18 साल से फाइलों में दबा रायपुर नाला अतिक्रमण, पहली बारिश में डूबा शहर
समझें क्या है पूरा मामला
रायपुर में पहली बारिश के बाद ही भारी जलभराव हो गया है। शहर के दो बड़े नालों पर 95 अवैध कब्जे बने हुए हैं। अरमान और छोकरा नाले का सीमांकन साल 2008 में हुआ था। इसके बाद भी नगर निगम ने आज तक कब्जे नहीं हटाए हैं। अब साल 2026 में निगम दोबारा सीमांकन की रिपोर्ट मांग रहा है।
रायपुर नाला अतिक्रमण से जनता परेशान
राजधानी रायपुर में पहली ही तेज बारिश ने निगम की पोल खोल दी है। शहर के कई इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई है। लोगों के घरों में गंदा पानी घुस गया है। सड़कों पर कई फीट पानी जमा हो गया है। इस वजह से लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।
जांच में सामने आया कि शहर के दो बड़े नाले पूरी तरह ब्लॉक हैं। इन नालों के नाम अरमान नाला और छोकरा नाला हैं। इन दोनों नालों पर 95 से अधिक अवैध निर्माण हो चुके हैं। इस वजह से बारिश का पानी आगे नहीं निकल पा रहा है। हर साल निचली बस्तियों के लोग परेशान होते हैं।
18 साल से फाइलों में दबा मामला
हैरानी की बात यह है कि इन नालों का सीमांकन साल 2008 में हुआ था। तब से लेकर आज तक इन अवैध कब्जों को नहीं हटाया गया है। कई जगहों पर 10 फीट चौड़ा नाला सिमट चुका है। अब यह नाला महज 4 फीट का रह गया है।
अब साल 2026 में नगर निगम ने एक बार फिर हलचल शुरू की है। पार्षदों और जनता के विरोध के बाद अधिकारी जागे हैं। निगम ने नालों से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू करने का दावा किया है। हालांकि यह कार्रवाई कब तक पूरी होगी इसकी गारंटी किसी के पास नहीं है।
पंडरी और शंकर नगर में बुरा हाल
अरमान नाला राजातालाब की तरफ से आता है। इसके बाद यह नाला पंडरी वार्ड में प्रवेश करता है। यहां से होते हुए यह नाला शंकर नगर में जाता है। इन दोनों ही वार्डों में नाले के ऊपर 95 मकान बने हुए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल यहां कब्जे बढ़ते जा रहे हैं। नगर निगम के अधिकारी सब कुछ देखकर भी अनजान बने रहते हैं। छोकरा नाले को भी कई जगहों पर मूरूम डालकर पाट दिया गया है। रसूखदार लोग धड़ल्ले से नाले पर बाउंड्रीवॉल बना रहे हैं। इसकी शिकायत 5 महीने पहले की गई थी लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
FAQ
- रायपुर नाला अतिक्रमण मामला क्या है?
उत्तर: रायपुर के अरमान और छोकरा नाले पर 95 से ज्यादा अवैध कब्जे हैं। इसके कारण 10 फीट का नाला सिमटकर 4 फीट का रह गया है और शहर में जलभराव हो रहा है। - रायपुर नालों का सीमांकन सबसे पहले कब हुआ था?
उत्तर: इन दोनों नालों पर अतिक्रमण हटाने के लिए पहली बार साल 2008 में सीमांकन कराया गया था। हालांकि 18 साल बाद भी कब्जें नहीं हटाए जा सके। - नगर निगम अब इस मामले में क्या कदम उठा रहा है?
उत्तर: नगर निगम ने साल 2026 में दोबारा राजस्व विभाग को पत्र लिखा है। निगम के अधिकारी नए सिरे से रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
यह खबरें भी पढ़ें...
जोहड़ की तीन बीघा जमीन पर अवैध कब्जे, 12 मकान मालिकों को निगम ने दिए नोटिस
छत्तीसगढ़ सिटी फॉरेस्ट स्कीम; कहीं अवैध कब्जे तो कहीं ज़मीन की कमी, रायपुर ने झाड़ा पल्ला
CM Helpline | MP में सरकारी अधिकारियों की शह पर फौजियों की जमीनों पर अवैध कब्जे के आरोप, देखें Video
जयपुर विकास प्राधिकरण: भगवान के मंदिर को जारी किया अवैध कब्जे का नोटिस, बाद में साहब सस्पेंड