रायपुर में स्ट्रीट डॉग्स के लिए नया नियम, अब सिर्फ फीडिंग जोन में मिलेगा खाना
NEWS IN SHORT
- रायपुर में आवारा कुत्तों के लिए शहरभर में फीडिंग जोन तैयार
- नगर निगम ने 70 वार्डों में स्ट्रीट डॉग्स के फीडिंग स्थल चिन्हित किए
- जनता सुरक्षा और पशु कल्याण के लिए रायपुर में नया नियम लागू
- आवारा कुत्तों को अब सड़क पर नहीं, सिर्फ फीडिंग जोन में खाना मिलेगा
- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के निर्देश पर रायपुर निगम ने ठोस कदम उठाए
NEWS IN DETAIL
Raipur। रायपुर की सड़कों पर वर्षों से घूमते आवारा कुत्तों के लिए अब एक राहत भरी खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के सख्त निर्देशों का पालन करते हुए नगर पालिक निगम रायपुर ने शहर के समस्त 70 वार्डों में स्ट्रीट डॉग्स के लिए निर्धारित फीडिंग जोन चिन्हित कर लिए हैं
और इन स्थलों पर आवश्यक सूचना बोर्ड भी स्थापित कर दिए गए हैं। यह कदम एक साथ दो बड़े सवालों का जवाब देता है एक तरफ जनता की सुरक्षा और दूसरी तरफ पशु कल्याण।
क्यों आई यह नौबत?
देशभर में आवारा कुत्तों के हमलों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लिया और सभी राज्यों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए। सर्वोच्च न्यायालय ने अगस्त 2025 में आदेश दिया कि पकड़े गए
आवारा कुत्तों को नसबंदी, एंटी-रेबीज टीकाकरण और डी-वॉर्मिंग के बाद उन्हीं इलाकों में वापस छोड़ा जाए जहां से वे पकड़े गए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि सड़कों पर आवारा कुत्तों को खाना खिलाना अब बंद होगा और इसके लिए हर वार्ड में अलग से निर्धारित फीडिंग स्थल बनाए जाएंगे।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इसी आदेश के परिपालन में रायपुर नगर निगम को ठोस कार्रवाई करने का निर्देश दिया, जिसके बाद निगम ने यह प्रक्रिया पूरी की।
रायपुर में कहां-कहां बने फीडिंग जोन?
नगर निगम ने शहर के सभी 10 जोन के अंतर्गत आने वाले 70 वार्डों में अलग-अलग स्थल चिन्हित किए हैं। जोन 1 में बसंत विहार, भनपुरी बाजार, हमर अस्पताल और खमतराई बाजार जैसे इलाकों में फीडिंग जोन तैयार किए गए हैं।
जोन 2 में डब्ल्यूआरएस मैदान, दया भवन और नारायणा हॉस्पिटल के पास के स्थल शामिल हैं। जोन 3 में बीटीआई मैदान, खम्हारडीह थाना के पास और आनंद नगर में स्थल चुने गए हैं। जोन 4 में सारथी चौक, नेहरू नगर और शांति नगर के पास स्थान निर्धारित किए गए।
इसी तरह जोन 5 से लेकर जोन 10 तक हर वार्ड में स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए सार्वजनिक मैदानों, तालाबों के किनारे, सुलभ शौचालयों के पास और सामुदायिक भवनों के निकट फीडिंग जोन तय किए गए हैं।
नसबंदी और टीकाकरण अभियान भी जारी
फीडिंग जोन चिन्हित करने के अलावा नगर निगम आवारा कुत्तों संबंधी शिकायतों पर भी त्वरित कार्रवाई कर रहा है। शिकायत मिलते ही संबंधित क्षेत्र से आवारा कुत्तों को पकड़ा जाता है
और फिर एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) नियमों के तहत उनका डी-वॉर्मिंग, एंटी-रेबीज टीकाकरण और बधियाकरण कराया जा रहा है। इसके बाद उन्हें वापस उन्हीं इलाकों में छोड़ा जाता है। आक्रामक और रेबीज से पीड़ित कुत्तों को अलग रखने का प्रावधान भी लागू किया जा रहा है।
जनता के लिए क्या बदलेगा?
इस व्यवस्था के लागू होने के बाद अब कोई भी नागरिक सड़क पर, गली में या किसी सार्वजनिक स्थान पर आवारा कुत्तों को खाना नहीं खिला सकेगा। खाना खिलाना हो तो निर्धारित फीडिंग जोन में ही जाना होगा।
इससे कुत्तों का एक जगह जमावड़ा नहीं होगा और आम राहगीरों, बच्चों और बुजुर्गों को बेवजह खतरे का सामना नहीं करना पड़ेगा। साथ ही जो लोग नियमित रूप से कुत्तों को खाना खिलाते हैं उनके लिए यह व्यवस्था पशु प्रेम को एक अनुशासित और सुरक्षित ढांचे में लाने का काम करेगी।
शहरवासियों की मिलीजुली प्रतिक्रिया
इस कदम को लेकर रायपुर में मिलीजुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। एक वर्ग इसे पशु कल्याण और जनसुरक्षा के बीच बेहतर संतुलन मानता है, जबकि कुछ लोगों का मानना है कि फीडिंग जोन आवासीय इलाकों के बहुत करीब होने से परेशानी बढ़ सकती है।
हालांकि नगर निगम का कहना है कि स्थलों का चयन स्थानीय जरूरतों और भीड़भाड़ से दूर रखकर किया गया है। कुल मिलाकर यह पहल रायपुर को एक व्यवस्थित और सुरक्षित शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
FAQ
- रायपुर में फीडिंग जोन क्यों बनाए गए हैं?
हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में रायपुर नगर निगम ने यह कदम उठाया है ताकि आवारा कुत्तों को व्यवस्थित तरीके से निर्धारित स्थानों पर खाना मिल सके और सड़कों पर उनका जमावड़ा कम हो। - क्या अब सड़क पर कुत्तों को खाना खिलाना गैरकानूनी है?
हां, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों को खाना खिलाना प्रतिबंधित है। खाना खिलाना हो तो केवल निर्धारित फीडिंग जोन में ही जाना होगा। - रायपुर में कुल कितने फीडिंग जोन बनाए गए हैं?
नगर निगम रायपुर के सभी 70 वार्डों में अलग-अलग फीडिंग जोन चिन्हित किए गए हैं जो 10 जोन में वितरित हैं।
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