कस्टम मिलिंग घोटाले में रामगोपाल अग्रवाल को 14 दिन की न्यायिक रिमांड, ED की पूछताछ खत्म होते ही जेल भेजने का आदेश
करीब 147 करोड़ रुपए के कथित कस्टम मिलिंग घोटाले में ED की जांच का यह अहम घटनाक्रम है।
पांच दिन में क्या मिला?
ED ने रामगोपाल अग्रवाल को 9 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने उन्हें कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए पांच दिन की रिमांड मांगी थी। अदालत ने रिमांड मंजूर की। अब पूछताछ की अवधि पूरी होने पर उन्हें फिर कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। जांच एजेंसी अब मामले से जुड़े दस्तावेजों, कथित लेनदेन और दूसरे लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
40 से 120 रुपए कैसे हुए?
यह मामला खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 से जुड़ा है। उस दौरान धान की कस्टम मिलिंग पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि 40 रुपए से बढ़ाकर 120 रुपए प्रति क्विंटल कर दी गई थी। ED की जांच के मुताबिक, इस व्यवस्था के दौरान राइस मिलर्स से कथित तौर पर दो किस्तों में 20-20 रुपए प्रति क्विंटल वसूले गए। एजेंसी का आरोप है कि इस रकम को पार्टी फंड के लिए जुटाने में रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका थी। इन आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत को करना है।
2024 में चार्जशीट, अब पूछताछ
इस मामले में ED वर्ष 2024 में ही अदालत में आरोप-पत्र दाखिल कर चुकी थी। लेकिन एजेंसी के मुताबिक, रामगोपाल अग्रवाल से पूछताछ नहीं हो पाई थी। गिरफ्तारी से पहले उनसे रायपुर जेल में भी तीन दिन तक पूछताछ की गई थी। इसके बाद उन्हें कस्टम मिलिंग मामले में गिरफ्तार कर हिरासत में लिया गया। अब पांच दिन की पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
52 करोड़ रुपए पहुंचने का दावा
रामगोपाल अग्रवाल की मुश्किलें सिर्फ कस्टम मिलिंग मामले तक सीमित नहीं हैं। छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले में भी ED ने उनके खिलाफ कार्रवाई की है। एजेंसी ने दावा किया है कि शराब घोटाले से जुड़े करीब 52 करोड़ रुपए कथित तौर पर उन तक पहुंचे। इस मामले में ED ने पूरक आरोप-पत्र भी दाखिल किया है। एजेंसी ने रायपुर में उनकी करीब 9.06 करोड़ रुपए की दो संपत्तियां भी अस्थायी रूप से अटैच की हैं। ये आरोप जांच एजेंसी के दावे हैं, जिनका अदालत में साबित होना बाकी है।
न्यायिक हिरासत में रहेंगे
कस्टम मिलिंग मामले में 14 दिन की न्यायिक रिमांड के आदेश के बाद अब रामगोपाल अग्रवाल जेल में रहेंगे। न्यायिक हिरासत के दौरान ED जरूरत पड़ने पर आगे की पूछताछ के लिए अदालत से अनुमति मांग सकती है। फिलहाल जांच एजेंसी का फोकस कथित वसूली, रकम के लेनदेन और इसमें शामिल लोगों की भूमिका पर है।
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि कस्टम मिलिंग की प्रोत्साहन राशि बढ़ाने के फैसले और कथित वसूली के बीच क्या संबंध था। जांच में सामने आने वाले दस्तावेज और बयान इस मामले की आगे की दिशा तय करेंगे।
- रामगोपाल अग्रवाल को किस मामले में गिरफ्तार किया गया है?
उन्हें छत्तीसगढ़ के कथित कस्टम मिलिंग घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार किया है। - रामगोपाल अग्रवाल को कोर्ट ने कितने दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजा है?
कोर्ट ने रामगोपाल अग्रवाल को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया है। - छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग घोटाला क्या है?
यह मामला खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 के दौरान धान की कस्टम मिलिंग पर प्रोत्साहन राशि बढ़ाने और राइस मिलर्स से कथित वसूली के आरोपों से जुड़ा है।