देश में पहली बार रायपुर में ऑनलाइन सेप्टिक टैंक सफाई सेवा शुरू, जानिए कैसे करे बुकिंग
NEWS IN SHORT
- देश का पहला डिजिटल FSSM डैशबोर्ड रायपुर में लॉन्च।
- प्रॉपर्टी आईडी या मोबाइल नंबर से ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा।
- मैनुअल सफाई रोकने और सफाई मित्रों की सुरक्षा पर जोर।
- आवेदन से निपटान तक पूरी प्रक्रिया की डिजिटल निगरानी।
- केंद्र सरकार और NIUA के तकनीकी सहयोग से विकास।
NEWS IN DETAIL
शहरी स्वच्छता की दिशा में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर ने देशभर में एक मिसाल पेश की है। रायपुर नगर निगम देश का पहला ऐसा नगर निगम बन गया है जिसने UPYOG आधारित Faecal Sludge and Septage Management (FSSM) डैशबोर्ड के प्रोटोटाइप का सफल शुभारंभ किया है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद अब नागरिकों को सेप्टिक टैंक खाली कराने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने या रसीद कटवाने के लिए घंटों लाइन में लगने की आवश्यकता नहीं होगी।
डिजिटल होगा स्वच्छता का पूरा तंत्र
राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन (NUDM) के तहत विकसित यह नवाचार पूरी तरह से पारदर्शी और प्रभावी है। अब शहरवासी नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर 'ऑनलाइन सेप्टिक टैंक क्लीनिंग' सेक्शन में अपनी प्रॉपर्टी आईडी या मोबाइल नंबर के माध्यम से सीधे आवेदन कर सकते हैं।
यह डैशबोर्ड न केवल आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाता है, बल्कि सेप्टिक टैंक से निकलने वाले कचरे (मल कीचड़) के परिवहन, उपचार और सुरक्षित निपटान की पूरी प्रक्रिया की रियल-टाइम निगरानी भी करेगा।
सफाई मित्रों की सुरक्षा सर्वोपरि
इस डैशबोर्ड का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता सेवाओं में जवाबदेही तय करना और 'सफाई मित्रों' की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के मार्गदर्शन और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (NIUA) के तकनीकी सहयोग से तैयार यह सिस्टम डेटा विश्लेषण के माध्यम से बेहतर निर्णय लेने में मदद करेगा। महापौर मीनल चौबे ने इस अवसर पर कहा कि यह मॉडल शहरी निकायों के लिए एक आदर्श बनेगा, जिससे नागरिक सुविधाओं में सुधार के साथ-साथ सफाई कर्मियों के जीवन की रक्षा भी संभव हो सकेगी।
पुरानी घटनाओं से लिया सबक
रायपुर में इस डिजिटल सिस्टम की आवश्यकता काफी समय से महसूस की जा रही थी, विशेषकर हाल ही में हुई दुखद घटनाओं के बाद। पचपेड़ी नाका स्थित रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में मैनुअल तरीके से सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन सफाईकर्मियों गोविंद सेंद्रे, अनमोल मचकन और प्रशांत कुमार की अकाल मृत्यु हो गई थी।
इस घटना के बाद मैनुअल सफाई के खतरों और निगम की सेवाओं में देरी को लेकर काफी विवाद हुआ था। अस्पताल प्रबंधन और निगम के बीच खींचतान के बीच अंततः पीड़ितों के परिजनों को मुआवजा तो मिला, लेकिन इस घटना ने स्वच्छता प्रबंधन को पूरी तरह मशीनीकृत और डिजिटल बनाने की जरूरत को रेखांकित किया।
प्रमुख विशेषताएं और लाभ
आवेदन की सुविधा: घर बैठे ऑनलाइन पंजीकरण।
पारदर्शिता: आवेदन से लेकर निपटान तक हर कदम की डिजिटल ट्रैकिंग।
सुरक्षा: मैनुअल स्केवेंजिंग (हाथ से सफाई) को हतोत्साहित कर मशीनीकृत सफाई को बढ़ावा।
मॉडल सिस्टम: केंद्र सरकार के संयुक्त सचिव प्रवीर कुमार तथा राघवेंद्र सिंह की उपस्थिति में इसे राष्ट्रीय स्तर पर एक 'आदर्श मॉडल' के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
निष्कर्ष
रायपुर नगर निगम का यह कदम तकनीक के माध्यम से मानवीय गरिमा और सुरक्षा को जोड़ने का एक बेहतरीन उदाहरण है। जहाँ एक ओर इससे भ्रष्टाचार और देरी पर लगाम लगेगी, वहीं दूसरी ओर यह सुनिश्चित होगा कि भविष्य में किसी भी सफाईकर्मी को अपनी जान जोखिम में न डालनी पड़े।
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