महिला आरक्षण बिल पर सांसद रंजीत रंजन ने बोला केंद्र पर हमला; बोलीं-आरक्षण लागू करने में जानबूझकर हो रही देरी
NEWS IN SHORT
- महिला आरक्षण बिल पर केंद्र सरकार से नाराज हैं कांग्रेस
- रंजीत रंजन ने आरोप लगाया, सरकार जानबूझकर देरी कर रही है
- चुनाव से पहले विशेष सत्र पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
- महिला आरक्षण को सीट बढ़ाने से जोड़ने पर कांग्रेस ने किया विरोध
- कांग्रेस ने सरकार से बिना शर्त महिला आरक्षण लागू करने की अपील की
NEWS IN DETAIL
Raipur। राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जानबूझकर महिला आरक्षण बिल को लागू करने में देरी कर रही है।
उनका कहना है कि, इस बिल को 2023 में सर्वसम्मति से पास किया गया था, फिर भी सरकार इसे लागू करने के बजाय जनगणना और परिसीमन की शर्तें जोड़कर टाल रही है।
रंजीत रंजन ने कहा, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने 2024 तक महिला आरक्षण लागू करने का वादा किया था, लेकिन बीजेपी इसे लेकर गंभीर नहीं है।
चुनाव से पहले विशेष सत्र पर सवाल
कांग्रेस ने 16 अप्रैल को बुलाए गए विशेष सत्र पर भी सवाल उठाए हैं। रंजन ने इसे राजनीतिक स्टंट बताते हुए कहा कि, चुनाव से ठीक पहले यह सत्र बुलाया गया है। विपक्ष को एक दिन पहले बिल दिया गया, जिससे उसे पढ़ने और समझने का समय नहीं मिला।
सीट बढ़ाने से जोड़ने पर कांग्रेस की आपत्ति
महिला आरक्षण को सीटों की संख्या बढ़ाने से जोड़ने पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि, सरकार को बिना किसी शर्त के मौजूदा 543 सीटों पर ही 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करना चाहिए।
कांग्रेस का स्पष्ट संदेश
कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि महिला आरक्षण बिल से जनगणना और परिसीमन की शर्तें हटा कर इसे तुरंत लागू किया जाए।
नेता जो प्रेस कॉन्फ्रेंस में थे
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के विधायक और पूर्व मंत्री अनिला भेड़िया, विधायक संगीता सिन्हा, चातुरी नंद, अंबिका मरकाम, सावित्री मंडावी, हर्षिता बघेल, शेषराज हरवंश और कविता प्राणलहरे समेत अन्य नेता मौजूद थे।
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