रायपुर नगर निगम के पार्षदों ने वापस लिया इस्तीफा, आकाश बने रहेंगे नेता प्रतिपक्ष
रायपुर नगर निगम में कांग्रेस के भीतर चल रहा नेता प्रतिपक्ष का विवाद आखिरकार सुलझ गया है। लंबे समय से जारी खींचतान के बाद कांग्रेस हाईकमान के हस्तक्षेप से समाधान निकला है। पार्टी में मचे घमासान के बीच इस्तीफा दे चुके पांचों पार्षदों ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। वहीं, संदीप साहू को विपक्ष के नेता पद की दौड़ से हटाया गया और आकाश तिवारी ही विपक्ष के नेता बने रहेंगे।
ये खबर भी पढ़ें... बंटी-बबली के 150 करोड़ की ठगी का भंडाफोड़
यह था मामला
पिछले कुछ हफ्तों से रायपुर नगर निगम में कांग्रेस पार्षदों के बीच नेतृत्व को लेकर असंतोष का माहौल बना हुआ था। नेता प्रतिपक्ष की भूमिका को लेकर दो गुट बन गए थे, एक गुट आकाश तिवारी के साथ था, जबकि दूसरा संदीप साहू को नया नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने की मांग कर रहा था।
इस विवाद के चलते पांच कांग्रेस पार्षदों ने अपना इस्तीफा सौंप दिया था, जिससे पार्टी की अंदरूनी स्थिति और भी कमजोर दिखने लगी थी। यह मामला धीरे-धीरे सार्वजनिक हो गया और कांग्रेस की संगठनात्मक एकता पर सवाल उठने लगे।
ये खबर भी पढ़ें... अब परीक्षा फॉर्म में बतानी होगी दिव्यांगता, व्यापमं का नया नियम
हाईकमान का दखल और समाधान
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने तत्काल हस्तक्षेप किया। बैठकों और चर्चा के कई दौर के बाद अंततः यह तय किया गया कि संगठन में स्थिरता और एकता बनाए रखने के लिए आकाश तिवारी ही नेता प्रतिपक्ष बने रहेंगे। साथ ही, असंतुष्ट पार्षदों को मनाने में भी सफलता मिली और उन्होंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया।
ये खबर भी पढ़ें... ऑपरेशन सिंदूर : रायपुर की मुस्लिम लड़की का देश विरोधी पोस्ट, मचा बवाल
पार्टी नेताओं की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेताओं ने इसे संगठन की एकता की जीत बताया है। उनका कहना है कि पार्टी में लोकतांत्रिक तरीके से फैसले लिए जाते हैं और अंततः सभी को साथ लेकर चलने की कोशिश की जाती है।
रायपुर नगर निगम में कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष को लेकर उठे विवाद का समाधान संगठन के लिए राहत की खबर है। इससे जहां अंदरूनी असंतोष पर विराम लगा है, वहीं पार्टी की एकजुटता का संदेश भी सामने आया है।
ये खबर भी पढ़ें... बस्तर में 140KM लंबी बिछेगी रेल लाइन,केंद्र ने दिया 3513.11 करोड़ रुपए
FAQ
- Q1: रायपुर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष को लेकर विवाद क्यों हुआ था?
कांग्रेस पार्षदों के बीच नेतृत्व को लेकर मतभेद थे। कुछ पार्षदों ने संदीप साहू को नया नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने की मांग की थी, जबकि आकाश ठाकुर पहले से इस पद पर थे। इस असंतोष के चलते पांच पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया था। - Q2: विवाद का समाधान कैसे निकला?
प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व के हस्तक्षेप और बातचीत के बाद सभी पार्षदों को मनाया गया। इस्तीफे वापस लिए गए और संगठन ने आकाश ठाकुर को ही नेता प्रतिपक्ष बनाए रखने का फैसला किया। - Q3: क्या कांग्रेस में अब एकता बनी रहेगी या फिर से विवाद की आशंका है?
फिलहाल संगठन ने सभी पक्षों को साथ लेकर समाधान निकाल लिया है। हालांकि नेतृत्व को पारदर्शिता और संवाद बनाए रखना होगा ताकि भविष्य में ऐसे विवाद फिर से न हों।
Municipal Corporation | Congress councilors | Akash | Leader of Opposition | Raipur | chattisgarh