राजिम बनेगा नगर पालिका , करोड़ों के विकास का रास्ता खुला
RAIPUR : छत्तीसगढ़ के धार्मिक नगर राजिम को आखिरकार नगर पालिका का दर्जा मिल गया। राज्य सरकार ने नगर पंचायत का उन्नयन कर इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। लंबे समय से स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि इसकी मांग कर रहे थे। अब नगर पंचायत की मौजूदा सीमा ही नगर पालिका की सीमा होगी। सरकार के इस फैसले के बाद पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
धर्म, पर्यटन और संस्कृति का बड़ा केंद्र
राजिम को छत्तीसगढ़ का प्रयाग भी कहा जाता है। यहां महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों का त्रिवेणी संगम है। विश्व प्रसिद्ध राजीव लोचन मंदिर श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। धार्मिक पर्यटन के कारण यह नगर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान भी है। ऐसे महत्वपूर्ण नगर को नगर पालिका का दर्जा मिलने से पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की भी उम्मीद बढ़ गई है। जिससे राजिम बल्कि छग का पर्यटन भी बढ़ेगा।
करीब 20 हजार आबादी को मिलेगा फायदा
राजिम की आबादी करीब 20 हजार के आसपास है। नगर पालिका बनने से स्थानीय नागरिकों को पहले की तुलना में अधिक बजट और बेहतर शहरी सुविधाएं मिलेंगी। राज्य और केंद्र सरकार की कई योजनाओं में नगर पालिकाओं को नगर पंचायतों की तुलना में अधिक वित्तीय सहायता मिलती है। इससे विकास कार्यों की रफ्तार तेज होगी और नगर का विस्तार भी योजनाबद्ध तरीके से हो सकेगा।
सड़क, पानी और सफाई पर होगा बड़ा असर
नगर पालिका बनने के बाद सड़क, नाली, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, कचरा प्रबंधन, सीवरेज, उद्यान और सामुदायिक भवन जैसी सुविधाओं के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे। शहर में नई विकास परियोजनाएं शुरू करना आसान होगा। शहरी अधोसंरचना मजबूत होगी। पर्यटन क्षेत्र होने के कारण सौंदर्यीकरण और यात्री सुविधाओं पर भी अधिक खर्च किया जा सकेगा।
सरकारी योजनाओं का बढ़ेगा दायरा
नगर पालिका बनने से अमृत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) और अन्य शहरी विकास योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से मिल सकेगा। स्थानीय निकाय की प्रशासनिक क्षमता भी बढ़ेगी। टैक्स संग्रह, शहरी नियोजन और नागरिक सेवाओं में सुधार आने की संभावना है। इससे लोगों को रोजमर्रा की सुविधाएं पहले से बेहतर मिलेंगी।
सरकार बोली- विकास को मिलेगी रफ्तार
उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने कहा कि यह फैसला राजिम के सुनियोजित विकास की दिशा में बड़ा कदम है। नगर पालिका बनने से अधिक वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे। आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा। धार्मिक और पर्यटन महत्व वाले इस नगर का विकास अब और तेज गति से हो सकेगा। सरकार को उम्मीद है कि इस फैसले से राजिम आने वाले वर्षों में प्रदेश के प्रमुख विकसित शहरी केंद्रों में शामिल होगा।
FAQ
- राजिम को किस नए निकाय का दर्जा मिला है?
उत्तर: छत्तीसगढ़ के धार्मिक नगर राजिम को अब नगर पालिका का दर्जा मिल गया है। राज्य सरकार ने नगर पंचायत से इसका उन्नयन कर अधिसूचना जारी कर दी है। - राजिम को नगर पालिका बनाने से जनता को क्या फायदा होगा?
उत्तर: इससे राजिम को विकास कार्यों के लिए केंद्र और राज्य सरकार से अधिक बजट मिलेगा। शहर में सड़क, पानी, सफाई और पर्यटन सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो सकेगा। - राजिम का धार्मिक महत्व क्या है?
उत्तर: राजिम को छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहा जाता है क्योंकि यहां महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों का त्रिवेणी संगम है। यहां प्रसिद्ध राजीव लोचन मंदिर भी स्थित है।
यह खबरें भी पढ़ें...
राजिम कुंभ...आस्था की त्रिवेणी में भक्ति, परंपरा और संस्कृति का विराट संगम
रायपुर टू राजिम मेमू ट्रेन को सीएम साय ने दिखाई हरी झंडी, 15 रुपए में होगा 90 मिनट का सफर
रायपुर-राजिम के बीच नई मेमू पैसेंजर ट्रेन की शुरुआत,कल सीएम दिखाएंगे हरी झंडी
रायपुर-राजिम के बीच जल्द दौड़ेगी यह स्पेशल ट्रेन, CM साय करेंगे 18 सितंबर को उद्घाटन