रायपुर में 1 करोड़ की साइबर ठगी, शेयर ट्रेडिंग और डीमैट अकाउंट से बनाया शिकार
समझें क्या है पूरा मामला
ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले शहर के लोगों को लगातार झांसा दे रहे हैं। रायपुर में तीन मामलों में करीब 1.02 करोड़ रुपए की ठगी सामने आई है। इसमें सबसे ज्यादा शंकर नगर में रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर बिशाल बराड़िया (35) से 92 लाख रुपए की ठगी हुई। उनकी शिकायत के बाद पुलिस ने 11 लाख रुपए होल्ड कराए हैं।
इसके अलावा शेयर और स्टॉक ट्रेडिंग में ज्यादा मुनाफे का झांसा देकर एक रिटायर्ड कर्मचारी राजकुमार शुक्ल (65) को भी निशाना बनाया गया। वहीं एक अन्य रिटायर्ड कर्मचारी से भी करीब 9.65 लाख रुपए की ठगी हुई।
तीनों मामलों में ठगों ने मुनाफे का लालच देकर पहले भरोसा जीता और फिर बड़ी रकम ऐंठ ली।
प्रॉपर्टी डीलर से कैसे हुई सबसे बड़ी ठगी
पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक कारोबारी विशाल से ठगों ने ऑनलाइन संपर्क कर शेयर ट्रेडिंग में कम समय में ज्यादा मुनाफे का झांसा दिया। शुरुआत में उन्होंने जो रकम निवेश की, उस पर मुनाफा देकर रकम वापस भी की।
इसके बाद उन्हें साइबर ठगों के एक ग्रुप में जोड़कर अलग-अलग खातों में पैसे जमा कराए गए। उन्होंने 8 अगस्त से 9 सितंबर के बीच करीब 92 लाख रुपए ट्रांसफर किए। कई दिनों बाद जब रकम और मुनाफा नहीं मिला, तब उन्हें धोखाधड़ी का पता चला। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
डीमैट अकाउंट खोलने का दिया गया झांसा
दूसरे मामले में भाठागांव के बालकोचौक हाइट्स निवासी एक रिटायर्ड निजी कंपनी कर्मचारी को एक कथित सिक्योरिटीज सेवा से जुड़ा बताकर डीमैट अकाउंट खोलने के लिए लिंक भेजा गया। एक ऐप भी डाउनलोड कराया गया, जिसमें मुनाफे की जानकारी दिखाई जाती थी।
9 से 31 अगस्त के बीच उन्होंने अलग-अलग खातों में करीब 9.65 लाख रुपए जमा कर दिए। बाद में ठगों ने IPO (Initial Public Offering) के नाम पर 35 लाख रुपए और मांगे। पीड़ित ने जब अपनी रकम वापस मांगी, तब उन्हें ठगी का पता चला।
बैंक सीनियर मैनेजर बनकर की गई ठगी
तीसरे मामले में बीज निगम से सेवानिवृत्त राजकुमार शुक्ल (65) को ठग ने खुद को पंजाब नेशनल बैंक का सीनियर मैनेजर बताकर फोन किया। रिटायरमेंट से जुड़ा कार्ड बनाने के नाम पर साइबर ठगों ने एक ऐप डाउनलोड कराया और खाते से जुड़ी जानकारी हासिल कर ली।
इसी तरह तीनों मामलों की पुलिस जांच कर रही है।
साइबर एक्सपर्ट बोले, पहले समझें फिर करें निवेश
साइबर एक्सपर्ट मुकेश चौधरी के मुताबिक स्टॉक मार्केट में निवेश करने से पहले सभी बातों को बेहतर तरीके से समझना जरूरी है। इसके लिए कई संस्थाओं की तरफ से कोर्स भी चलाए जा रहे हैं।
उनके मुताबिक इससे यह जानकारी मिलती है कि स्टॉक मार्केट में निवेश कैसे किया जाए और किस प्लेटफॉर्म से निवेश करना सुरक्षित है। यदि कोई किसी वेबसाइट के जरिए जानकारी लेने को कहे, तो उससे पहले "who.is" जैसी सेवा से उस वेबसाइट की हिस्ट्री जरूर जांचें। हाल ही में बनी वेबसाइट होने पर उसकी निर्माण तारीख से यह पता चल जाता है।
उन्होंने यह भी सलाह दी कि व्हाट्सएप पर भेजे गए किसी भी लिंक पर भूलकर भी क्लिक न करें। किसी ऐप को डाउनलोड करने से पहले यह जरूर देखें कि उसे कितने लोगों ने डाउनलोड किया है और उसके रिव्यू क्या हैं।
पुलिस जागरूक कर रही, फिर भी सतर्कता नहीं
साइबर ठगी से लोगों को बचाने के लिए प्रदेश स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस और साइबर एक्सपर्ट 15 अगस्त से लगातार स्कूल-कॉलेज, दफ्तर और सार्वजनिक स्थानों पर जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
इसमें सतर्कता के लिए जरूरी तकनीकी जानकारी भी दी जा रही है। इसके बावजूद साइबर फ्रॉड में लोग लगातार फंस रहे हैं, जो जागरूकता अभियान के असर पर सवाल खड़ा करता है।
अब आगे क्या
पुलिस तीनों मामलों की अलग-अलग जांच कर रही है। प्रॉपर्टी डीलर के मामले में 11 लाख रुपए होल्ड कराए जाने के बाद बाकी रकम की बरामदगी के लिए भी प्रयास जारी हैं।
आने वाले दिनों में यह देखा जाएगा कि पुलिस इन साइबर ठगी गिरोहों तक कितनी जल्दी पहुंच पाती है और पीड़ितों को उनकी रकम वापस दिलाने में कितनी सफलता मिलती है।
ये खबरें भी पढ़ें...
Raipur fraud case: महिला बैंक मैनेजर से ही लाखों की साइबर ठगी, कार शोरूम संचालक बनकर किया फोन
रायपुर में ठगी: FIR दर्ज होते ही भागे बिल्डर पिता-पुत्र : दफ्तर पर पुलिस का छापा
अंबिकापुर डाकघर में 35 लाख का फर्जीवाड़ा : पोस्ट मास्टर समेत 3 कर्मचारी निलंबित
इन्वेस्टमेंट के नाम पर 50 लाख की ठगी का पर्दाफाश: फर्जी एमसीएक्स कंपनी ने ऐसे खेला खेल...