबा में लागू हुई नई गाइडलाइन दरें

छत्तीसगढ़ शासन ने रायपुर और कोरबा जिलों के लिए जमीन और मकान की संशोधित सरकारी दरों (गाइडलाइन रेट) को मंजूरी दे दी है।



ये नई दरें शुक्रवार 30 जनवरी 2026 से प्रभावी हो गई हैं।



महानिरीक्षक पंजीयन कार्यालय के अनुसार, रायपुर और कोरबा के कलेक्टरों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों को केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने स्वीकार कर लिया है।



इसके बाद NIC को सॉफ्टवेयर अपडेट करने के निर्देश दिए गए, ताकि नई दरें तुरंत लागू की जा सकें।



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शहरी-ग्रामीण दरों में बड़ा अंतर

नई गाइडलाइन के तहत शहरी इलाकों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों की दरों में उल्लेखनीय कमी की गई है।



इसका उद्देश्य बाजार मूल्य और गाइडलाइन मूल्य के बीच के अंतर को कम करना है।







प्रॉपर्टी हॉटस्पॉट में बढ़ी कीमतें

रायपुर के वीआईपी रोड, नया रायपुर, अमलीडीह और फाफाडीह जैसे क्षेत्रों में दरों में वृद्धि हुई है। वहीं कोरबा में ट्रांसपोर्ट नगर, कोसाबाड़ी, निहारिका और कटघोरा इलाके महंगे हो गए हैं।



नई दरों के कारण स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क बढ़ जाएगा, जिससे जमीन, मकान और दुकानों की रजिस्ट्री पहले की तुलना में महंगी हो जाएगी।.



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Sootr Knowledge

  • गाइडलाइन दरें सरकार द्वारा तय न्यूनतम संपत्ति मूल्य होती हैं।
  • इन्हीं दरों के आधार पर स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस तय होती है।
  • बाजार मूल्य और गाइडलाइन दर में अंतर टैक्स चोरी को बढ़ावा देता है।
  • दरों का संशोधन राजस्व बढ़ाने में सहायक होता है।
  • शहरीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से गाइडलाइन दरें प्रभावित होती हैं।

Sootr Alert

यदि आपने पुरानी दरों पर रजिस्ट्री का अपॉइंटमेंट लिया था, लेकिन रजिस्ट्री 30 जनवरी 2026 या उसके बाद हो रही है, तो आपको नई दरों के अनुसार ही स्टांप शुल्क देना होगा।



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IMP FACTS

  • लागू तिथि: 30 जनवरी 2026
  • प्रभावित जिले: रायपुर, कोरबा
  • सबसे महंगी जमीन: फाफाडीह (रायपुर)
  • प्रमुख हॉटस्पॉट: VIP रोड, नया रायपुर, अमलीडीह, कोसाबाड़ी
  • दरों को मंजूरी: केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड, रायपुर

आगे क्या

  • नई दरों से राज्य के राजस्व में वृद्धि की संभावना।
  • रियल एस्टेट बाजार में कीमतों में स्थिरता या पुनर्संतुलन।
  • भविष्य में अन्य जिलों में भी दरों के पुनरीक्षण की उम्मीद।

निष्कर्ष

रायपुर और कोरबा में नई गाइडलाइन दरों के लागू होने से संपत्ति की सरकारी कीमतों में बदलाव आया है। जहां एक ओर सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होगी, वहीं आम लोगों के लिए जमीन और मकान खरीदना कुछ हद तक महंगा हो सकता है। यह कदम बाजार और सरकारी मूल्य के अंतर को पाटने की दिशा में अहम माना जा रहा है।



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