वन मंत्री केदार कश्यप की पत्नी को 20 करोड़ का प्लॉट देने का आरोप, RDA की नगर विकास योजना पर सवाल

Arun Tiwari | Sept 29, 2026, 15:28 IST
केदार कश्यप की पत्नी पर आरोप
रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) की नगर विकास योजना में भूखंडों के पुनर्गठन और आवंटन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने आरोप लगाया है कि वन मंत्री केदार कश्यप की पत्नी से जुड़ी कंपनी को कचना की जमीन के बदले सड्डू में ऐसा भूखंड दिया जा रहा है, जिसकी संभावित कीमत करीब 20 करोड़ रुपए हो सकती है।

उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर योजना निरस्त करने और भूखंडों के पुनर्गठन व आवंटन की जांच कराने की मांग की है। डॉ. गुप्ता के मुताबिक संबंधित कंपनी राधिका पैलेस प्राइवेट लिमिटेड को सड्डू में प्लॉट नंबर 25 दिए जाने का प्रस्ताव है।



इसका क्षेत्रफल 2,168 वर्गमीटर यानी करीब 23,327 वर्गफीट बताया गया है। उनका दावा है कि यह भूखंड प्रस्तावित 150 फीट चौड़ी एमआर-43 सड़क के पास स्थित है। सड़क बनने के बाद इस क्षेत्र में जमीन की कीमत करीब 10 हजार रुपए प्रति वर्गफीट तक पहुंच सकती है। इसी आधार पर प्लॉट की संभावित कीमत करीब 20 करोड़ रुपए है।



कचना में 1.33 एकड़ जमीन:

डॉ. गुप्ता का कहना है कि राधिका पैलेस प्राइवेट लिमिटेड के पास कचना के नालापारा क्षेत्र में करीब 1.33 एकड़ जमीन है। उनके अनुसार इस जमीन तक पहुंचने के लिए संकरी सड़क है और इसी वजह से इसकी बाजार उपयोगिता सीमित थी। उन्होंने दावा किया कि नगर विकास योजना में जमीन को शामिल किए जाने के बाद कंपनी को मूल स्थान से अलग सड्डू में भूखंड दिया जा रहा है। उनके मुताबिक कचना स्थित कंपनी की जमीन को योजना में प्लॉट नंबर 71 के तौर पर दर्शाया गया है और इसे सार्वजनिक सुविधा यानी पब्लिक एमेनिटी के लिए आरक्षित बताया गया है। सवाल है कि यदि मूल जमीन नगर विकास योजना में शामिल की गई है तो उसके बदले फाइनल प्लॉट किसी दूसरे क्षेत्र में क्यों दिया जा रहा है।




एक किलोमीटर दूर प्लॉट देने पर आपत्ति:

कांग्रेस नेता ने छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 50 के प्रावधानों का हवाला देते हुए भूखंड के पुनर्गठन की प्रक्रिया पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि पुनर्गठन के बाद भू-स्वामी को दिया जाने वाला अंतिम भूखंड मूल भूमि या उससे लगे क्षेत्र में होना चाहिए।डॉ. गुप्ता का आरोप है कि कचना स्थित जमीन के बदले सड्डू में प्लॉट दिया जा रहा है, जो मूल भूमि से करीब एक किलोमीटर दूर है। इसी दूरी और दोनों स्थानों की संभावित जमीन कीमतों में अंतर को लेकर उन्होंने पूरी प्रक्रिया की जांच की मांग की है।



मंत्री की पत्नी की कंपनी में हिस्सेदारी :

डॉ. गुप्ता ने राधिका पैलेस प्राइवेट लिमिटेड में मंत्री की पत्नी शांति कश्यप की भूमिका का भी उल्लेख किया है। शांति कश्यप कंपनी की निदेशक हैं और उनके नाम कंपनी में 80 हजार रुपए के शेयर हैं। वर्ष 2023 के चुनावी शपथपत्र में दर्ज जानकारी का भी हवाला दिया है।




दूसरे भू-स्वामियों के आवंटन पर भी सवाल:

डॉ. गुप्ता ने केवल एक भूखंड को लेकर ही सवाल नहीं उठाए हैं। उनका आरोप है कि नगर विकास योजना में कुछ अन्य भू-स्वामियों को भी प्रमुख सड़क के आसपास की जमीन के बजाय अंदरूनी हिस्सों में भूखंड दिए गए हैं। उन्होंने पूरी सूची और पुनर्गठन की प्रक्रिया की जांच की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि अलग-अलग भू-स्वामियों को भूखंड आवंटित करने में किन मानकों का पालन किया गया।



RDA ने कहा दावा-आपत्ति के बाद होगी जांच

मामले में RDA की ओर से कहा गया है कि नगर विकास योजना के तहत भूखंडों का आवंटन निर्धारित प्रक्रिया और नियमों के अनुसार किया गया है। RDA के मुताबिक आवंटन को लेकर दावा-आपत्ति मंगाई गई है। यदि किसी पक्ष की ओर से आपत्ति दर्ज कराई जाती है तो संबंधित कमेटी उसकी जांच करेगी और उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। RDA ने यह भी कहा है कि नगर विकास योजनाओं में बड़े भू-स्वामियों को प्रमुख सड़क के आसपास भूखंड मिलने का प्रावधान प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है।



फिलहाल मामला आरोप और आपत्तियों के स्तर पर है। कांग्रेस नेता ने मुख्य सचिव से योजना को निरस्त कर पूरी प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है, जबकि RDA ने दावा-आपत्ति की प्रक्रिया के बाद नियमानुसार परीक्षण की बात कही है। मंत्री केदार कश्यप की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



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